{"_id":"608affa78ebc3ed1fb0bf9d0","slug":"corona-patients-will-be-given-free-treatment-in-private-hospital-chandauli-news-vns5873532194","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना के मरीजों का निजी हॉस्पिटल में होगा नि:शुल्क इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना के मरीजों का निजी हॉस्पिटल में होगा नि:शुल्क इलाज
विज्ञापन
चंदौली। कोरोना के मरीजों के नि:शुल्क इलाज के लिए कोविड पॉजिटिव की भर्ती कोविड कमांड सेंटर के माध्यम से की जाएगी। यदि चिकित्सालयों में बेड उपलब्ध नहीं होंगे तो कोविड कमांड सेंटर का पत्र लेकर जाने पर निजी अस्पताल के लिए बेड उपलब्ध होने पर उसे आवश्यक रूप से भर्ती करना पड़ेगा। जिलाधिकारी संजीव सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार के सचिव ने सभी कोरोना मरीजों को उपयुक्त चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीपी द्विवेदी ने बताया कि इस पत्र में कहा गया है कि कोविड पॉजिटिव को उपयुक्त चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। यदि सरकारी चिकित्सालयों, प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में कोविड मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहे हैं, तो कोविड कमांड सेंटर के माध्यम से निजी चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कोविड के मरीज को निशुल्क चिकित्सा सुविधा और उनकी अस्पताल में भर्ती की कार्रवाई कोविड कमांड सेंटर के माध्यम से होगी। उन्हें भर्ती करने के लिए कोविड कमांड सेंटर के चिकित्सकों द्वारा वाइटल पैरामीटर्स की जानकारी ली जाएगी और मरीजों की गंभीरता के आधार पर उन्हें एल-1, एल-2 व एल-3 हॉस्पिटल में भर्ती कराया जाएगा। इसके अनुसार ही उन्हें अस्पताल का आवंटन किया जाएगा।
यदि उक्त चिकित्सालयों में कोई बेड उपलब्ध नहीं है हो तो इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर की ओर से प्रमाणपत्र जारी कर बताया जाएगा कि सरकारी चिकित्सालयों में बेड उपलब्ध नहीं हैं। इस प्रमाण पत्र के आधार पर यदि कोई कोविड के रोगी निजी चिकित्सालयों में जाएगा तो बेड की उपलब्धता होने पर अनिवार्य रूप से उस मरीज को भर्ती करना होगा। कंट्रोल रूम के प्रमाण पत्र के आधार पर निजी चिकित्सालयों में भर्ती कोविड रोगियों के इलाज के लिए आयुष्मान भारत की दर पर राज्य सरकार की ओर से उक्त निजी कोविड अस्पताल को भुगतान किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीपी द्विवेदी ने बताया कि इस पत्र में कहा गया है कि कोविड पॉजिटिव को उपयुक्त चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। यदि सरकारी चिकित्सालयों, प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में कोविड मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहे हैं, तो कोविड कमांड सेंटर के माध्यम से निजी चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कोविड के मरीज को निशुल्क चिकित्सा सुविधा और उनकी अस्पताल में भर्ती की कार्रवाई कोविड कमांड सेंटर के माध्यम से होगी। उन्हें भर्ती करने के लिए कोविड कमांड सेंटर के चिकित्सकों द्वारा वाइटल पैरामीटर्स की जानकारी ली जाएगी और मरीजों की गंभीरता के आधार पर उन्हें एल-1, एल-2 व एल-3 हॉस्पिटल में भर्ती कराया जाएगा। इसके अनुसार ही उन्हें अस्पताल का आवंटन किया जाएगा।
विज्ञापन
यदि उक्त चिकित्सालयों में कोई बेड उपलब्ध नहीं है हो तो इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर की ओर से प्रमाणपत्र जारी कर बताया जाएगा कि सरकारी चिकित्सालयों में बेड उपलब्ध नहीं हैं। इस प्रमाण पत्र के आधार पर यदि कोई कोविड के रोगी निजी चिकित्सालयों में जाएगा तो बेड की उपलब्धता होने पर अनिवार्य रूप से उस मरीज को भर्ती करना होगा। कंट्रोल रूम के प्रमाण पत्र के आधार पर निजी चिकित्सालयों में भर्ती कोविड रोगियों के इलाज के लिए आयुष्मान भारत की दर पर राज्य सरकार की ओर से उक्त निजी कोविड अस्पताल को भुगतान किया जाएगा।
विज्ञापन