फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   वनाधिकार कानून को मिटाना चाहती है भाजपा सरकार

वनाधिकार कानून को मिटाना चाहती है भाजपा सरकार

Fri, 01 Mar 2019 12:54 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 01 Mar 2019 12:54 AM IST
विज्ञापन
वनाधिकार कानून को मिटाना चाहती है भाजपा सरकार
वनाधिकार कानून को मिटाना चाहती है भाजपा सरकार
विज्ञापन

वामदलों ने नगर में निकाला वनाधिकार मार्च
अमर उजाला ब्यूरो
चकिया। वनाधिकार कानून को समाप्त करने तथा सुप्रीम कोर्ट द्वारा वनवासियों को वनभूमि से बेदखल करने के आदेश के विरोध में गुरुवार को वामदलों, सीपीएम, सीपीआई, स्वराज अभियान के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वनाधिकारी मार्च निकाला। नगर भ्रमण के बाद गांधी पार्क में सभा की।

सभा में पूर्व आईजी आरएस दारापुरी ने कहा कि केंद्र सरकार वनाधिकारी कानून को खत्म करने की साजिश रच रही है। सरकार के चलते सर्वोच्च न्यायालय में देश के 20 लाख आदिवासियों वनवासियों को वन भूमि से बेदखल करने का आदेश पारित कर दिया है। कहा कि आरएसएस से जुड़े संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में वनाधिकार कानून को खत्म करने के लिए जनहित याचिका दाखिल की थी, लेकिन केंद्र सरकार के अधिवक्ता याचिका पर सुनवाई के समय कोट में उपस्थित नही हो पाए। इससे आदिवासी वनवासियों को वन भूमि से बेदखल करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने पारित कर दिया। उन्होंने कहा कि जन आंदोलन के चलते सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकरण पर स्थगनादेश जारी कर दिया है। उन्होंने वनाधिकार कानून के तहत दाखिल किए गए दावों का शीघ्र निस्तारण कर वनवासियो को वनभूमि पर अधिकार देने की मांग की। मार्च में शंभूनाथ यादव, अजय राय, सुखदेख मिश्र, राजेन्द्र यादव, परमानंद कुशवाहा, लालचंद, रामदुलारे, भरतराम, गुलाबचंद बियार रहे।
विज्ञापन

कृष्ण मुरारी मिश्र
बाइट-1200
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed