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बेंच-कुर्सी नहीं आई, मजबूरी में चटाई पर बैठकर कर रहे पढ़ाई

Mon, 26 Sep 2022 01:15 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 26 Sep 2022 01:15 AM IST
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Bench-chair did not come, under compulsion studying on mat
कंदवा। प्रदेश सरकार परिषदीय स्कूलों के कायाकल्प पर अपना पूरा जोर लगाए हुए है लेकिन विकासखंड बरहनी के परिषदीय विद्यालयों में फर्नीचर के अभाव में बच्चे जमीन पर चटाई पर बैठ कर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं।विकासखंड के ज्यादातर परिषदीय विद्यालयों में यह स्थिति बनी हुई है।जिसमें पूर्व बीडियो बरहनी द्वारा गोद लिया विद्यालय भी शामिल हैं।
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विकास खंड बरहनी में 82 प्राथमिक,27 उच्च प्राथमिक और 27 कंपोजिट विद्यालय सहित कुल 136 विद्यालय संचालित होते हैं।प्राथमिक विद्यालयों में 17898 और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 8171 सहित कुल 26069 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। यहां उच्च प्राथमिक विद्यालय नूरी,जेवरी, रेवसा,सुढना,पौनी, कवरुआ और पसाई सहित सात उच्च प्राथमिक और ओयरचक,पिपरदहा, कंजेहरा,खुरहट,मुड्डा,मोहम्मदपुर,दैथा, ककरैत,कंदवा सहित 9 कंपोजिट व बरहनी, अरंगी,औरईया,बड़ी डिलिया,बगही, बकौड़ी,तम्मागढ, बरिला,भुजना,बरडीहा,बरठी कमरौर प्राथमिक विद्यालय सहित 56 प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर का अभाव है।कुल मिलाकर यहां कुल 72 परिषदीय विद्यालयों में फर्नीचर के अभाव में बच्चे टाट पट्टी पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं।एक तरफ जहां शासन स्तर से नित व्यवस्थाओं में नए- नए सुधार किए जा रहे हैं और पठन- पाठन को बेहतर बनाने का प्रयास है।वहीं बरहनी विकास खण्ड में आज भी बच्चे पुरानी पद्धति की तरह जमीन पर टाट पट्टी पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करते हुए खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।आलम यह है कि न तो शासन स्तर से विद्यालयों में फर्नीचर उपलब्ध हो पा रहा है और न ही सरकार द्वारा चलाए जा रहे कायाकल्प योजना से ही विद्यालयों में फर्नीचर की कमी को दूर किया जा रहा है।आलम यह है कि खंड विकास अधिकारी कार्यालय से चंद कदम की दूरी पर स्थित प्राथमिक विद्यालय बरहनी जो कि पूर्व के बीडियो राहुल सागर द्वारा गोद भी लिया गया था, बावजूद व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं हो पाया है।यहां विद्यालय के बच्चे आज भी जमीन पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में जमीन पर रेंगने वाले जीव जंतुओं से भी बच्चों को खतरा रहता है।ऐसे में अभिभावक भी अपने बच्चों को इन विद्यालयों में पठन-पाठन के लिए भेजने से कतराते हैं।
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विद्यालयों में फर्नीचर का अभाव है। जल्द ही विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रयास रहेगा।इसके लिए आगे सूचना भी दी गई है।-बरहनी राम आसरे राम,खंड शिक्षा अधिकारी
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-परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था सुव्यवस्थित हो इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर से भी प्रयास व विकास कार्य किया जा रहा है।आने वाले समय में फर्नीचर की व्यवस्था पर ध्यान दिया जाएगा।-विकास सिंह,बीडीओ,बरहनी
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