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Chandauli News: पूर्वांचल के पांच जिलों में लहलहाएगी आदमचीनी की फसल

Sat, 13 Apr 2024 01:41 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 13 Apr 2024 01:41 AM IST
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Sugarcane crop will flourish in five districts of PurvanchalSugarcane crop will flourish in five districts of Purvanchal
चंदौली। जीआई पेटेंट मिलने के बाद आदमचीनी धान की मांग बढ़ी है। इस वजह से चंदौली के अलावा पूर्वांचल के किसान भी इसकी खेती करना चाहते हैं। चंदौली किसानों ने 20 क्विंटल बीज तैयार किया है और पांच जिलों के किसानों ने बीज का ऑर्डर भी दिया है। पेटेंट मिलने से पहले आदमचीनी चावल 80-100 रुपये प्रतिकिलो की दर से बिकता था। अब इसकी कीमत 250-300 रुपये प्रतिकिलो हो गई है।
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चंदौली में तैयार आदमचीनी धान के बीज से मिर्जापुर, सोनभद्र, गाजीपुर, बलिया, वाराणसी के खेतों में रोपने की तैयारी चल रही है। बरहनी के किसान अजय सिंह ने बताया कि किसानों ने 20 क्विंटल आदमचीनी के बीज तैयार किए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 1950 किलो अधिक वाराणसी, सोनभद्र, गाजीपुर,भदोही और मिर्जापुर के किसानों की ओर से एक-एक क्विंटल बीज की मांग की है।
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जिले के दस किसानों ने पिछले साल 10 एकड़ में आदमचीनी की खेती की थी। उनको काफी अच्छा मुनाफा हुआ। इसके बाद सैकड़ों किसान इसकी खेती के लिए आगे आए हैं। आगामी सीजन में 100 से 150 एकड़ में खेती की तैयारी है। 20 क्विंटल में एक-एक क्विंटल बीज पांच जिलों को वितरण के बाद बाकी के 15 क्विंटल बीज से जिले किसान इसकी खेती करेंगे। मई के अंतिम सप्ताह और जून के पहले सप्ताह में धान की नर्सरी डालने की योजना है।
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रासायनिक उर्वरक ने नष्ट हो जाती है आदमचीनी की फसल
यह चावल चीनी के दाने के बराबर छोटा और सुगंधित होता है इसलिए इसका नाम आदमचीनी पड़ा। पौधे पांच फीट तक लंबे होते हैं। इसकी प्राकृतिक रूप से ही खेती की जाती है। रासायनिक उर्वरक डालने पर फसल नष्ट हो जाती है। जिले के 70 से 100 किसान करीब 10 से 11 एकड़ में आदमचीनी की खेती कर रहे हैं। दिल्ली, उत्तराखंड, लखनऊ में प्रदर्शनी के दौरान दाे से ढाई सौ रुपये किलो तक इसकी बिक्री की गई। अब इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार उतारने के मुंबई के एक निर्यातक को चावल का नमूना भी भेजा गया है।



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कोट---



जिले में काला चावल सहित ए ग्रेड के चावल को उत्पादन को बढ़ाने और उसके निर्यात के लिए किसानों को प्रशिक्षण के लिए विभाग की ओर से कई योजनाएं संचालित है। अभी फिलहाल चावल गेहूं के निर्यात पर रोक है। जल्द ही ए ग्रेड के चावल के निर्यात के लिए छूट देने की कावायद चल रही है। मंजूरी मिलने के बाद ए ग्रेड के चावलों को विदेश के बाजारों में नमूने के तौर पर भेजा जाएगा। - सिद्धार्थ यादव, उपायुक्त उद्याेग
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