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धरना दिया
चंदौली अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2015 01:43 AM IST
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बीस जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग को लेकर प्रगतिशील
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मानव समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को विकास भवन के समीप धरना
दिया।
इस दौरान अनुसूचित जाति का कोटा बढ़ाकर 35 प्रतिशत करने की मांग भी की गई।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद बिंद ने कहा कि प्रमासपा केवट, निषाद, बिंद और कश्यप आदि बीस जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग पहले से ही करती चली आ रही है।
लेकिन प्रदेश सरकार इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं कर रही है। इसलिए पार्टी अपने हक के लिए संघर्ष करती रहेगी। कहा कि बीस जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल कर अनुसूचित जाति का कोटा 22 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत किया जाए। प्रदेश में दिनोंदिन बिगड़ रही कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अपराधियों पर नकेल नहीं कस पा रही है। इससे अपराध का ग्राफ चढ़ता जा रहा है।
सुशील सिंह जनौली ने कहा कि जनपद सहित पूरे प्रदेश में सरकारी विद्यालयों में शिक्षा का स्तर गिर रहा है। मांग किया कि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ ही निजी विद्यालयों में शुल्क वृद्धि पर रोक लगाई जाए। कार्यकर्ताओं ने बिजली की दरों में की गई मूल्य वृद्धि को भी वापस लेने की मांग की।
अंत में कलेक्ट्रेट पहुंचकर चार सूत्री मांग पत्र एसडीएम को सौंपा। इस अवसर पर भानु प्रताप, जंगबहादुर, गब्बर, रामप्यारे, प्रेमकुमार, अजय सिंह, रामनगीना आदि उपस्थित रहे।
इस दौरान अनुसूचित जाति का कोटा बढ़ाकर 35 प्रतिशत करने की मांग भी की गई।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद बिंद ने कहा कि प्रमासपा केवट, निषाद, बिंद और कश्यप आदि बीस जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग पहले से ही करती चली आ रही है।
लेकिन प्रदेश सरकार इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं कर रही है। इसलिए पार्टी अपने हक के लिए संघर्ष करती रहेगी। कहा कि बीस जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल कर अनुसूचित जाति का कोटा 22 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत किया जाए। प्रदेश में दिनोंदिन बिगड़ रही कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अपराधियों पर नकेल नहीं कस पा रही है। इससे अपराध का ग्राफ चढ़ता जा रहा है।
सुशील सिंह जनौली ने कहा कि जनपद सहित पूरे प्रदेश में सरकारी विद्यालयों में शिक्षा का स्तर गिर रहा है। मांग किया कि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ ही निजी विद्यालयों में शुल्क वृद्धि पर रोक लगाई जाए। कार्यकर्ताओं ने बिजली की दरों में की गई मूल्य वृद्धि को भी वापस लेने की मांग की।
अंत में कलेक्ट्रेट पहुंचकर चार सूत्री मांग पत्र एसडीएम को सौंपा। इस अवसर पर भानु प्रताप, जंगबहादुर, गब्बर, रामप्यारे, प्रेमकुमार, अजय सिंह, रामनगीना आदि उपस्थित रहे।