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अतिक्रमण से घिरे प्राचीन सड़सा बाबा पोखरा का कब होगा उद्धार

Tue, 17 May 2022 10:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 17 May 2022 10:39 PM IST
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When will Baba Pokhara, the ancient Sadsa surrounded by encroachment, be saved
चंदौली। शासन व जिला प्रशासन इन दिनों अमृत महोत्सव मना रहा है। इसी महोत्सव के तहत जिलाधिकारी तालाबों के संरक्षण को लेकर एक विशेष अभियान चला रहे हैं, जिसकी नींव पड़ चुकी है। जिला प्रशासन का दावा है कि जिन तालाब, सरोवर व पोखरों पर अतिक्रमण से उनका अस्तित्व खतरे में आ गया है। उनका जीर्णोद्धार व सुंदरीकरण करके उसे फिर से पूर्णत: अस्तित्व में लाया जाएगा। वहीं चंदौली नगर का प्राचीन सड़सा बाबा पोखरा चौतरफा अतिक्रमण से पटा हुआ है। नेशनल हाईवे व पुरानी बाजार को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग से सटा सडसा बाबा का प्राचीन पोखरा है। सड़क से प्रतिदिन हजारों लोगों का आगमन होता रहता है। पोखरे में अधिक गंदगी व उससे उठने वाले दुर्गंध से गुजरने वाले लोग मुंह ढक कर गुजरने को विवश है। लेकिन नगर पंचायत इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। लोगो का कहना है कि पोखरे चारों तरफ से अतिक्रमण की चपेट में है और लगातार उसका दायरा अतिक्रमण के कारण सिकुड़ता जा रहा है। इतना ही नहीं पोखरे में चारों तरफ से घरों का गंदा पानी बहाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जल्द ही पोखरे की सफाई नही कराई गई तो हम लोग आंदोलन को बाध्य होंगे।
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