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लेफ्ट कर्मनाशा मुख्य नहर के सुदृढ़ीकरण का कार्य अधर में
Updated Mon, 21 May 2018 12:52 AM IST
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चकिया। लतीफशाह बीयर से निकली तथा सन 1930 में बनी लेफ्ट कर्मनाशा मुख्य नहर के सुदृढ़ीकरण का कार्य अधर में लटका हुआ है। इसके सुदृढ़ीकरण के लिए योजना बनाई गई थी किंतु लापरवाही के कारण योजना आगे नहीं बढ़ सकी। लतीफशाह बीयर के हेड से 1225 मीटर पक्की नहर बनाने की योजना थी।
लतीफशाह हेड से डेढ़ किलोमीटर के दायरे में लेफ्ट कर्मनाशा माईनर कई बार टूट चुकी है। सिंचाई के पीक आवर में नहर के टूटने से किसानों को कई बार बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। हेड से आगे नहर में अनेक सोरिया (रिसाव प्वाईंट) हैं। । इन रिसाव प्वाईंटो से नहर खुलने के बाद से पानी का रिसाव बना रहता है। जब नहर को फुल गेज से खोला जाता है तो सोरियो से रिसाव और तेज हो जाता है। जिसके चलते कभी-कभी नहर के किनारे टूट जाते हैं। । समाजवादी पार्टी के सरकार में तत्कालीन विधायक पूनम सोनकर ने नहर के हेड से 1225 मीटर तक पक्की कंक्रीट की नहर बनाने के लिए स्टीमेट बनवाया था । भाजपा सरकार बनने के बाद एक बार फिर इस स्टीमेट को रिवाईज किया गया। जो बढ़कर कर 12 करोड़ 45 लाख हो गया है। लेकिन इसे पास नहीं किया जा रहा है। जिससे मरम्मत का कार्य शुरू हो सके। जिससे नहर के टूटने का खतरा बरकरार है। किसान विकास मंच के नेता जयराम सिंह कहते है कि लेफ्ट और राईट कर्मनाशा मुख्य नहरे क्षेत्र की लाईफ लाईन है। इन नहरों के सुदृढ़ीकरण का कार्य होना किसानो के हित में है। चन्द्रप्रभा प्रखण्ड के अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा ने कहा कि कई बार नहर के सुदृढ़ीकरण का प्राक्कलन विभाग द्वारा बनाया जा चुका है। लेकिन धन की स्वीकृति न होने से कार्य नही हो पा रहा है।
लतीफशाह हेड से डेढ़ किलोमीटर के दायरे में लेफ्ट कर्मनाशा माईनर कई बार टूट चुकी है। सिंचाई के पीक आवर में नहर के टूटने से किसानों को कई बार बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। हेड से आगे नहर में अनेक सोरिया (रिसाव प्वाईंट) हैं। । इन रिसाव प्वाईंटो से नहर खुलने के बाद से पानी का रिसाव बना रहता है। जब नहर को फुल गेज से खोला जाता है तो सोरियो से रिसाव और तेज हो जाता है। जिसके चलते कभी-कभी नहर के किनारे टूट जाते हैं। । समाजवादी पार्टी के सरकार में तत्कालीन विधायक पूनम सोनकर ने नहर के हेड से 1225 मीटर तक पक्की कंक्रीट की नहर बनाने के लिए स्टीमेट बनवाया था । भाजपा सरकार बनने के बाद एक बार फिर इस स्टीमेट को रिवाईज किया गया। जो बढ़कर कर 12 करोड़ 45 लाख हो गया है। लेकिन इसे पास नहीं किया जा रहा है। जिससे मरम्मत का कार्य शुरू हो सके। जिससे नहर के टूटने का खतरा बरकरार है। किसान विकास मंच के नेता जयराम सिंह कहते है कि लेफ्ट और राईट कर्मनाशा मुख्य नहरे क्षेत्र की लाईफ लाईन है। इन नहरों के सुदृढ़ीकरण का कार्य होना किसानो के हित में है। चन्द्रप्रभा प्रखण्ड के अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा ने कहा कि कई बार नहर के सुदृढ़ीकरण का प्राक्कलन विभाग द्वारा बनाया जा चुका है। लेकिन धन की स्वीकृति न होने से कार्य नही हो पा रहा है।
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