फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   50 Kharwar families remain dark even 79 years after independence work halted Forest Department intervention

यूपी: आजादी के 79 साल बाद भी अंधेरे में 50 खरवार परिवार, बिजली के खंभे पहुंचे तो वन विभाग की रोक से थमा काम

Sat, 19 Sep 2026 05:51 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली।
अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 19 Sep 2026 05:51 AM IST
सार

नौगढ़ के करीब 50 खरवार परिवार आजादी के 79 साल बाद भी बिजली के इंतजार में हैं। ग्रामीण 2021 से विद्युतीकरण की मांग कर रहे हैं। करीब 15 दिन पहले बिजली के खंभे तो पहुंच गए, लेकिन वन विभाग की आपत्ति के चलते काम रुक गया। बिजली की मांग को लेकर ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम से वन विभाग की आपत्ति दूर कराने की गुहार लगाई।

विज्ञापन
50 Kharwar families remain dark even 79 years after independence work halted Forest Department intervention
खरवार बस्ती से बिजली का खंभा ले जाते विभाग के लोग। - फोटो : संवाद

विस्तार

चंदौली जिले के नौगढ़ क्षेत्र में आजादी के 79 साल बाद भी ग्रामीणों को बिजली जैसी बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। चिकनी ग्राम पंचायत के ओरवाटांड़ पुरवा में रहने वाले करीब 40-50 खरवार परिवार आज भी विद्युत सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीण वर्ष 2021 से गांव में विद्युतीकरण कराने की मांग को लेकर अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। करीब 15 दिन पहले बिजली विभाग की ओर से गांव में विद्युतीकरण के लिए लगभग 50 खंभे गिराए जाने के बाद ग्रामीणों में अपने घर रोशन होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन वन विभाग की आपत्ति के बाद काम फिर रुक गया।

विज्ञापन




खंभे पहुंचे तो ग्रामीणों को जगी थी उम्मीद
ग्रामीणों के अनुसार, लंबे समय से बिजली की समस्या से जूझ रहे परिवारों को उस समय राहत की उम्मीद दिखाई दी, जब करीब 15 दिन पहले बिजली विभाग ने गांव में लगाने के लिए लगभग 50 खंभे पहुंचाए। ग्रामीणों को लगा कि अब जल्द ही बिजली के तार खिंचेंगे और उनके घर भी रोशनी से जगमगाने लगेंगे। हालांकि, विद्युतीकरण का काम आगे बढ़ने से पहले ही वन विभाग की ओर से रोक लगाए जाने की बात सामने आई है। इससे ग्रामीणों की उम्मीदों पर पानी फिर गया।

विज्ञापन

कच्चे रास्ते को लेकर ग्रामीणों का दावा
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की रोक के कारण विद्युतीकरण का कार्य अधर में लटक गया है। ग्रामीणों का दावा है कि जिस स्थान पर बिजली के खंभे लगाए जाने हैं, वहां पहले से ही करीब 20 फीट चौड़ा कच्चा रास्ता मौजूद है। ऐसे में उनका कहना है कि रास्ते के किनारे बिजली के खंभे लगाने में आ रही आपत्ति का समाधान किया जाना चाहिए, ताकि लंबे समय से लंबित विद्युतीकरण का काम पूरा हो सके।

विज्ञापन

ग्राम प्रधान के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण
विद्युतीकरण का कार्य जल्द शुरू कराने की मांग को लेकर ग्राम प्रधान संतराम के नेतृत्व में ग्रामीण जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर अपनी समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों ने मांग की कि वन विभाग की आपत्ति को दूर कराकर गांव में विद्युतीकरण का कार्य जल्द शुरू कराया जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के अभाव में उन्हें रोजमर्रा की कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर घरेलू कार्यों तक में दिक्कत होती है। लंबे समय से अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। खंभे पहुंचने के बाद उन्हें लगा था कि अब समस्या दूर हो जाएगी, लेकिन काम रुकने से निराशा हाथ लगी है।

विज्ञापन

डीएम से जल्द समाधान की मांग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप करते हुए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर विद्युतीकरण कार्य शुरू कराने की मांग की। उनका कहना है कि बुनियादी विद्युत सुविधा से वंचित परिवारों को जल्द राहत मिलनी चाहिए, ताकि उनके घरों में भी बिजली पहुंच सके। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन वन विभाग की आपत्ति और विद्युतीकरण से जुड़े अन्य अड़चनों का समाधान कराकर काम को जल्द आगे बढ़ाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed