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लाइसेंस फीस माफ करने के लिए सौंपा ज्ञापन
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चंदौली। सरकारी शराब के दुकानों के अनुज्ञापियों का एक प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंच प्रशासनिक अफसर रामप्रसाद को ज्ञापन सौंपा। अनुज्ञापियों ने लॉकडाउन के 45 दिनों तक दुकान को बंद रहने के दौरान लाइसेंस फीस माफ किए जाने की मांग की। साथ ही कोविड-19 संक्रमण काल में शराब की बिक्री घटने पर नए सिरे से वार्षिक कोटा निर्धारित किए जाने की आवश्यकता जताई, ताकि उन्हें आर्थिक क्षति न हो।
आबकारी विभाग से आवंटित शराब की दुकानों के अनुज्ञापियों ने कहा कि कोरोना संक्रमणकाल में जनपद चंदौली के विदेशी एवं देशी मदिरा के साथ बीयर की दुकानें मार्च महीने में 10 दिन एवं अप्रैल-मई माह में 35 दिनों तक बंद रही। इस दौरान दुकानों की आमदनी शून्य रही। वहीं चार अप्रैल के बाद दुकानें सरकार के नए शासनादेश के मुताबिक चलायी जा रही है, जिसमें दुकानों के संचालन का समय घटा दिया गया है, वहीं सार्वजनिक स्थलों पर पाबंदी व लोगों के पलायन के कारण दुकानों की बिक्री 75 फीसदी घट गयी है, जिससे अनुज्ञापियों को प्रतिदिन भारी आर्थिक क्षति हो रही है। इसे संज्ञान में लेते हुए सरकारी शराब की दुकानों के वार्षिक कोटे को घटाया जाए। साथ ही लॉकडाउन में बंद दुकानों के लाइसेंस फीस को पूरी तरह से माफ किया जाए, ताकि इस विषम परिस्थिति में वित्तीय समस्याओं से अनुज्ञापियों को राहत मिल सके। इस अवसर पर अजय जायसवाल, नरायनदास जायसवाल, लक्ष्मन जायसवाल, ओमप्रकाश जायसवाल, राहुल जायसवाल, संजय जायसवाल उपस्थित रहे।
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आबकारी विभाग से आवंटित शराब की दुकानों के अनुज्ञापियों ने कहा कि कोरोना संक्रमणकाल में जनपद चंदौली के विदेशी एवं देशी मदिरा के साथ बीयर की दुकानें मार्च महीने में 10 दिन एवं अप्रैल-मई माह में 35 दिनों तक बंद रही। इस दौरान दुकानों की आमदनी शून्य रही। वहीं चार अप्रैल के बाद दुकानें सरकार के नए शासनादेश के मुताबिक चलायी जा रही है, जिसमें दुकानों के संचालन का समय घटा दिया गया है, वहीं सार्वजनिक स्थलों पर पाबंदी व लोगों के पलायन के कारण दुकानों की बिक्री 75 फीसदी घट गयी है, जिससे अनुज्ञापियों को प्रतिदिन भारी आर्थिक क्षति हो रही है। इसे संज्ञान में लेते हुए सरकारी शराब की दुकानों के वार्षिक कोटे को घटाया जाए। साथ ही लॉकडाउन में बंद दुकानों के लाइसेंस फीस को पूरी तरह से माफ किया जाए, ताकि इस विषम परिस्थिति में वित्तीय समस्याओं से अनुज्ञापियों को राहत मिल सके। इस अवसर पर अजय जायसवाल, नरायनदास जायसवाल, लक्ष्मन जायसवाल, ओमप्रकाश जायसवाल, राहुल जायसवाल, संजय जायसवाल उपस्थित रहे।
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