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लेखपाल-अधिकारी के आकलन में चालीस फीसदी का अंतर
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट।
Updated Sat, 21 Mar 2015 11:30 PM IST
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लेखपालों द्वारा किसानों को हुए नुकसान के सर्वे में की जा रही हीलाहवाली केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री द्वारा पूछे गए एक सवाल से पकड़ में आ गई। इस पर मुजफ्फरनगर के गांव कुटुवी निवासी मंत्री डा. संजीव कुमार बालियान ने कहा कि वह गांव के हैं और जानते हैं कि लेखपाल कैसे काम करते हैं।
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केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री ने कपुरी गांव में लेखपाल से पूछा कि यहां फसलों को कितना प्रतिशत नुकसान हुआ है। लेखपाल ने इसे पचास फीसदी बताया। इस पर उन्होंने साथ आए डीडीजी जेएस संधू से पूछा तो उन्होंने इसे लगभग अस्सी से नब्बे फीसदी बताया। वहीं एक अन्य खेत में लेखपाल ने जिस खेत का नुकसान सत्तर फीसदी बताया, वहीं अधिकारी ने इसे सौ फीसदी आंका।
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इस पर मंत्री ने कहा कि लेखपालों के आकलन से वह भली भांति वाकिफ हैं। लेखपाल गांव में एक घर में बैठकर नुकसान का आकलन कर लेते हैं। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे लेखपालों को ट्रेनिंग दें। इस पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने स्टाफ की कमी का रोना रोया। भाजपा जिलाध्यक्ष जयविजय सिंह ने इस पर चुटकी ली। कहा कि किसानों के लिए बहुत सी कमियां हैं, उनका कुछ नहीं हो पा रहा।
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लेखपालों और अधिकारियों का तो सब कुछ हो रहा है। मंत्री ने जिलाधिकारी नीलम अहलावत से कहा कि वे ब्लाकवार अधिकारियों की नियुक्ति करें। जल्द आकलन करा लेखपालों की मीटिंग लें और जानकारी केंद्र को भेजें। इस दौरान चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, रंजना उपाध्याय, चंद्रप्रकाश खरे, ओमनारायण दुबे, सुशील द्विवेदी, नवल किशोर मिश्र, पुष्पा मिश्रा, पंकज अग्रवाल आदि मौजूद रहे। किसानों ने ऋण माफी की बाबत पूछा तो उन्होंने कहा कि वह सरकार से इसकी सिफारिश ही कर सकते हैं।
सांसद को भी सराहा
मंत्री ने सांसद भैरो प्रसाद का इस बात के लिए धन्यवाद दिया कि उन्होंने सदन में बुंदेलखंड के किसानों का मुद्दा उठाया, जिससे वह यहां आए। उन्होंने बताया कि हालात सुनकर इसका आकलन दिल्ली से नहीं किया जा सकता था।
अतिवृष्टि का भी आकलन होगा
भाजपाइयों ने कृषि राज्यमंत्री से शिकायत की कि जिले में सिर्फ ओलावृष्टि से हुए नुकसान का ही आकलन किया जा रहा है, जबकि अतिवृष्टि से भी किसान तबाह हुए हैं। इस पर मंत्री ने कृषि निदेशक कृषि विभाग लखनऊ आदेश कुमार विश्नोई से पूछा। उन्हाेंने बताया कि आदेश दे दिए गए हैं कि जिलों में अतिवृष्टि का भी आकलन कर मुआवजा दिया जाए।
खेतों को देखकर दु:खी हो गए मंत्री
राज्यमंत्री डा. सुधीर कुमार बालियान ने रामनगर के अलावा लोधौरा बरेठी, कपूरी गांवों का दौरा किया। ज्यादातर जगहों पर ओले से पूरी फसल साफ थी। मंत्री यहां पर किसानों का हाल देखकर द्रवित हो गए। उन्होंने कहा कि यहां शत प्रतिशत नुकसान हुआ है।
प्रशासन की शिकायत
भाजपाइयों ने केंद्रीय मंत्री से प्रशासन की शिकायत की। हाल ही में किसानों के साथ हुई घटना पर भी रोष व्यक्त किया। वरिष्ठ नेता चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि प्रशासन किसानों को विश्वास नहीं दिला पा रहा। ऐसे में डर है कि उनका असंतोष अराजकता में न बदल जाए। सांसद भैरों प्रसाद मिश्र ने तो जिले के कृषि विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया। स्प्रिंगकलर सेट आवंटन के एक मामले को उन्होंने उदाहरण के तौर पर रखा। अन्य भाजपाइयों ने भी कई शिकायतें कीं। केसीसी के संबंध में बैंकों में दलाल सक्रिय होने की बात पर मंत्री ने कहा कि लिखकर दीजिए, कार्रवाई की जाएगी। मौके पर अर्जुन शुक्ला, दिनेश तिवारी आदि रहे। वहीं बुंदेलखंड किसान विकास समिति के अध्यक्ष अनिल प्रधान ने बुंदेलखंड में ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर मंत्री को ज्ञापन दिया। इसमें ऋण माफी, बिजली बिलों की माफी आदि मांगें शामिल हैं।