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Chandauli News: घरेलू कलह से ऊबकर एक साल में 20 से ज्यादा ने दी जान
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पीडीडीयू नगर। घरेलू कलह, पति-पत्नी के बीच तनाव, प्रेम संबंधों में विवाद और आर्थिक परेशानियां लोगों के मानसिक तनाव का कारण बन रही हैं। समय रहते इससे न उबरने पर कई लोग आत्मघाती कदम उठा रहे हैं। जिले में पिछले एक साल में 20 से ज्यादा लोगों ने आत्महत्या की है। इनमें पुरुषों के साथ महिलाएं और किशोर भी शामिल हैं। पुलिस की जांच में पारिवारिक विवाद और आपसी तनाव इसके मुख्य कारण सामने आए हैं।
पुलिस जांच में सामने आए मामलों के अनुसार पति-पत्नी के बीच विवाद, परिजनों की डांट-फटकार, प्रेम संबंधों में तनाव और पारिवारिक अनबन के बाद संबंधित व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान हुआ। कुछ मामलों में आर्थिक परेशानी और भविष्य को लेकर चिंता भी तनाव की वजह बनी। विवाद बढ़ने के बाद व्यक्ति के भावनात्मक रूप से कमजोर पड़ने और अवसाद की स्थिति में पहुंचने की बात सामने आई।
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इनसेट
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परेशानियों को साझा न करने से बढ़ रहे मामले
बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. नीतेश कुमार सिंह ने बताया कि भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी परेशानियों को परिवार और मित्रों के साथ साझा करने से बचते हैं। धीरे-धीरे अकेलापन और मानसिक दबाव बढ़ता जाता है। परिवार में संवाद की कमी भी स्थिति को गंभीर बना सकती है। कई बार छोटी समस्या भी तनाव की स्थिति में व्यक्ति को बड़ी और असहनीय लगने लगती है। ऐसे में परिवार के सदस्यों को व्यवहार में अचानक आए बदलाव पर ध्यान देने और समय रहते विशेषज्ञ की मदद लेने की जरूरत है।
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समय रहते पहचानें व्यवहार में बदलाव
बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ.नीतेश कुमार सिंह ने बताया कि मानसिक तनाव से जूझ रहे व्यक्ति के व्यवहार में कई तरह के बदलाव दिखाई दे सकते हैं। वह लगातार उदास रह सकता है, लोगों से दूरी बनाने लग सकता है या छोटी-छोटी बातों पर अत्यधिक प्रतिक्रिया दे सकता है। ऐसे समय में उसे अकेला छोड़ने के बजाय परिवार को बातचीत करनी चाहिए। परेशानी गंभीर होने पर चिकित्सक या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
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केस-1
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पति-पत्नी के विवाद के बाद मां-बेटे की मौत
मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के हनुमानपुर में 26 जून 2026 को एक विवाहिता ने अपने दो वर्षीय बेटे के साथ आत्महत्या कर ली थी। परिजनों के अनुसार पति-पत्नी के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर अक्सर विवाद होता था। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया था। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए पारिवारिक विवाद से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की थी।
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केस-2
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पिता की डांट से क्षुब्ध युवती ने दी जान
मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के सुभाष नगर में 26 जून 2026 को एक युवती ने आत्महत्या कर ली थी। बताया गया कि युवती कुछ दिन पहले दोस्तों के साथ घूमने गई थी। घर लौटने पर पिता ने उसे डांट दिया था। इससे वह काफी क्षुब्ध हो गई थी। इसके बाद उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया था।
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केस-3
मोबाइल के विवाद में उठाया आत्मघाती कदम
अलीनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में मोबाइल पर रील देखने को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। पति के अनुसार रात में घर लौटने पर उसने पत्नी से पानी मांगा था। उस समय वह मोबाइल में रील देख रही थी। पति ने उसे डांट दिया, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद विवाहिता ने आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस ने मामले की जांच की थी।
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केस-4
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रील बनाने पर मां ने डांटा तो नहर में कूद गई किशोरी
अलीनगर थाना क्षेत्र की गोधना नई बस्ती के पास नौ जुलाई 2026 को गंगा नहर में एक किशोरी का शव मिला था। जांच में पता चला कि किशोरी बबुरी थाना क्षेत्र के लेवा रोड की रहने वाली थी और कुछ दिन पहले मिर्जापुर के अदलहाट थाना क्षेत्र स्थित ननिहाल गई थी। बताया गया कि रील बनाने को लेकर मां ने उसे डांट दिया था। इसके बाद किशोरी घर से निकल गई और नहर में कूद गई। तेज बहाव के कारण शव बहकर गोधना नई बस्ती तक पहुंच गया था।
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कोट
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आत्महत्या के मामलों में घरेलू कलह, प्रेम प्रसंग समेत अन्य कारणों के चलते अवसाद प्रमुख वजह है। एक साल में जिले में 20 से ज्यादा लोगों ने सुसाइड किया है। परिवार के लोग मानसिक रूप से परेशान व्यक्ति का विशेष ख्याल रखें और लक्षण दिखते ही इलाज कराएं। - आकाश पटेल, पुलिस अधीक्षक।
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पुलिस जांच में सामने आए मामलों के अनुसार पति-पत्नी के बीच विवाद, परिजनों की डांट-फटकार, प्रेम संबंधों में तनाव और पारिवारिक अनबन के बाद संबंधित व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान हुआ। कुछ मामलों में आर्थिक परेशानी और भविष्य को लेकर चिंता भी तनाव की वजह बनी। विवाद बढ़ने के बाद व्यक्ति के भावनात्मक रूप से कमजोर पड़ने और अवसाद की स्थिति में पहुंचने की बात सामने आई।
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इनसेट
परेशानियों को साझा न करने से बढ़ रहे मामले
बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. नीतेश कुमार सिंह ने बताया कि भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी परेशानियों को परिवार और मित्रों के साथ साझा करने से बचते हैं। धीरे-धीरे अकेलापन और मानसिक दबाव बढ़ता जाता है। परिवार में संवाद की कमी भी स्थिति को गंभीर बना सकती है। कई बार छोटी समस्या भी तनाव की स्थिति में व्यक्ति को बड़ी और असहनीय लगने लगती है। ऐसे में परिवार के सदस्यों को व्यवहार में अचानक आए बदलाव पर ध्यान देने और समय रहते विशेषज्ञ की मदद लेने की जरूरत है।
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समय रहते पहचानें व्यवहार में बदलाव
बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ.नीतेश कुमार सिंह ने बताया कि मानसिक तनाव से जूझ रहे व्यक्ति के व्यवहार में कई तरह के बदलाव दिखाई दे सकते हैं। वह लगातार उदास रह सकता है, लोगों से दूरी बनाने लग सकता है या छोटी-छोटी बातों पर अत्यधिक प्रतिक्रिया दे सकता है। ऐसे समय में उसे अकेला छोड़ने के बजाय परिवार को बातचीत करनी चाहिए। परेशानी गंभीर होने पर चिकित्सक या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
केस-1
पति-पत्नी के विवाद के बाद मां-बेटे की मौत
मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के हनुमानपुर में 26 जून 2026 को एक विवाहिता ने अपने दो वर्षीय बेटे के साथ आत्महत्या कर ली थी। परिजनों के अनुसार पति-पत्नी के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर अक्सर विवाद होता था। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया था। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए पारिवारिक विवाद से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की थी।
केस-2
पिता की डांट से क्षुब्ध युवती ने दी जान
मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के सुभाष नगर में 26 जून 2026 को एक युवती ने आत्महत्या कर ली थी। बताया गया कि युवती कुछ दिन पहले दोस्तों के साथ घूमने गई थी। घर लौटने पर पिता ने उसे डांट दिया था। इससे वह काफी क्षुब्ध हो गई थी। इसके बाद उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया था।
केस-3
मोबाइल के विवाद में उठाया आत्मघाती कदम
अलीनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में मोबाइल पर रील देखने को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। पति के अनुसार रात में घर लौटने पर उसने पत्नी से पानी मांगा था। उस समय वह मोबाइल में रील देख रही थी। पति ने उसे डांट दिया, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद विवाहिता ने आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस ने मामले की जांच की थी।
केस-4
रील बनाने पर मां ने डांटा तो नहर में कूद गई किशोरी
अलीनगर थाना क्षेत्र की गोधना नई बस्ती के पास नौ जुलाई 2026 को गंगा नहर में एक किशोरी का शव मिला था। जांच में पता चला कि किशोरी बबुरी थाना क्षेत्र के लेवा रोड की रहने वाली थी और कुछ दिन पहले मिर्जापुर के अदलहाट थाना क्षेत्र स्थित ननिहाल गई थी। बताया गया कि रील बनाने को लेकर मां ने उसे डांट दिया था। इसके बाद किशोरी घर से निकल गई और नहर में कूद गई। तेज बहाव के कारण शव बहकर गोधना नई बस्ती तक पहुंच गया था।
कोट
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आत्महत्या के मामलों में घरेलू कलह, प्रेम प्रसंग समेत अन्य कारणों के चलते अवसाद प्रमुख वजह है। एक साल में जिले में 20 से ज्यादा लोगों ने सुसाइड किया है। परिवार के लोग मानसिक रूप से परेशान व्यक्ति का विशेष ख्याल रखें और लक्षण दिखते ही इलाज कराएं। - आकाश पटेल, पुलिस अधीक्षक।