{"_id":"75361","slug":"Chitrakoot-75361-42","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल्द समस्याएं न सुलझी तो आमरण अनशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल्द समस्याएं न सुलझी तो आमरण अनशन
Chitrakoot
Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट। उप्र बीटीसी संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक प्रभाकर सिंह ने सरकार पर बीटीसी और विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षुओं के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि बसपा सरकार ने बेसिक शिक्षा को पटरी से उतार दिया, अब रही-सही कसर सपा सरकार पूरी कर रही है। अगर समस्याओं का जल्द समाधान न किया गया तो लखनऊ में आमरण अनशन करेंगे।
उनका कहना है कि बीटीसी प्रशिक्षुओं के पास मुकदमों की पैरवी के लिए धन नहीं है। सरकार बीटीसी-2004, उर्दू बीटीसी-2006 और विशिष्ट बीटीसी-2007-08 के बैच के प्रशिक्षुओं की नियुक्ति संबंधी आदेश न देकर अन्याय कर रही है। सरकार बीटीसी प्रशिक्षुओं को लेकर गंभीर नजर नहीं आती। यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान न हुआ तो लखनऊ में आमरण अनशन पर बैठने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है।
विज्ञापन
उनका कहना है कि बीटीसी प्रशिक्षुओं के पास मुकदमों की पैरवी के लिए धन नहीं है। सरकार बीटीसी-2004, उर्दू बीटीसी-2006 और विशिष्ट बीटीसी-2007-08 के बैच के प्रशिक्षुओं की नियुक्ति संबंधी आदेश न देकर अन्याय कर रही है। सरकार बीटीसी प्रशिक्षुओं को लेकर गंभीर नजर नहीं आती। यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान न हुआ तो लखनऊ में आमरण अनशन पर बैठने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है।
विज्ञापन