फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

एच1एन1: दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में स्वाइन फ्लू का प्रकोप, गर्भवती महिलाओं में संक्रमण कितना खतरनाक?

Sun, 30 Aug 2026 10:15 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sun, 30 Aug 2026 10:15 PM IST
सार

गर्भावस्था में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण सामान्य लोगों की तुलना में अधिक गंभीर हो सकता है। तेज बुखार, सांस की परेशानी और निमोनिया जैसी जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है। गंभीर संक्रमण गर्भावस्था को भी प्रभावित कर सकता है।

विज्ञापन
Risk of H1N1 Swine Flu During Pregnancy How Dangerous Is It for Mother and Baby
गर्भावस्था में स्वाइन फ्लू का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI

एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू इन दिनों दिल्ली-एनसीआर ही नहीं देश के कई अन्य राज्यों के लिए मुश्किलें बढ़ाता देखा जा रहा है। राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश जैसे कई राज्यों में भी इसके मामले बढ़ रहे हैं, जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ काफी चिंतित हैं। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक दिल्ली-एनसीआर में संक्रमण के 2700 से अधिक मामले रिपोर्ट किए जा चुके हैं। कुछ राज्यों से संक्रमितों की मौत के मामले भी सामने आए हैं।



मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अगस्त के आखिर हफ्ते तक कर्नाटक के 32 जिलों में सीजनल इन्फ्लूएंजा और एच1एन1 के 4,200 से ज्यादा मामलों की पुष्टि लैब में हुई है। इसके अलावा महाराष्ट्र में 1100 से अधिक लोग संक्रमित सामने आए हैं। राजस्थान में भी स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। अकेले अगस्त में राजस्थान में संक्रमण के 55 नए मामले सामने आए, जो इस साल किसी एक महीने में दर्ज किए गए सबसे ज्यादा मामले हैं, इसके साथ कुछ मरीजों की संख्या बढ़कर 146 हो गई है। 

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के डायरेक्टर-जनरल राजीव बहल कहते हैं, भारत में अभी इन्फ्लूएंजा-ए के जो मामले सामने आ रहे हैं, उनमें से लगभग 98% मामले एच1एन1 स्ट्रेन की वजह से हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को इस बढ़ते खतरे से बचे रहने की सलाह दे रहे हैं।

Risk of H1N1 Swine Flu During Pregnancy How Dangerous Is It for Mother and Baby
स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर अलर्ट - फोटो : Freepik.com

कुछ लोगों में स्वाइन फ्लू का खतरा अधिक

स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों के मन में सवाल है कि क्या एच1एन1, कोरोना के बाद एक नई महामारी का कारण बन सकता है? अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने इसपर विस्तार से जानकारी दी है।
 

  • स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं वैसे तो एच1एन1, इन्फ्लुएंजा-ए वायरस का ही एक प्रकार है और अक्सर लोगों में हल्की बीमारी का कारण बनता है। पर छोटे बच्चों, बुजुर्गों, पहले से किसी बीमारी के शिकार या फिर गर्भवती महिलाओं के लिए ये मुश्किलें बढ़ाने वाला हो सकता है।
  • गर्भावस्था के दौरान शरीर में होने वाले बदलावों के कारण फ्लू गंभीर रूप ले सकता है और कुछ महिलाओं में अस्पताल में भर्ती होने तक की नौबत आ सकती है। 
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) भी गर्भवती महिलाओं को गंभीर फ्लू के अधिक जोखिम वाले समूह में मानता है।
Risk of H1N1 Swine Flu During Pregnancy How Dangerous Is It for Mother and Baby
गर्भावस्था में फ्लू का खतरा - फोटो : Freepik.com

गर्भावस्था में स्वाइन फ्लू के खतरे

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्वाइन फ्लू होने पर ज्यादातर लोगों में तेज बुखार, खांसी-गले में खराश, सिरदर्द-बदन दर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं। ज्यादातर मामलों में फ्लू आसानी से ठीक भी हो जाता है, लेकिन गर्भवती महिलाओं में संक्रमण बढ़ने पर सांस लेने में परेशानी और निमोनिया जैसी गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं।
 

  • गंभीर संक्रमण, खासकर तेज बुखार और मां की बिगड़ती सेहत, गर्भावस्था पर भी असर डाल सकती है। 
  • कुछ अध्ययनों में गर्भावस्था के दौरान इन्फ्लुएंजा संक्रमण और तेज बुखार के कारण शिशु की सेहत पर असर और समय से पहले प्रसव जैसी समस्याओं को भी बढ़ाने वाला बताया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Risk of H1N1 Swine Flu During Pregnancy How Dangerous Is It for Mother and Baby
प्रेग्नेंसी में स्वाइन फ्लू का संक्रमण - फोटो : Adobe Stock

क्या कहती हैं विशेषज्ञ?

महिला रोग विशेषज्ञ डॉ अर्चना सिंह बताती हैं, गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान और डिलीवरी के दो हफ्त बाद तक जटिलताओं का जोखिम सबसे ज्यादा होता है। किसी भी प्रकार के इंफ्लूएंजा के संक्रमण से डिहाइड्रेशन, समय से पहले प्रसव (प्री-टर्म लेबर), सांस लेने में तकलीफ और भ्रूण को दिक्कतें (फीटल डिस्ट्रेस) हो सकती है।
 

  • गर्भावस्था में 100.4°F जितना तेज बुखार न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट्स (जैसे स्पाइना बिफिडा) और बच्चे के दिल के विकास से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ाने वाला हो सकता है।
  • इसी तरह से प्रेग्नेंसी के दौरान निमोनिया जैसी गंभीर स्थिति होने से मां के शरीर में ऑक्सीजन का लेवल कम होने का खतरा काफी बढ़ जाता है, जिससे मां और बच्चे दोनों के लिए गंभीर परेशानियां हो सकती हैं।
  • कुछ मामलों में इससे सेप्सिस और अन्य संक्रमण बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है।
  • अध्ययनों से पता चलता है कि गर्भावस्था के दौरान निमोनिया या सांस की दिक्कत होने पर हाई ब्लड प्रेशर से संबंधित दिक्कतें भी बढ़ सकती हैं।
विज्ञापन
Risk of H1N1 Swine Flu During Pregnancy How Dangerous Is It for Mother and Baby
गर्भावस्था में बरतें सावधानी - फोटो : AmarUjala.com/AI

संक्रमण हो जाए तो क्या करें?

डॉक्टर कहती हैं, स्वाइन फ्लू के इस सीजन में सभी गर्भवती को चिंता करने की जरूरत नहीं है, पर सावधानी बहुत जरूरी है। अगर गर्भवती महिला को पहले से डायबिटीज, हृदय रोग, अस्थमा या दूसरी क्रॉनिक बीमारियां हैं तो जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे महिलाओं को तेज बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी, बहुत ज्यादा कमजोरी या हालत बिगड़ने जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। 
 

  • गर्भावस्था में फ्लू के कारण होने वाले खतरों को कम करने के लिए अपने डॉक्टर की सलाह पर इन्फ्लुएंजा वैक्सीन लगवानी चाहिए।
  • टीकाकरण केवल मां की सुरक्षा नहीं करता, बल्कि गर्भावस्था के दौरान मां से बच्चे तक पहुंचने वाली एंटीबॉडी के कारण जन्म के बाद शुरुआती महीनों में बच्चे को भी कुछ सुरक्षा मिल सकती है।
  • नियमित रूप से हाथों की सफाई, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना और संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से बचाव जरूरी है।
  • वहीं अगर आप संक्रमित हो गई हैं तो खुद से दवा लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 
  •  



--------------
स्रोत:
Pneumonia in the Pregnant Patient


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed