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मनमाने बिजली बिल के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
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मनमाने बिजली बिल से ग्रामीणों में नाराजगी
गांधीनगर के ग्रामीणों ने की पंचायत भवन में बैठक
सचित्र-
अमर उजाला ब्यूरो
इलिया। मनमाना बिजली का बिल भेजे जाने से नाराज गांधीनगर के ग्रामीणों ने बुधवार को पंचायत भवन पर बैठक कर विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए रणनीति तैयार की। साथ ही प्रदेश सरकार से कृषि ऋण की तरह बिजली का बिल माफ किए जाने की मांग की। मांगे पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी।
आरोप लगाया कि गांधीनगर व जनकपुर गांव के गरीब जनता को सरकार की योजनाओं द्वारा बिजली दिए जाने का झांसा देकर बदले में मनमाना बिल भेजकर उत्पीड़ित किया जा रहा है। गरीबों के घरों में सिर्फ बल्ब जलाने के लिए गए एक किलोवाट के कनेक्शन की जगह बिना जांच-पड़ताल किए मनमाने ढंग से दो किलो वाट का लोड निर्धारित कर दिया गया है। साथ ही इसके एवज में विभाग ने 30 से 40 हजार तक का बिजली बिल एकमुश्त जोड़ कर भेज दिया है। इससे परेशान गरीब तबके के लोग भारी भरकम बिजली का बिल अदा करने में अक्षम हैं। इससे लोगों में भारी गुस्सा है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से कृषि ऋण की तरह बिजली का बिल माफ किए जाने की मांग की है। इस मौके पर पूर्व ग्राम प्रधान मिथिलेश कुमार, विजय कुमार मौर्य, जोगी प्रसाद, किशन बघेल, रजनीश कुमार, मनोज, रामअशीष, शिवलाल विश्वकर्मा, कुसुम देवी, अंजनी, सुशीला, फूला देवी, रेखा, राधिका उपस्थित रहे। अध्यक्षता प्रताप कुमार बघेल व संचालन रामबरन निषाद ने किया।
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गांधीनगर के ग्रामीणों ने की पंचायत भवन में बैठक
सचित्र-
अमर उजाला ब्यूरो
इलिया। मनमाना बिजली का बिल भेजे जाने से नाराज गांधीनगर के ग्रामीणों ने बुधवार को पंचायत भवन पर बैठक कर विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए रणनीति तैयार की। साथ ही प्रदेश सरकार से कृषि ऋण की तरह बिजली का बिल माफ किए जाने की मांग की। मांगे पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी।
आरोप लगाया कि गांधीनगर व जनकपुर गांव के गरीब जनता को सरकार की योजनाओं द्वारा बिजली दिए जाने का झांसा देकर बदले में मनमाना बिल भेजकर उत्पीड़ित किया जा रहा है। गरीबों के घरों में सिर्फ बल्ब जलाने के लिए गए एक किलोवाट के कनेक्शन की जगह बिना जांच-पड़ताल किए मनमाने ढंग से दो किलो वाट का लोड निर्धारित कर दिया गया है। साथ ही इसके एवज में विभाग ने 30 से 40 हजार तक का बिजली बिल एकमुश्त जोड़ कर भेज दिया है। इससे परेशान गरीब तबके के लोग भारी भरकम बिजली का बिल अदा करने में अक्षम हैं। इससे लोगों में भारी गुस्सा है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से कृषि ऋण की तरह बिजली का बिल माफ किए जाने की मांग की है। इस मौके पर पूर्व ग्राम प्रधान मिथिलेश कुमार, विजय कुमार मौर्य, जोगी प्रसाद, किशन बघेल, रजनीश कुमार, मनोज, रामअशीष, शिवलाल विश्वकर्मा, कुसुम देवी, अंजनी, सुशीला, फूला देवी, रेखा, राधिका उपस्थित रहे। अध्यक्षता प्रताप कुमार बघेल व संचालन रामबरन निषाद ने किया।
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