{"_id":"6ab97caf6b2da89950074cd5","slug":"high-mast-lights-installed-at-17-intersections-and-junctions-did-not-even-last-six-months-chandauli-news-c-20-vns1053-1559774-2026-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: 17 चौराहों-तिराहों पर लगीं हाईमास्ट लाइटें छह महीने भी नहीं चलीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: 17 चौराहों-तिराहों पर लगीं हाईमास्ट लाइटें छह महीने भी नहीं चलीं
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। जिले के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों को रोशन करने के लिए करीब 25.5 लाख रुपये खर्च कर लगाई गईं 17 हाईमास्ट लाइट छह महीने में ही खराब होने लगीं।
तीन से चार महीने तक चौराहों को रोशन करने के बाद कई हाईमास्ट अब बंद पड़ी हैं। इससे शाम होते ही चौराहों और बाजारों में अंधेरा छा जाता है। ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि शिकायतों के बाद भी खराब लाइटों की मरम्मत नहीं कराई जा रही है।
जिले में ज्यादातर लाइटें सांसद और विधायक निधि से लगाई गई हैं। इलिया में ब्लॉक प्रमुख की ओर से लगवाई गई हैं। आंकड़ों के अनुसार एक हाईमास्ट लाइट पर औसतन करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च आया था। लोगों का आरोप है कि लाइट लगने के बाद उनके नियमित रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया। साथ ही खराब लाइट की मरम्मत की व्यवस्था भी स्पष्ट नहीं है। इनकी मरम्मत का काम किस विभाग के जिम्मे है, लोगों को इसकी कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
सांसद-विधायक निधि से लगाई गईं हाईमास्ट लाइटजिले में ज्यादातर हाईमास्ट लाइट सांसद और विधायक निधि से लगाई गई हैं। नियामताबाद के कूढे खुर्द गांव में दो हाईमास्ट लाइट भाजपा की राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह के निधि से नंवबर 2025 में लगाया गया था जो खराब हो गई है।
बरहनी चौराहे पर और ककरैत तिराहे पर हाईमास्ट लाइट तत्कालीन भाजपा सांसद डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने लगवाई थीं, जो खराब हो गई हैं।
अमड़ा चौराहे पर 2022 में भाजपा सांसद डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने हाईमास्ट लाइट लगवाई थीं, जो हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहनी में सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने आठ महीने पहले हाईमास्ट लाइट लगवाई थी जो छह महीने से खराब है। इलिया में ब्लॉक प्रमुख गीता देवी ने एक साल पहले 18 खंभों पर हाईमास्ट लाइट लगवाई थी, जिसमें 10 खराब हो गई हैं।
टांडाकला चौराहे पर तीन साल पहले सपा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव की ओर से हाईमास्ट लाइट लगवाई थी, जो छह महीने से खराब है।
विज्ञापन
तीन से चार महीने तक चौराहों को रोशन करने के बाद कई हाईमास्ट अब बंद पड़ी हैं। इससे शाम होते ही चौराहों और बाजारों में अंधेरा छा जाता है। ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि शिकायतों के बाद भी खराब लाइटों की मरम्मत नहीं कराई जा रही है।
विज्ञापन
जिले में ज्यादातर लाइटें सांसद और विधायक निधि से लगाई गई हैं। इलिया में ब्लॉक प्रमुख की ओर से लगवाई गई हैं। आंकड़ों के अनुसार एक हाईमास्ट लाइट पर औसतन करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च आया था। लोगों का आरोप है कि लाइट लगने के बाद उनके नियमित रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया। साथ ही खराब लाइट की मरम्मत की व्यवस्था भी स्पष्ट नहीं है। इनकी मरम्मत का काम किस विभाग के जिम्मे है, लोगों को इसकी कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
सांसद-विधायक निधि से लगाई गईं हाईमास्ट लाइटजिले में ज्यादातर हाईमास्ट लाइट सांसद और विधायक निधि से लगाई गई हैं। नियामताबाद के कूढे खुर्द गांव में दो हाईमास्ट लाइट भाजपा की राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह के निधि से नंवबर 2025 में लगाया गया था जो खराब हो गई है।
बरहनी चौराहे पर और ककरैत तिराहे पर हाईमास्ट लाइट तत्कालीन भाजपा सांसद डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने लगवाई थीं, जो खराब हो गई हैं।
अमड़ा चौराहे पर 2022 में भाजपा सांसद डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने हाईमास्ट लाइट लगवाई थीं, जो हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहनी में सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने आठ महीने पहले हाईमास्ट लाइट लगवाई थी जो छह महीने से खराब है। इलिया में ब्लॉक प्रमुख गीता देवी ने एक साल पहले 18 खंभों पर हाईमास्ट लाइट लगवाई थी, जिसमें 10 खराब हो गई हैं।
टांडाकला चौराहे पर तीन साल पहले सपा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव की ओर से हाईमास्ट लाइट लगवाई थी, जो छह महीने से खराब है।