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अब बैनामे से नामांतरण पर नगरपालिका वसूलेगी शुल्क
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पीडीडीयू नगर। आय बढ़ाने के लिए नगर पालिका प्रशासन पीडीडीयू नगर की ओर से लगातार प्रयास किये जा रहे है। अब नगर पालिका की ओर से बैनामे के जरिये नामांतरण वाली संपत्ति के क्रय मूल्य का एक प्रतिशत शुल्क वसूला जाएगा। इसके लिए मसौदा तैयार कर लिया गया है। जिसे आगामी जनप्रतिनिधि बोर्ड की बैठक में पास कराकर लागू करने की उम्मीद है।
नगर पालिका क्षेत्र में कुल 25 वार्ड है। ग्रामीण क्षेत्रों से सटी नगर पालिका की सीमा में धड़ल्ले से प्लाटिंग हो रही है। प्लाटरों द्वारा बिना नाली, सड़क व प्रकाश की व्यवस्था किये ऊंचे दामों में प्लाट को बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है। खरीदे गये प्लाट पर घर बनाने के बाद वहां पानी निकासी से लेकर सड़क की समस्या को लेकर लोगों द्वारा नगर पालिका पर सुविधाएं देने का दबाब बनाया जाता है। वहीं दूसरी तरफ कोरोना काल में प्रदेश सरकार की ओर से नगर पालिका के बजट में भी काफी कटौती की गई है। ऐसे में विकास कार्यों के संदर्भ में बजट बढ़ाये जाने को लेकर नगर पालिका के अधिकारियों की ओर से बैनामे द्वारा नामांतरण के लिए आने वाली संपत्ति पर एक प्रतिशत शुल्क लेने की योजना तैयार की जा रही है।
पीडीडीयू नगर। नगर पालिका की ओर से बैनामे से नामांतरण के मामले में एक प्रतिशत शुल्क लगाये जाने के बाद प्रत्येक माह राजस्व में काफी बढ़ोतरी की उम्मीद है। हर माह नगर पालिका में 50 से 55 संपत्ति के मामले बैनामे के जरिये नाम दर्ज कराने को लेकर आते है। संवाद
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नगर पालिका क्षेत्र में बैनामे से नामांतरण शुल्क की गणना को इस प्रकार समझा जा सकता है। अगर आमने कोई मकान नौ लाख रुपये में किसी से खरीदा है, तो जब आप उस संपत्ति को नगर पालिका में अपने नाम से दर्ज कराने जाएंगे तो आपको नौ लाख रुपये का एक प्रति अर्थात नौ हजार रुपये शुल्क देना होगा। वहीं यदि आपने घर बनाने के लिए कोई जमीन दस लाख रुपये में खरीदी है और उसपर मकान बनवाकर उसे नगर पालिका में दर्ज कराने के लिए जाते हैं तो जमीन क्रय मूल्य का एक प्रतिशत अर्थात दस हजार रुपये शुल्क देना पड़ेगा।
नगर पालिका की ओर से राजस्व बढ़ाने के लिए बैनामे से किसी मकान में नामांतरण या फिर नये मकान को नगर पालिका में दर्ज कराये जाने पर एक प्रतिशत वसूूलने की तैयारी है। इसे जल्द ही बोर्ड में पास कराया जाएगा। कृष्ण चंद्र, ईओ, पीडीडीयू नगर
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नगर पालिका क्षेत्र में कुल 25 वार्ड है। ग्रामीण क्षेत्रों से सटी नगर पालिका की सीमा में धड़ल्ले से प्लाटिंग हो रही है। प्लाटरों द्वारा बिना नाली, सड़क व प्रकाश की व्यवस्था किये ऊंचे दामों में प्लाट को बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है। खरीदे गये प्लाट पर घर बनाने के बाद वहां पानी निकासी से लेकर सड़क की समस्या को लेकर लोगों द्वारा नगर पालिका पर सुविधाएं देने का दबाब बनाया जाता है। वहीं दूसरी तरफ कोरोना काल में प्रदेश सरकार की ओर से नगर पालिका के बजट में भी काफी कटौती की गई है। ऐसे में विकास कार्यों के संदर्भ में बजट बढ़ाये जाने को लेकर नगर पालिका के अधिकारियों की ओर से बैनामे द्वारा नामांतरण के लिए आने वाली संपत्ति पर एक प्रतिशत शुल्क लेने की योजना तैयार की जा रही है।
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पीडीडीयू नगर। नगर पालिका की ओर से बैनामे से नामांतरण के मामले में एक प्रतिशत शुल्क लगाये जाने के बाद प्रत्येक माह राजस्व में काफी बढ़ोतरी की उम्मीद है। हर माह नगर पालिका में 50 से 55 संपत्ति के मामले बैनामे के जरिये नाम दर्ज कराने को लेकर आते है। संवाद
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नगर पालिका क्षेत्र में बैनामे से नामांतरण शुल्क की गणना को इस प्रकार समझा जा सकता है। अगर आमने कोई मकान नौ लाख रुपये में किसी से खरीदा है, तो जब आप उस संपत्ति को नगर पालिका में अपने नाम से दर्ज कराने जाएंगे तो आपको नौ लाख रुपये का एक प्रति अर्थात नौ हजार रुपये शुल्क देना होगा। वहीं यदि आपने घर बनाने के लिए कोई जमीन दस लाख रुपये में खरीदी है और उसपर मकान बनवाकर उसे नगर पालिका में दर्ज कराने के लिए जाते हैं तो जमीन क्रय मूल्य का एक प्रतिशत अर्थात दस हजार रुपये शुल्क देना पड़ेगा।
नगर पालिका की ओर से राजस्व बढ़ाने के लिए बैनामे से किसी मकान में नामांतरण या फिर नये मकान को नगर पालिका में दर्ज कराये जाने पर एक प्रतिशत वसूूलने की तैयारी है। इसे जल्द ही बोर्ड में पास कराया जाएगा। कृष्ण चंद्र, ईओ, पीडीडीयू नगर