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बाबा कीनाराम जन्मस्थली पर जुटा आस्था का सैलाब
Updated Sun, 09 Sep 2018 12:56 AM IST
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चहनियां। अघोरेश्वर संत शिरोमणि बाबा कीनाराम के जन्म स्थली रामगढ़ में शनिवार की भोर में किनेश्वर महादेव के जलाभिषेक के साथ तीन दिवसीय जन्मोत्सव की शुरूआत हुई। पहले दिन ही बाबा के दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने बाबा कीनाराम के चरणों में मत्था टेका और मनवांछित फल की कामना की। बाबा की स्थली पर दिन भर ढोल नगाड़े, डमरू, घंट घड़ियाल बजते रहे और बाबा के जयकारे गूंजते रहे। बाबा के जन्मोत्सव पर महिलाओं ने सोहर गाए और आरती उतारी गई।
बाबा कीनाराम के तीन दिवसीय जन्मोत्सव की तैयारी कई दिनों से चल रही थी। बाबा के जन्मोत्सव के पहले दिन दर्शन पूजन के लिए लोगों की भीड़ सुबह से ही जुटने लगी। बाबा कीनाराम के तपोस्थली और कर्मभूमि रामगढ़ में शनिवार की पहले दिन सूर्य की पहली किरण दिखते ही कांवरियों ने बाबा का जलाभिषेक किया। इसके बाद मठ में ढ़ोल, नगाड़े, डमरूओं, घंट, घड़ियाल की नाद से गूंज उठे। उपस्थित हजारों भक्तों ने बाबा कीनाराम के गगन भेदी नारे लगाए। इसके बाद महिलाओं ने सोहर गाए और बाबा कीनाराम की नयनाभिराम झांकी प्रस्तुत की। इसके बाद बाबा के दर्शन पूजन का सिलसिला शुरू हुआ। भक्तों ने बाबा के दरबार में माथा टेक कर पूजन अर्चन किया और मंगल कामना की। सुबह मंगला पाठक, हरिशंकर तिवारी, रजत और चन्द्रशेखर ने रामायण पाठ किया। दोपहर बाद वाराणसी से आए कलाकारों ने भजन कीर्तन प्रस्तुत किया। इस दौरान स्कूली छात्र छात्राओं ने मनोहर झांकी के साथ भजन, कजली, सोहर गीतों से उपस्थित लोगों का मन मोहा। कलाकार अमन सिंह, रजत सिंह, अनामिका के भजन व भाव गीतों से वाहवाही लूटी। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
बाबा कीनाराम ने समाज को दिया नई दिशा
अमर उजाला ब्यूरो
चहनियां। बाबा कीनाराम अघोरपीठ रामगढ़ में बाबा कीनाराम जन्मोत्सव पर शनिवार को दोपहर बाद आयोजित गोष्ठी में विद्वानों ने संत कीनाराम के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्हें सच्चा समाजसेवी बताया। कहा कि बाबा को नई दिशा दी।
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मुख्य अतिथि के रूप में आए वरिष्ठ पत्रकार केके सिंह ने कहा कि बाबा कीनाराम शिव के अवतार थे। वे समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि बाबा ने चमत्कारिक क्रियाओं से समाज को एक नई दिशा दी। कहा आज उनके विचारों के अनुसरण की आवश्यकता है। छपरा विश्वविद्यालय के कुलपति हरिकेश बहादुर सिंह,जयशंकर गुप्ता, वरिष्ठ पत्रकार मनोज झा, झांसी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर डीएन तिवारी, प्रोफेसर एनएन उपाध्याय ने संत बाबा कीनाराम के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर सूर्यनाथ सिह, डॉ. जयप्रकाश पांडेय, गुप्तेश्वर सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान सीताराम यादव, अरूण सिंह, नंदू गुप्ता, अरूण यादव, मुनमुन सिंह, विशाल सिंह, अरविंद सिंह, अरूण सिंह, अतुलरतन मिश्र, अरविंद पांडेय उपस्थित रहे। संचालन धनंजय और राजेंद्र ने किया। धन्यवाद ज्ञापन आयोजक अजीत कुमार सिंह ने दिया।
03-एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
चहनियां। रामगढ़ में जन्मस्थली पर भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया। उन्होंने मातहतों को निर्देश दिया कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक नहीं होनी चाहिए। एसपी के निर्देश पर मेले में भीड़ को देखते हुए बलुआ पुलिस ने दर्शन स्थल से करीब पांच सौ मीटर दूर बैरियर लगाकर वाहनों को रोक दिया था। पहला बैरिकेडिंग वन विभाग मोड़ पर तो दूसरा रामगढ़ बस स्टैंड के समीप लगाया गया था। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए स्वयं सेवक पूरी तत्परता से लगे रहे।
04-मेले में झूले, चरखी और जादू का लियाआनंद
चहनियां। बाबा कीनाराम जन्मोत्सव के पहले दिन लोगों ने दर्शन पूजन के बाद मेले का खूब आनंद उठाया। अभिभावकों के साथ गए बच्चों ने वहां लगे झ्ूले, चरखी और जादू का लुत्फ लिया। विविध प्रकार के व्यंजनों का भी स्वाद लिया। गुब्बारे, चाट पकौड़े, चाउमिन, मोमोस के दुकानें सजी रही। गुड़हिया जलेबी और पकौड़ी की दुकानों पर भी लोगों की खूब भीड़ रही। बच्चों में मेले को लेकर खूब उत्साह रहा। सौंदर्य प्रसाधन और गृहस्थी के सामान के दुकानों पर महिलाओं की भीड़ रही।
बाबा कीनाराम के तीन दिवसीय जन्मोत्सव की तैयारी कई दिनों से चल रही थी। बाबा के जन्मोत्सव के पहले दिन दर्शन पूजन के लिए लोगों की भीड़ सुबह से ही जुटने लगी। बाबा कीनाराम के तपोस्थली और कर्मभूमि रामगढ़ में शनिवार की पहले दिन सूर्य की पहली किरण दिखते ही कांवरियों ने बाबा का जलाभिषेक किया। इसके बाद मठ में ढ़ोल, नगाड़े, डमरूओं, घंट, घड़ियाल की नाद से गूंज उठे। उपस्थित हजारों भक्तों ने बाबा कीनाराम के गगन भेदी नारे लगाए। इसके बाद महिलाओं ने सोहर गाए और बाबा कीनाराम की नयनाभिराम झांकी प्रस्तुत की। इसके बाद बाबा के दर्शन पूजन का सिलसिला शुरू हुआ। भक्तों ने बाबा के दरबार में माथा टेक कर पूजन अर्चन किया और मंगल कामना की। सुबह मंगला पाठक, हरिशंकर तिवारी, रजत और चन्द्रशेखर ने रामायण पाठ किया। दोपहर बाद वाराणसी से आए कलाकारों ने भजन कीर्तन प्रस्तुत किया। इस दौरान स्कूली छात्र छात्राओं ने मनोहर झांकी के साथ भजन, कजली, सोहर गीतों से उपस्थित लोगों का मन मोहा। कलाकार अमन सिंह, रजत सिंह, अनामिका के भजन व भाव गीतों से वाहवाही लूटी। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
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बाबा कीनाराम ने समाज को दिया नई दिशा
अमर उजाला ब्यूरो
चहनियां। बाबा कीनाराम अघोरपीठ रामगढ़ में बाबा कीनाराम जन्मोत्सव पर शनिवार को दोपहर बाद आयोजित गोष्ठी में विद्वानों ने संत कीनाराम के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्हें सच्चा समाजसेवी बताया। कहा कि बाबा को नई दिशा दी।
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मुख्य अतिथि के रूप में आए वरिष्ठ पत्रकार केके सिंह ने कहा कि बाबा कीनाराम शिव के अवतार थे। वे समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि बाबा ने चमत्कारिक क्रियाओं से समाज को एक नई दिशा दी। कहा आज उनके विचारों के अनुसरण की आवश्यकता है। छपरा विश्वविद्यालय के कुलपति हरिकेश बहादुर सिंह,जयशंकर गुप्ता, वरिष्ठ पत्रकार मनोज झा, झांसी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर डीएन तिवारी, प्रोफेसर एनएन उपाध्याय ने संत बाबा कीनाराम के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर सूर्यनाथ सिह, डॉ. जयप्रकाश पांडेय, गुप्तेश्वर सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान सीताराम यादव, अरूण सिंह, नंदू गुप्ता, अरूण यादव, मुनमुन सिंह, विशाल सिंह, अरविंद सिंह, अरूण सिंह, अतुलरतन मिश्र, अरविंद पांडेय उपस्थित रहे। संचालन धनंजय और राजेंद्र ने किया। धन्यवाद ज्ञापन आयोजक अजीत कुमार सिंह ने दिया।
03-एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
चहनियां। रामगढ़ में जन्मस्थली पर भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया। उन्होंने मातहतों को निर्देश दिया कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक नहीं होनी चाहिए। एसपी के निर्देश पर मेले में भीड़ को देखते हुए बलुआ पुलिस ने दर्शन स्थल से करीब पांच सौ मीटर दूर बैरियर लगाकर वाहनों को रोक दिया था। पहला बैरिकेडिंग वन विभाग मोड़ पर तो दूसरा रामगढ़ बस स्टैंड के समीप लगाया गया था। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए स्वयं सेवक पूरी तत्परता से लगे रहे।
04-मेले में झूले, चरखी और जादू का लियाआनंद
चहनियां। बाबा कीनाराम जन्मोत्सव के पहले दिन लोगों ने दर्शन पूजन के बाद मेले का खूब आनंद उठाया। अभिभावकों के साथ गए बच्चों ने वहां लगे झ्ूले, चरखी और जादू का लुत्फ लिया। विविध प्रकार के व्यंजनों का भी स्वाद लिया। गुब्बारे, चाट पकौड़े, चाउमिन, मोमोस के दुकानें सजी रही। गुड़हिया जलेबी और पकौड़ी की दुकानों पर भी लोगों की खूब भीड़ रही। बच्चों में मेले को लेकर खूब उत्साह रहा। सौंदर्य प्रसाधन और गृहस्थी के सामान के दुकानों पर महिलाओं की भीड़ रही।