{"_id":"6269914b00f99822e24a292c","slug":"defects-found-in-construction-instructions-for-action-chandauli-news-vns6505164186","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिलाधिकारी को निरीक्षण के दौरान मिली खामियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिलाधिकारी को निरीक्षण के दौरान मिली खामियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चहनिया। जिलाधिकारी संजीव सिंह ने बुधवार को स्थानीय विकास खंड के सेमरा एवं पलिया ग्राम पंचायत का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों के गुणवत्ता की जांच की। जांच में सेमरा पंचायत भवन में मोटी बालू की जगह महीन बालू का उपयोग किये जाने तथा प्लास्टर की सही ढंग से तराई नहीं होने के साथ खराब फिनिशिंग दिखा। इस पर जिलाधिकारी ने कार्रवाई के आदेश दिए।
जिलाधिकारी संजीव सिंह दब बल के साथ बुधवार को सेमरा और पलिय गांव में विकास कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे। इससे गांव में खलबली की स्थिति हो गई। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सेमरा व पलिया में मनरेगा योजना के अंतर्गत निर्मित इंटरलॉकिंग रास्ता का मौके पर ईट निकलवा कर गुणवत्ता भी देखी। इंटरलॉकिंग जगह-जगह बैठ गई थी। इस पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए। साथ ही इंटरलॉकिंग में पीसीसी के जगह केवल ईट की गिट्टी व महीन बालू के मिक्स का प्रयोग किया गया था। निर्माण की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं मिली। इस पर उन्होंने कार्यवाही के आदेश दिए। बाद में डीएम ने आदर्श पंचायत भवन पलिया और नवनिर्मित जनसेवा केंद्र पर पहुंच कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने उपस्थित ग्रामपंचायत सचिव एवं प्रधान को निर्देशित करते हुए कहा कि जल्द ही इंटरनेट की व्यवस्था करते हुए कंप्यूटर एवं अन्य उपकरण को स्थापित करते हुए जन सेवा केंद्र संचालित की जाए। इस दौरान समस्त अधिकारीगण उपस्थित रहे ।
विज्ञापन
जिलाधिकारी संजीव सिंह दब बल के साथ बुधवार को सेमरा और पलिय गांव में विकास कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे। इससे गांव में खलबली की स्थिति हो गई। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सेमरा व पलिया में मनरेगा योजना के अंतर्गत निर्मित इंटरलॉकिंग रास्ता का मौके पर ईट निकलवा कर गुणवत्ता भी देखी। इंटरलॉकिंग जगह-जगह बैठ गई थी। इस पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए। साथ ही इंटरलॉकिंग में पीसीसी के जगह केवल ईट की गिट्टी व महीन बालू के मिक्स का प्रयोग किया गया था। निर्माण की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं मिली। इस पर उन्होंने कार्यवाही के आदेश दिए। बाद में डीएम ने आदर्श पंचायत भवन पलिया और नवनिर्मित जनसेवा केंद्र पर पहुंच कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने उपस्थित ग्रामपंचायत सचिव एवं प्रधान को निर्देशित करते हुए कहा कि जल्द ही इंटरनेट की व्यवस्था करते हुए कंप्यूटर एवं अन्य उपकरण को स्थापित करते हुए जन सेवा केंद्र संचालित की जाए। इस दौरान समस्त अधिकारीगण उपस्थित रहे ।
विज्ञापन