{"_id":"48cc328d9ced98c4b4611295f82ac57c","slug":"agitation-for-honorarium-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानदेय के लिए प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानदेय के लिए प्रदर्शन
चंदौली अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 May 2015 01:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आदर्श लोक शिक्षा प्रेरक वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने बुधवार को नौ
विज्ञापन
सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रेरकों ने
प्रदेश सरकार व बेसिक शिक्षा के साथ ही जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर
नारेबाजी की।
अंत में मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
इस मौके पर प्रेरकों ने कहा कि साक्षर भारत योजना अंतर्गत ग्राम पंचायतों में लोक शिक्षा प्रेरकों की नियुक्ति की गई है, जो गांव के निरक्षरों को साक्षर बनाने में पूरी ईमानदारी से लगे हुए हैं।
मानदेय भी निर्धारित किया गया है। लेकिन 22 माह बीत जाने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण प्रेरकों का मानदेय नहीं मिल पाया है। जिससे हम सभी के समक्ष घोर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। तमाम प्रयास के बाद भी शासन व बेसिक विभाग द्वारा प्रेरकों को मानदेय जारी करने के लिए कोई पहल नहीं की गई, जो हम सभी के साथ सौतेला व्यवहार है।
जिलाध्यक्ष राजेश यादव ने कहा कि हम सभी ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन कई बार दिए, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। प्रेरकों की समस्याओं को देखते हुए प्रदेश सरकार बकाया मानदेय जारी करने के साथ ही अन्य बिंदुओं पर गंभीरतापूर्वक विचार कर सके।
यदि ऐसा नहीं होता है तो लोक शिक्षा प्रेरक अपने हक के लिए सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। इस अवसर पर राजेश मौर्या, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, पंकज कुमार भारती, सुनील सिंह, रमेश मौर्या, बिंदु मौर्या, सीमा शर्मा, सरिता, वसीम अहमद, कृष्णनंद यादव, अरविंद यादव आदि उपस्थित रहे।
अंत में मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
इस मौके पर प्रेरकों ने कहा कि साक्षर भारत योजना अंतर्गत ग्राम पंचायतों में लोक शिक्षा प्रेरकों की नियुक्ति की गई है, जो गांव के निरक्षरों को साक्षर बनाने में पूरी ईमानदारी से लगे हुए हैं।
मानदेय भी निर्धारित किया गया है। लेकिन 22 माह बीत जाने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण प्रेरकों का मानदेय नहीं मिल पाया है। जिससे हम सभी के समक्ष घोर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। तमाम प्रयास के बाद भी शासन व बेसिक विभाग द्वारा प्रेरकों को मानदेय जारी करने के लिए कोई पहल नहीं की गई, जो हम सभी के साथ सौतेला व्यवहार है।
जिलाध्यक्ष राजेश यादव ने कहा कि हम सभी ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन कई बार दिए, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। प्रेरकों की समस्याओं को देखते हुए प्रदेश सरकार बकाया मानदेय जारी करने के साथ ही अन्य बिंदुओं पर गंभीरतापूर्वक विचार कर सके।
यदि ऐसा नहीं होता है तो लोक शिक्षा प्रेरक अपने हक के लिए सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। इस अवसर पर राजेश मौर्या, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, पंकज कुमार भारती, सुनील सिंह, रमेश मौर्या, बिंदु मौर्या, सीमा शर्मा, सरिता, वसीम अहमद, कृष्णनंद यादव, अरविंद यादव आदि उपस्थित रहे।