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Chitrakoot News: डाकू गोप्पा के पक्ष में बयान न देने पर जेल में बंदी से मारपीट के आरोप
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चित्रकूट। जेल के बंदी ने जेलर पर डाकू गोप्पा के पक्ष में बयान न देने पर मारपीट का आरोप लगाया है। डीएम को लिखे पत्र में बताया कि जेलर ने धमकी दी है कि उसके मनमाफिक बयान न दिया तो तीन दिन में उसकी हत्या करा देंगे।
पहाड़ी थाना क्षेत्र हर्रा गांव निवासी रामकृष्ण उपाध्याय ने बताया कि वह जेल में बंद अपने पुत्र कुमकुम उर्फ अखिलेश से 10 जनवरी को मिलने गए थे। बेटे ने बताया कि इसी जेल में बंद परिवार का दुश्मन डाकू गोप्पा आये दिन धमकी देता है। आरोप लगाया कि जेलर डाकू गोप्पा का पक्ष लेकर 9 मई 2016 को हुई तीन लोगों की हत्या मामले में उसके पक्ष में गवाही देने का दबाव बनाया। इन्कार किया तो उसे जेल में ही मारा पीटा और धमकी दी गई है कि तीन दिन के अंदर अगर बयान गोप्पा के पक्ष में न दिया तो उसे मरवा दिया जाएगा। आरोप लगाया कि इसके लिए जेलर ने डाकू गोप्पा से पांच लाख रुपये भी लिये हैं।
रामकृष्ण ने बताया कि इसके बाद से उसका पुत्र जेल में डरा सहमा है। किसी षडयंत्र व अनहोनी की आशंका जताई है। जेल अधीक्षक शशांक पांडेय ने बताया कि यह बिल्कुल गलत आरोप हैं। दोनों को जेल में अलग अलग रखा गया है। इनकी पुरानी दुश्मनी है इसीलिए ऐसे आरोप आये दिन लगाये जाते हैं। कुछ दिन पूर्व कुमकुम की ओर से एक पत्र दिया गया था कि दोनों की पेशी एक साथ न कराई जाए। वीडियो कांफ्रेसिंग से पेशी कराई जाए। इनकी बात मानकर यह व्यवस्था भी कर दी गई है। जेल में किसी तरह की कोई मारपीट नहीं हुई है।
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पहाड़ी थाना क्षेत्र हर्रा गांव निवासी रामकृष्ण उपाध्याय ने बताया कि वह जेल में बंद अपने पुत्र कुमकुम उर्फ अखिलेश से 10 जनवरी को मिलने गए थे। बेटे ने बताया कि इसी जेल में बंद परिवार का दुश्मन डाकू गोप्पा आये दिन धमकी देता है। आरोप लगाया कि जेलर डाकू गोप्पा का पक्ष लेकर 9 मई 2016 को हुई तीन लोगों की हत्या मामले में उसके पक्ष में गवाही देने का दबाव बनाया। इन्कार किया तो उसे जेल में ही मारा पीटा और धमकी दी गई है कि तीन दिन के अंदर अगर बयान गोप्पा के पक्ष में न दिया तो उसे मरवा दिया जाएगा। आरोप लगाया कि इसके लिए जेलर ने डाकू गोप्पा से पांच लाख रुपये भी लिये हैं।
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रामकृष्ण ने बताया कि इसके बाद से उसका पुत्र जेल में डरा सहमा है। किसी षडयंत्र व अनहोनी की आशंका जताई है। जेल अधीक्षक शशांक पांडेय ने बताया कि यह बिल्कुल गलत आरोप हैं। दोनों को जेल में अलग अलग रखा गया है। इनकी पुरानी दुश्मनी है इसीलिए ऐसे आरोप आये दिन लगाये जाते हैं। कुछ दिन पूर्व कुमकुम की ओर से एक पत्र दिया गया था कि दोनों की पेशी एक साथ न कराई जाए। वीडियो कांफ्रेसिंग से पेशी कराई जाए। इनकी बात मानकर यह व्यवस्था भी कर दी गई है। जेल में किसी तरह की कोई मारपीट नहीं हुई है।

खोली में शांतनु का स्वागत करते कांग्रेस कार्यकर्ता। -संवाद
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