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गायब वनरक्षक की बाइक व कपड़े मिले
Updated Wed, 05 Sep 2018 12:57 AM IST
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नौगढ़। काशी वन्य जीव प्रभाग रामनगर के जयमोहनी रेंज में तैनात वनरक्षक दूधनाथ (42) के गायब होने और नक्सल प्रभावित इलाके में लावारिस हाल में उसकी बाइक और उस पर टंगे उसके कपड़े मिलने से बड़ी अनहोनी की आशंका जताई जा रही है। बाइक और कपड़े मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारियों और नक्सल पुलिस ने जंगल इलाके में दिनभर कांबिंग की लेकिन वनकर्मी का पता नहीं चल सका है। गौरतलब है कि रविवार से वनकर्मी रहस्यमय ढंग से लापता है। उसके बेटे ने मंगलवार को नौगढ़ कोतवाली में तहरीर दी है।
मंगलवार को प्रभागीय वनाधिकारी मनोज खरे के निर्देश पर वन क्षेत्राधिकारी जयमोहनी रेंज मोहन वर्मा व वन क्षेत्राधिकारी जानकीशरण श्रीवास्तव के साथ वनकर्मियों ने क्षेत्र में सघन कांबिंग अभियान चलाया। इस दौरान नवा पहाड़ी के पास वनरक्षक की बाइक मिली। बाइक की हैंडिल पर पैंट, शर्ट और बनियान टंगे मिले। इससे कुछ दूरी पर गमछा और दवा का एक पैकेट भी बरामद हुआ है। बाइक व अन्य सामान मिलने के बाद अनहोनी की आशंका पर वन क्षेत्राधिकारी की सूचना पर सीओ नक्सल नीरज व प्रभारी निरीक्षक तेज बहादुर सिंह के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने जंगल का कोना-कोना छान मारा। उन्होंने जंगल में बसे वनवासियों से भी पूछताछ की लेकिन गायब वनकर्मी का कोई सुराग नहीं मिला।
बताया जाता है दूधनाथ जन्माष्टमी का त्योहार होने के कारण अपने घर बटबंतरा जनपद सोनभद्र गए थे। 31 अगस्त को निकले वनरक्षक के दो सितंबर तक न लौटने पर वन क्षेत्राधिकारी ने अन्य स्टाफ से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि वे अभी नहीं लौटे है और उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ है। उनके घर के नंबर पर कॉल की गई तो पुत्र विजय ने बताया कि पिताजी सुबह ही कार्यालय चले गए हैं। इसके बाद से वनरक्षक के गांव के लोग और वन विभाग के कर्मचारी समूचे जंगल की पहाड़ियों और जल स्रोतों पर उनकी तलाश की और रिश्तेदारियों में भी पता किया लेकिन कोई सुराग हासिल नहीं हुआ। मंगलवार की सुबह दूधनाथ का पुत्र विजय और उदय प्रताप अपनी मां निशा यादव के साथ रेंज कार्यालय आकर वन क्षेत्राधिकारी से उनके बारे में पूछताछ की। वहीं मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव कानपुर में तैनात रामजी यादव ने बताया कि एक सितंबर को मधुपुर बाजार में दूधनाथ उनसे मिले थे। दोनों ने एक दुकान पर चाय पी। तभी दूधनाथ के मोबाइल पर किसी का फोन आया और वे जल्दी में चले गए। इसके बाद जय मोहनी रेंज में तैनात वाचमैन राजकुमार ने एक सितंबर को मोबाइल पर कॉल कर दूधनाथ से पूछा था कि कब आओगे तो उन्होंने मुसीबत में होने की बात कहकर फोन काट दिया।
मंगलवार को प्रभागीय वनाधिकारी मनोज खरे के निर्देश पर वन क्षेत्राधिकारी जयमोहनी रेंज मोहन वर्मा व वन क्षेत्राधिकारी जानकीशरण श्रीवास्तव के साथ वनकर्मियों ने क्षेत्र में सघन कांबिंग अभियान चलाया। इस दौरान नवा पहाड़ी के पास वनरक्षक की बाइक मिली। बाइक की हैंडिल पर पैंट, शर्ट और बनियान टंगे मिले। इससे कुछ दूरी पर गमछा और दवा का एक पैकेट भी बरामद हुआ है। बाइक व अन्य सामान मिलने के बाद अनहोनी की आशंका पर वन क्षेत्राधिकारी की सूचना पर सीओ नक्सल नीरज व प्रभारी निरीक्षक तेज बहादुर सिंह के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने जंगल का कोना-कोना छान मारा। उन्होंने जंगल में बसे वनवासियों से भी पूछताछ की लेकिन गायब वनकर्मी का कोई सुराग नहीं मिला।
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बताया जाता है दूधनाथ जन्माष्टमी का त्योहार होने के कारण अपने घर बटबंतरा जनपद सोनभद्र गए थे। 31 अगस्त को निकले वनरक्षक के दो सितंबर तक न लौटने पर वन क्षेत्राधिकारी ने अन्य स्टाफ से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि वे अभी नहीं लौटे है और उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ है। उनके घर के नंबर पर कॉल की गई तो पुत्र विजय ने बताया कि पिताजी सुबह ही कार्यालय चले गए हैं। इसके बाद से वनरक्षक के गांव के लोग और वन विभाग के कर्मचारी समूचे जंगल की पहाड़ियों और जल स्रोतों पर उनकी तलाश की और रिश्तेदारियों में भी पता किया लेकिन कोई सुराग हासिल नहीं हुआ। मंगलवार की सुबह दूधनाथ का पुत्र विजय और उदय प्रताप अपनी मां निशा यादव के साथ रेंज कार्यालय आकर वन क्षेत्राधिकारी से उनके बारे में पूछताछ की। वहीं मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव कानपुर में तैनात रामजी यादव ने बताया कि एक सितंबर को मधुपुर बाजार में दूधनाथ उनसे मिले थे। दोनों ने एक दुकान पर चाय पी। तभी दूधनाथ के मोबाइल पर किसी का फोन आया और वे जल्दी में चले गए। इसके बाद जय मोहनी रेंज में तैनात वाचमैन राजकुमार ने एक सितंबर को मोबाइल पर कॉल कर दूधनाथ से पूछा था कि कब आओगे तो उन्होंने मुसीबत में होने की बात कहकर फोन काट दिया।
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