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Chandauli News: चौरहट-डोमरी फोरलेन के लिए की गई पैमाइश
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पड़ाव। चौरहट से डोमरी तक फोरलेन के लिए बुधवार को पैमाइश की गई। एनएचएआई, वन विभाग और रेलवे के अधिकारियों ने अभिलेखों के आधार पर भूमि का सत्यापन किया। इससे क्षेत्र के दुकानदारों और मकान मालिकों में हड़कंप मच गया।
संयुक्त टीम ने मौके पर संबंधित भूमि के स्वामित्व, प्रकृति और विभागीय अधिकार क्षेत्र की जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने यह भी जांच की कि प्रस्तावित सड़क के दायरे में आने वाली भूमि सरकारी, वन विभाग अथवा कृषि भूमि की श्रेणी में है। स्थलीय निरीक्षण के दौरान भूमि की सीमाओं, वर्तमान उपयोग और संबंधित विभागों के अधिकार क्षेत्र का भी अवलोकन किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि संयुक्त निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित परियोजना के लिए भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना है। इससे भूमि उपलब्धता और आवश्यक विभागीय अनुमतियों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सुविधा होगी। टीम ने मौके की स्थिति का अध्ययन कर परियोजना से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर भी चर्चा की।
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चौरहट से डोमरी तक प्रस्तावित फोरलेन को गंगा किनारे निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड से जोड़े जाने की योजना है। सत्यापन से सड़क की जद में आने वाले भवनों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लेकर भी लोगों में चर्चा रही। इस दौरान एनएचएआई के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर गगन विदुड़ी, मैनेजर टेक देवदत्त और अश्वनी सिंह, वन विभाग के रेंजर राजकुमार गौतम व पवन सिंह और रेलवे के अश्वनी मौजूद रहे।
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संयुक्त टीम ने मौके पर संबंधित भूमि के स्वामित्व, प्रकृति और विभागीय अधिकार क्षेत्र की जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने यह भी जांच की कि प्रस्तावित सड़क के दायरे में आने वाली भूमि सरकारी, वन विभाग अथवा कृषि भूमि की श्रेणी में है। स्थलीय निरीक्षण के दौरान भूमि की सीमाओं, वर्तमान उपयोग और संबंधित विभागों के अधिकार क्षेत्र का भी अवलोकन किया गया।
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अधिकारियों ने बताया कि संयुक्त निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित परियोजना के लिए भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना है। इससे भूमि उपलब्धता और आवश्यक विभागीय अनुमतियों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सुविधा होगी। टीम ने मौके की स्थिति का अध्ययन कर परियोजना से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर भी चर्चा की।
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चौरहट से डोमरी तक प्रस्तावित फोरलेन को गंगा किनारे निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड से जोड़े जाने की योजना है। सत्यापन से सड़क की जद में आने वाले भवनों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लेकर भी लोगों में चर्चा रही। इस दौरान एनएचएआई के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर गगन विदुड़ी, मैनेजर टेक देवदत्त और अश्वनी सिंह, वन विभाग के रेंजर राजकुमार गौतम व पवन सिंह और रेलवे के अश्वनी मौजूद रहे।