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वनाधिकार कानून को मिटाना चाहती है भाजपा सरकार
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वनाधिकार कानून को मिटाना चाहती है भाजपा सरकार
वामदलों ने नगर में निकाला वनाधिकार मार्च
अमर उजाला ब्यूरो
चकिया। वनाधिकार कानून को समाप्त करने तथा सुप्रीम कोर्ट द्वारा वनवासियों को वनभूमि से बेदखल करने के आदेश के विरोध में गुरुवार को वामदलों, सीपीएम, सीपीआई, स्वराज अभियान के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वनाधिकारी मार्च निकाला। नगर भ्रमण के बाद गांधी पार्क में सभा की।
सभा में पूर्व आईजी आरएस दारापुरी ने कहा कि केंद्र सरकार वनाधिकारी कानून को खत्म करने की साजिश रच रही है। सरकार के चलते सर्वोच्च न्यायालय में देश के 20 लाख आदिवासियों वनवासियों को वन भूमि से बेदखल करने का आदेश पारित कर दिया है। कहा कि आरएसएस से जुड़े संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में वनाधिकार कानून को खत्म करने के लिए जनहित याचिका दाखिल की थी, लेकिन केंद्र सरकार के अधिवक्ता याचिका पर सुनवाई के समय कोट में उपस्थित नही हो पाए। इससे आदिवासी वनवासियों को वन भूमि से बेदखल करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने पारित कर दिया। उन्होंने कहा कि जन आंदोलन के चलते सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकरण पर स्थगनादेश जारी कर दिया है। उन्होंने वनाधिकार कानून के तहत दाखिल किए गए दावों का शीघ्र निस्तारण कर वनवासियो को वनभूमि पर अधिकार देने की मांग की। मार्च में शंभूनाथ यादव, अजय राय, सुखदेख मिश्र, राजेन्द्र यादव, परमानंद कुशवाहा, लालचंद, रामदुलारे, भरतराम, गुलाबचंद बियार रहे।
कृष्ण मुरारी मिश्र
बाइट-1200
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वामदलों ने नगर में निकाला वनाधिकार मार्च
अमर उजाला ब्यूरो
चकिया। वनाधिकार कानून को समाप्त करने तथा सुप्रीम कोर्ट द्वारा वनवासियों को वनभूमि से बेदखल करने के आदेश के विरोध में गुरुवार को वामदलों, सीपीएम, सीपीआई, स्वराज अभियान के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वनाधिकारी मार्च निकाला। नगर भ्रमण के बाद गांधी पार्क में सभा की।
सभा में पूर्व आईजी आरएस दारापुरी ने कहा कि केंद्र सरकार वनाधिकारी कानून को खत्म करने की साजिश रच रही है। सरकार के चलते सर्वोच्च न्यायालय में देश के 20 लाख आदिवासियों वनवासियों को वन भूमि से बेदखल करने का आदेश पारित कर दिया है। कहा कि आरएसएस से जुड़े संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में वनाधिकार कानून को खत्म करने के लिए जनहित याचिका दाखिल की थी, लेकिन केंद्र सरकार के अधिवक्ता याचिका पर सुनवाई के समय कोट में उपस्थित नही हो पाए। इससे आदिवासी वनवासियों को वन भूमि से बेदखल करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने पारित कर दिया। उन्होंने कहा कि जन आंदोलन के चलते सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकरण पर स्थगनादेश जारी कर दिया है। उन्होंने वनाधिकार कानून के तहत दाखिल किए गए दावों का शीघ्र निस्तारण कर वनवासियो को वनभूमि पर अधिकार देने की मांग की। मार्च में शंभूनाथ यादव, अजय राय, सुखदेख मिश्र, राजेन्द्र यादव, परमानंद कुशवाहा, लालचंद, रामदुलारे, भरतराम, गुलाबचंद बियार रहे।
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कृष्ण मुरारी मिश्र
बाइट-1200