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Chandauli News: कामगारों को पॉलिटेक्निक में मिलेगा सीधा प्रवेश
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चंदौली। आईटीआई पास कर सरकारी और गैर सरकारी कंपनियों में काम करने वालों को दक्ष बनाने के लिए पॉलिटेक्निक संस्थानों में सीधा प्रवेश दिया जाएगा। अगले शैक्षिक सत्र से यह व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके लिए प्राविधिक शिक्षा विभाग ने सर्कुलर जारी कर दिया है।
जिले में हर साल हजारों युवा आईटीआई कोर्स करने के बाद सरकारी या गैर सरकारी कंपनियों में नौकरी करने लगते हैं। ऐसे कामगारों की दक्षता बढ़ाने के लिए प्राविधिक शिक्षा विभाग ने पहल की है। इन्हें तीन वर्षीय डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग में मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। शैक्षिक सत्र 2025-26 से सभी पॉलिटेक्निक संस्थानों यह व्यवस्था लागू की जाएगी। प्राविधिक शिक्षा परिषद की ओर से ऑनलाइन आवेदन पत्र लिए जाएंगे। जून में प्रवेश समिति का गठन किया जाएगा, जो आवेदन पत्रों का परीक्षण कर मेरिट लिस्ट जारी कर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करेगी।
जिले के इन संस्थानों में होगा दाखिला
प्रत्येक पॉलिटेक्निक संस्थान में तीन पाठ्यक्रमों में प्रवेश की सुविधा होगी। जिले में तीन संस्थान हैं। संत रविदास राजकीय पॉलिटेक्निक चकिया, महामाया पॉलिटेक्निक ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी धानापुर और चंदौली पॉलिटेक्निक है। महामाया पॉलिटेक्निक में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में लेटरल एंट्री के तहत सात-सात सीटें तय की गई हैं। संत रविदास राजकीय पॉलिटेक्निक में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में लेटरल एंट्री के तहत सात-सात सीटें है। इसी तरह चंदौली पॉलिटेक्निक में सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग (प्रोडक्शन), इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में 15-15 सीटें इनके लिए निर्धारित की गई हैं। इनके अलावा जिले में करीब निजी 20 पॉलिटेक्निक हैं, जहां लेटरल एंट्री के तहत सात से 15 सीटें है। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश की लिए आईटीआई के साथ एक साल का अनुभव जरूरी होगा।
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वर्जन
लेटरल एंट्री के तहत तीन वर्षीय अंशकालिक डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश के प्राविधिक शिक्षा परिषद का सर्कुलर मिला है। इसके तहत अगले सत्र से प्रवेश की प्रकिया शुरू की जाएगी। - अजय कुमार, प्रधानाचार्य, महामाया पॉलिटेक्निक, धानापुर
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जिले में हर साल हजारों युवा आईटीआई कोर्स करने के बाद सरकारी या गैर सरकारी कंपनियों में नौकरी करने लगते हैं। ऐसे कामगारों की दक्षता बढ़ाने के लिए प्राविधिक शिक्षा विभाग ने पहल की है। इन्हें तीन वर्षीय डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग में मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। शैक्षिक सत्र 2025-26 से सभी पॉलिटेक्निक संस्थानों यह व्यवस्था लागू की जाएगी। प्राविधिक शिक्षा परिषद की ओर से ऑनलाइन आवेदन पत्र लिए जाएंगे। जून में प्रवेश समिति का गठन किया जाएगा, जो आवेदन पत्रों का परीक्षण कर मेरिट लिस्ट जारी कर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करेगी।
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जिले के इन संस्थानों में होगा दाखिला
प्रत्येक पॉलिटेक्निक संस्थान में तीन पाठ्यक्रमों में प्रवेश की सुविधा होगी। जिले में तीन संस्थान हैं। संत रविदास राजकीय पॉलिटेक्निक चकिया, महामाया पॉलिटेक्निक ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी धानापुर और चंदौली पॉलिटेक्निक है। महामाया पॉलिटेक्निक में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में लेटरल एंट्री के तहत सात-सात सीटें तय की गई हैं। संत रविदास राजकीय पॉलिटेक्निक में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में लेटरल एंट्री के तहत सात-सात सीटें है। इसी तरह चंदौली पॉलिटेक्निक में सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग (प्रोडक्शन), इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में 15-15 सीटें इनके लिए निर्धारित की गई हैं। इनके अलावा जिले में करीब निजी 20 पॉलिटेक्निक हैं, जहां लेटरल एंट्री के तहत सात से 15 सीटें है। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश की लिए आईटीआई के साथ एक साल का अनुभव जरूरी होगा।
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लेटरल एंट्री के तहत तीन वर्षीय अंशकालिक डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश के प्राविधिक शिक्षा परिषद का सर्कुलर मिला है। इसके तहत अगले सत्र से प्रवेश की प्रकिया शुरू की जाएगी। - अजय कुमार, प्रधानाचार्य, महामाया पॉलिटेक्निक, धानापुर