{"_id":"65b16bc1153bdb2ebc0c0216","slug":"success-in-life-is-achieved-only-by-performing-duties-chandauli-news-c-189-1-svns1013-9331-2024-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: कर्तव्य पालन से ही जीवन में मिलती हैं सफलताएं-राजेश तिवारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: कर्तव्य पालन से ही जीवन में मिलती हैं सफलताएं-राजेश तिवारी
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। लाल बहादुर शास्त्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पं पारसनाथ तिवारी नवीन परिसर में बुधवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश की ओर से कर्तव्य बोध दिवस का आयोजन हुआ। वक्ताओं ने कहा कि कर्तव्य पालन से ही जीवन में सफलताएं मिलती हैं।
महाविद्यालय के प्रबंधक राजेश कुमार तिवारी ने कहा कि व्यक्ति के जीवन में सफलताएं तभी प्राप्त होती हैं जब वह अपने कर्तव्य का निर्वाह करता है। कहा कि कर्तव्य परायण होने के बाद मनुष्य को शैक्षिक,सामाजिक ,धार्मिक ,राजनीतिक , आर्थिक आदि जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलताएं और सम्मान की प्राप्ति होती है। कहा कि शिक्षकों का कर्तव्य अपने छात्रों के हृदय पर से अज्ञानता का आवरण हटाकर उन्हें आदर्शवादी बनाना होता है।
प्रो. संजय पांडेय ने कहा कि जो मनुष्य कर्तव्य के पथ से विचलित हो जाता है, उसका समाज में निरादर होता है। प्रो. अजीत ने कहा कि कर्तव्य परायण व्यक्ति का हमेशा स्वस्थ व सरल होता है और निर्भीकतापूर्वक अपने कार्यों का संचालन करता है। प्राचार्य प्रो.उदयन मिश्रा ने कहा कि कर्तव्यपालन व्यक्ति को महापुरुषों की तरह पूजा जाता है। मनुष्य का सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य है मानवता धर्म का पालन करना और अपने दायित्व का ठीक से निर्वाह करना। इस दौरान प्रो अरुण पांडेय, डा. भावना, डा. कामेश आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
महाविद्यालय के प्रबंधक राजेश कुमार तिवारी ने कहा कि व्यक्ति के जीवन में सफलताएं तभी प्राप्त होती हैं जब वह अपने कर्तव्य का निर्वाह करता है। कहा कि कर्तव्य परायण होने के बाद मनुष्य को शैक्षिक,सामाजिक ,धार्मिक ,राजनीतिक , आर्थिक आदि जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलताएं और सम्मान की प्राप्ति होती है। कहा कि शिक्षकों का कर्तव्य अपने छात्रों के हृदय पर से अज्ञानता का आवरण हटाकर उन्हें आदर्शवादी बनाना होता है।
विज्ञापन
प्रो. संजय पांडेय ने कहा कि जो मनुष्य कर्तव्य के पथ से विचलित हो जाता है, उसका समाज में निरादर होता है। प्रो. अजीत ने कहा कि कर्तव्य परायण व्यक्ति का हमेशा स्वस्थ व सरल होता है और निर्भीकतापूर्वक अपने कार्यों का संचालन करता है। प्राचार्य प्रो.उदयन मिश्रा ने कहा कि कर्तव्यपालन व्यक्ति को महापुरुषों की तरह पूजा जाता है। मनुष्य का सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य है मानवता धर्म का पालन करना और अपने दायित्व का ठीक से निर्वाह करना। इस दौरान प्रो अरुण पांडेय, डा. भावना, डा. कामेश आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन