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दहेज हत्या में पति को सात साल कैद की सजा
Updated Fri, 14 Dec 2018 10:11 PM IST
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दहेज हत्या के मामले में शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश सुभाष सिंह ने महिला के पति को सात वर्ष सश्रम कारावास व 15 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई है। मृतका जालौन निवासी थी। 2016 में उसकी शादी रैपुरा गांव में हुई थी।
अभियोजन अधिकारी दिलीप श्रीवास्तव ने बताया कि जालौन जिले के डकोर थाने के जैसारी कला गांव के निवासी अखिल प्रकाश पुत्र सरजू प्रसाद ने सात नवंबर 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री भावना की शादी 26 अप्रैल 2016 को रैपुरा थाने के करौंदी कला गांव के निवासी आशीष गिरि पुत्र आनंद गिरि से हुई थी।
शादी के बाद से दामाद और ससुराली जन कार और एक लाख रुपये की मांग को लेकर उसके साथ मारपीट करते थे। इसकी जानकारी होेने पर वह करौंदी कला आया और भावना के ससुराली जनों को समझाने का प्रयास किया था। वह नहीं माने और भावना को मारपीट कर मायके छोड़ आए।
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इसके बाद 27 सितंबर 2016 को उसकी पुत्री ने उरई न्यायालय में मुकदमा दायर कर दिया, जिससे बचने के लिए ससुरालीजनों ने एक अक्तूबर 2016 को सुलहनामा किया और भावना को ससुराल ले आए। उसके बाद चार अक्तूबर को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया।
जिला अस्पताल से रेफर के बाद प्रयागराज में इलाज के दौरान पांच अक्तूबर को उसकी मौत हो गई। वादी ने इसकी सूचना रैपुरा थाने में दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। आठ नवंबर 2017 को रैपुरा थाने में मामला पंजीकृृृृृत किया गया।
पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश सुभाष सिंह ने महिला के पति आशीष गिरि पुत्र आनंद को सात वर्ष सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
दहेज हत्या में पति को सात साल कैद
अभियोजन अधिकारी दिलीप श्रीवास्तव ने बताया कि जालौन जिले के डकोर थाने के जैसारी कला गांव के निवासी अखिल प्रकाश पुत्र सरजू प्रसाद ने सात नवंबर 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री भावना की शादी 26 अप्रैल 2016 को रैपुरा थाने के करौंदी कला गांव के निवासी आशीष गिरि पुत्र आनंद गिरि से हुई थी।
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शादी के बाद से दामाद और ससुराली जन कार और एक लाख रुपये की मांग को लेकर उसके साथ मारपीट करते थे। इसकी जानकारी होेने पर वह करौंदी कला आया और भावना के ससुराली जनों को समझाने का प्रयास किया था। वह नहीं माने और भावना को मारपीट कर मायके छोड़ आए।
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इसके बाद 27 सितंबर 2016 को उसकी पुत्री ने उरई न्यायालय में मुकदमा दायर कर दिया, जिससे बचने के लिए ससुरालीजनों ने एक अक्तूबर 2016 को सुलहनामा किया और भावना को ससुराल ले आए। उसके बाद चार अक्तूबर को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया।
जिला अस्पताल से रेफर के बाद प्रयागराज में इलाज के दौरान पांच अक्तूबर को उसकी मौत हो गई। वादी ने इसकी सूचना रैपुरा थाने में दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। आठ नवंबर 2017 को रैपुरा थाने में मामला पंजीकृृृृृत किया गया।
पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश सुभाष सिंह ने महिला के पति आशीष गिरि पुत्र आनंद को सात वर्ष सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
दहेज हत्या में पति को सात साल कैद