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अस्पताल के गेट पर ही दिया बच्चे को जन्म
Updated Sat, 15 Sep 2018 01:25 AM IST
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प्रसूताओं को दी जाने वाली सरकारी सहायता का नगर के राजकीय महिला अस्पताल में क्या हाल है, इसकी पोल तब खुली जब लापरवाही के कारण अस्पताल के गेट पर ही एक प्रसूता का रिक्शे पर ही प्रसव हो गया। एंबुलेंस के न पहुंचने से कोतवाली क्षेत्र के काली महाल में प्रसव पीड़ा से कराह रही प्रसूता को आखिरकार रिक्शा पर राजकीय महिला चिकित्सालय लाना पड़ा था।
पड़ाव निवासी अमर की पत्नी सपना देवी (35) गर्भ से थी। उसका इलाज नगर स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय में चल रहा था। वह कालीमहाल के अपने एक रिश्तेदार के यहां रहकर इलाज करा रही थी। शुक्रवार की देर शाम प्रसव पीड़ा से परेशान होकर 108 एंबुलेंस को फोन किया लेकिन घंटो बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंचा। थक हारकर परिजनों ने प्रसव पीड़ा से कराह रही सपना को लेकर रिक्शे से चिकित्सालय पहुंचे। गेट पर पहुंचते ही प्रसूता ने बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद भी चिकित्सालय के कर्मचारी जच्चा- बच्चा को इलाज के लिए अस्पताल में नहीं ले गए। बाद में अन्य लोगों के हस्तक्षेप के बाद महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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पड़ाव निवासी अमर की पत्नी सपना देवी (35) गर्भ से थी। उसका इलाज नगर स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय में चल रहा था। वह कालीमहाल के अपने एक रिश्तेदार के यहां रहकर इलाज करा रही थी। शुक्रवार की देर शाम प्रसव पीड़ा से परेशान होकर 108 एंबुलेंस को फोन किया लेकिन घंटो बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंचा। थक हारकर परिजनों ने प्रसव पीड़ा से कराह रही सपना को लेकर रिक्शे से चिकित्सालय पहुंचे। गेट पर पहुंचते ही प्रसूता ने बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद भी चिकित्सालय के कर्मचारी जच्चा- बच्चा को इलाज के लिए अस्पताल में नहीं ले गए। बाद में अन्य लोगों के हस्तक्षेप के बाद महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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