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शराब पीने को पैसे नहीं दिए तो पत्नी को दूधमुहे बच्चों संग मारने की कोशिश की
Updated Mon, 05 Feb 2018 12:33 AM IST
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टाडांकला। पत्नी ने शराब पीने के लिए पैसे नहीं दिए तो पति ने मायके पहुंचाने के बहाने रविवार को दोपहर में तिरगांवा सैदपुर पुल से गंगा मेंपत्नी को दुधमुंहे बच्चों संग गंगा नदी में धक्का दे दिया। संयोग रहा कि रेलिंग की वजह से पत्नी नीचे नहीं गिरी। पत्नी के शोर मचाने पर आस-पास के लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला के मायके वालों को बुलाकर बच्चों और महिला को उनके हवाले कर दिया जबकि पति को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई में जुटी है।
बलुआ थाना अंतर्गत रामगढ़ गांव निवासी संतोष बारी (29) का विवाह वर्ष 2014 में आजगमढ़ निवासी नीतू देवी (26) के साथ हुआ था। दोनों से दो बच्चे क्रमश: श्रेया (03) और कृष्णा (डेढ़ वर्ष) हैं। संतोष मुंबई में रहकर निजी फैक्टरी में काम करता है। इधर बीच वह गांव आया हुआ था। रविवार को दोपहर में वह नशे में धुत होकर घर पहुंचा। उसने पत्नी से शराब पीने के लिए और पैसे मांग की। मना करने पर वह पत्नी की पिटाई कर दी और पत्नी को मायके जाने को कह दिया। पत्नी ने भी तिरगांवा पुल तक पहुंचाने की बात कही ताकि दूसरे वाहन से वह मायके जा सके। संतोष अपनी पत्नी नीतू और दोनों बच्चों को लेकर दोपहर में तिरगांवा सैदपुर पुल पर पहुंचा और एक किनारे बाइक रोक दी। पत्नी नीचे उतरी और कुछ समझती इससे पहले ही उसने पत्नी को बच्चों के संग नदी में धक्का दे दिया। रेलिंग की वजह से वह नीचे नहीं गिरी तो उसने हाथ पकड़ कर नीचे धक्का देने लगा। यह देख पत्नी ने शोर मचाया तो राहगीरों की भीड़ जुट गई और तीनों की जान बचाई। राहगीरों की सूचना पर सौ नंबर पुलिस पहुंची और पति, पत्नी को बच्चों को मारुफपुर चौकी ले आई। यहां नीतू के मायके वालों को खबर दी। मायके वालों के आने पर नीतू व बच्चों को उनके हवाले कर दिया जबकि संतोष को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई मेें जुटी है।
बलुआ थाना अंतर्गत रामगढ़ गांव निवासी संतोष बारी (29) का विवाह वर्ष 2014 में आजगमढ़ निवासी नीतू देवी (26) के साथ हुआ था। दोनों से दो बच्चे क्रमश: श्रेया (03) और कृष्णा (डेढ़ वर्ष) हैं। संतोष मुंबई में रहकर निजी फैक्टरी में काम करता है। इधर बीच वह गांव आया हुआ था। रविवार को दोपहर में वह नशे में धुत होकर घर पहुंचा। उसने पत्नी से शराब पीने के लिए और पैसे मांग की। मना करने पर वह पत्नी की पिटाई कर दी और पत्नी को मायके जाने को कह दिया। पत्नी ने भी तिरगांवा पुल तक पहुंचाने की बात कही ताकि दूसरे वाहन से वह मायके जा सके। संतोष अपनी पत्नी नीतू और दोनों बच्चों को लेकर दोपहर में तिरगांवा सैदपुर पुल पर पहुंचा और एक किनारे बाइक रोक दी। पत्नी नीचे उतरी और कुछ समझती इससे पहले ही उसने पत्नी को बच्चों के संग नदी में धक्का दे दिया। रेलिंग की वजह से वह नीचे नहीं गिरी तो उसने हाथ पकड़ कर नीचे धक्का देने लगा। यह देख पत्नी ने शोर मचाया तो राहगीरों की भीड़ जुट गई और तीनों की जान बचाई। राहगीरों की सूचना पर सौ नंबर पुलिस पहुंची और पति, पत्नी को बच्चों को मारुफपुर चौकी ले आई। यहां नीतू के मायके वालों को खबर दी। मायके वालों के आने पर नीतू व बच्चों को उनके हवाले कर दिया जबकि संतोष को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई मेें जुटी है।
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