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एंबुलेंस चालकों की सीएमओ ने ली क्लास, सुविधाओं की जांच
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सीएमओ ने एंबुलेंस चालकों की क्लास ली
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। शिकायत मिलने के बाद जनपद में एंबुलेंस सेवा को सुचारु रूप से चलाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने सभी कर्मियों को स्पोर्ट्र्स स्टेडियम पर बुलाया और उनसे पूछताछ कर कॉल आने के बाद यथाशीघ्र घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राजेंद्र सिंह ने शनिवार की सुबह एंबुलेंस कर्मियों को कलक्ट्रेट सोनेपुर के पास स्पोर्ट्स स्टेडियम बुलाया। वहां उन्होंने 102 व 108 एंबुलेंस कर्मियों से पूछताछ की। एंबुलेंस में उपलब्ध आवश्यक दवाएं, उसमें लगी मशीन, ऑक्सीजन बॉक्स, ग्लब्स, पोर्टेबल ओमिट बैग को देखा। इन मशीनों की हालत के बारे में कर्मियों से जानकारी भी ली। एंबुलेंस में लगी मशीनें दुरुस्त पाई गई। पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाएं भी मिली। एंबुलेंस कर्मियों को निर्देश दिया कि कॉल आने पर यथाशीघ्र घटना स्थल पर पहुंचे। शिकायतें अब नहीं मिलनी चाहिए। ऐसा होने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
सीएमओ ने बताया कि कुछ समय बाद जिले में कुछ और नई एंबुलेंस आ जाएंगी। इससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने व प्रसूताओं को उनके घर छोड़ने में सहायता मिलेगी। प्रदेश सरकार से 3 मेडिकल मोबाइल यूनिट वाहन मिलने हैं। इनमें से एक मेडिकल मोबाइल यूनिट वाहन जिले में आ चुका है। एक एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस भी जिले को मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि दो वाहन आने से जिले के दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में लोगों को स्थानीय स्तर पर त्वरित इलाज मिलने में सहायता मिलेगी।
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बताया कि जिले के 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 30 उप स्वास्थ्य केंद्रों को वैलनेस सेंटर में तब्दील कर मरीजों को पास में ही प्राथमिक इलाज देने की व्यवस्था की जा रही है। वैलनेस सेंटर चालू हो जाने पर लोगों को आसानी से स्थानीय स्तर पर इलाज मिलने लगेगा। सिर्फ गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल से हायर सेंटर के लिए रेफर किया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। शिकायत मिलने के बाद जनपद में एंबुलेंस सेवा को सुचारु रूप से चलाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने सभी कर्मियों को स्पोर्ट्र्स स्टेडियम पर बुलाया और उनसे पूछताछ कर कॉल आने के बाद यथाशीघ्र घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राजेंद्र सिंह ने शनिवार की सुबह एंबुलेंस कर्मियों को कलक्ट्रेट सोनेपुर के पास स्पोर्ट्स स्टेडियम बुलाया। वहां उन्होंने 102 व 108 एंबुलेंस कर्मियों से पूछताछ की। एंबुलेंस में उपलब्ध आवश्यक दवाएं, उसमें लगी मशीन, ऑक्सीजन बॉक्स, ग्लब्स, पोर्टेबल ओमिट बैग को देखा। इन मशीनों की हालत के बारे में कर्मियों से जानकारी भी ली। एंबुलेंस में लगी मशीनें दुरुस्त पाई गई। पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाएं भी मिली। एंबुलेंस कर्मियों को निर्देश दिया कि कॉल आने पर यथाशीघ्र घटना स्थल पर पहुंचे। शिकायतें अब नहीं मिलनी चाहिए। ऐसा होने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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सीएमओ ने बताया कि कुछ समय बाद जिले में कुछ और नई एंबुलेंस आ जाएंगी। इससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने व प्रसूताओं को उनके घर छोड़ने में सहायता मिलेगी। प्रदेश सरकार से 3 मेडिकल मोबाइल यूनिट वाहन मिलने हैं। इनमें से एक मेडिकल मोबाइल यूनिट वाहन जिले में आ चुका है। एक एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस भी जिले को मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि दो वाहन आने से जिले के दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में लोगों को स्थानीय स्तर पर त्वरित इलाज मिलने में सहायता मिलेगी।
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बताया कि जिले के 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 30 उप स्वास्थ्य केंद्रों को वैलनेस सेंटर में तब्दील कर मरीजों को पास में ही प्राथमिक इलाज देने की व्यवस्था की जा रही है। वैलनेस सेंटर चालू हो जाने पर लोगों को आसानी से स्थानीय स्तर पर इलाज मिलने लगेगा। सिर्फ गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल से हायर सेंटर के लिए रेफर किया जाएगा।