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बेमौसम बारिश और हवा से ठंड बढ़ी
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बेमौसम बारिश और हवा ने बढ़ाई ठंड, फसलों को नुकसान
न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 17 डिग्री पर पहुंचा, निकले गर्म कपड़े
सचित्र- 25
संवाद न्यूज एजेंसी
पीडीडीयू नगर। पिछले साल दिसंबर से लगातार मौसम की बेरुखी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। बुधवार की सुबह से ही आसमान में छाए बादल और रात करीब साढ़े सात बजे तेज हवा के साथ झमाझम बारिश ने किसानों की नींद उड़ा दी है। इससे अगैती गेहूं, जौ, सरसो, मटर, चना, मसूर सहित अन्य फसलें बर्बाद होने के कगार पर पहुुंच चुकी है। इसी के साथ ठंड भी बढ़ गई है। मौसम में हुए अचानक परिवर्तन ने जहां लोगों की मुश्किल बढ़ा दी है वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीर पड़ गई है।
इस बारिश में खेती के लिए नुकसान ज्यादा और फायदा कम होगा। कारण की ज्यादातर फसलें पकने के कगार पर पहुंच चुकी हैं। बारिश से इन्हें नुकसान होगा। दाने हल्के होंगे और पैदावार में कमी आएगी। दिनभर आसमान में बादल छाने और शाम में बारिश के बाद बढ़ी ठंड से लोगों ने आलमारियों में रखे गर्म कपड़े फिर से निकाल लिए हैं। शाम को सात बजे का अधिकतम तापमान 23 व न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 17 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बेमौसम हुई बरसात ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। वैसे तो पर्व के बाद का दूसरा दिन होने के कारण सड़कों पर सुबह से ही चहल-पहल काफी कम रही पर शाम को बारिश के बाद सन्नाटा छा गया। जो लोग घरों के बाहर थे, वे भी मौसम का मिजाज भांपकर घरों को लौट गए। बारिश के साथ चल रही हवा ने ठंड में इजाफा कर दिया है। जानकारों की माने तो इस मौसम में बरसात के साथ ओले पड़ने का भय बना रहता है। बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।
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न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 17 डिग्री पर पहुंचा, निकले गर्म कपड़े
सचित्र- 25
संवाद न्यूज एजेंसी
पीडीडीयू नगर। पिछले साल दिसंबर से लगातार मौसम की बेरुखी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। बुधवार की सुबह से ही आसमान में छाए बादल और रात करीब साढ़े सात बजे तेज हवा के साथ झमाझम बारिश ने किसानों की नींद उड़ा दी है। इससे अगैती गेहूं, जौ, सरसो, मटर, चना, मसूर सहित अन्य फसलें बर्बाद होने के कगार पर पहुुंच चुकी है। इसी के साथ ठंड भी बढ़ गई है। मौसम में हुए अचानक परिवर्तन ने जहां लोगों की मुश्किल बढ़ा दी है वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीर पड़ गई है।
इस बारिश में खेती के लिए नुकसान ज्यादा और फायदा कम होगा। कारण की ज्यादातर फसलें पकने के कगार पर पहुंच चुकी हैं। बारिश से इन्हें नुकसान होगा। दाने हल्के होंगे और पैदावार में कमी आएगी। दिनभर आसमान में बादल छाने और शाम में बारिश के बाद बढ़ी ठंड से लोगों ने आलमारियों में रखे गर्म कपड़े फिर से निकाल लिए हैं। शाम को सात बजे का अधिकतम तापमान 23 व न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 17 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बेमौसम हुई बरसात ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। वैसे तो पर्व के बाद का दूसरा दिन होने के कारण सड़कों पर सुबह से ही चहल-पहल काफी कम रही पर शाम को बारिश के बाद सन्नाटा छा गया। जो लोग घरों के बाहर थे, वे भी मौसम का मिजाज भांपकर घरों को लौट गए। बारिश के साथ चल रही हवा ने ठंड में इजाफा कर दिया है। जानकारों की माने तो इस मौसम में बरसात के साथ ओले पड़ने का भय बना रहता है। बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।
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