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बासमती के योगदान को बेकार नहीं होने देंगे

Tue, 15 May 2018 01:16 AM IST
Updated Tue, 15 May 2018 01:16 AM IST
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बासमती  के योगदान को बेकार नहीं होने देंगे

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नौगढ़। पूर्व प्रमुख बासमती कोल की हत्या के बाद से जंगल में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग हत्या को साजिश मान रहे हैं सपा नेताओं ने कहा नौगढ़ में नक्सली मूवमेंट को शांत करने में उनके योगदान को बेकार नहीं होने दिया जाएगा। सोमवार को सपा के पूर्व सांसद रामकिशुन की अगुवाई में सपा नेता मझगांवा पहुंचे और पूर्व प्रमुख की मां जीरा देवी से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त किये।
पूर्व सांसद रामकिशुन के नेतृत्व में झ्मझगांवा पहुंचे सपा नेताओं ने सबसे पहले शोक सभा में पूर्व प्रमुख को श्रद्धांजलि दी और परिवार के सदस्यों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। साथ दशवां और तेरवीं का खर्चा उठाने का आश्वासन दिया। पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने कहा कि जंगल के वादियों में नक्सल गतिविधियों पर रोक लगाने वाली बहादुर महिला की याद में पाटी हर साल उनकी बरसी मनाएगी और उनकी आदमकद प्रतिमा भी उनके निवास स्थान पर लगाई जाएगी। कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता तेरहवीं के बाद मामले की जांच की मांग को लेकर सड़क पर उतरेंगे। सपा जिलाध्यक्ष सत्यनारायन राजभर ने कहा कि बासमती ने जीवन भर संघर्ष किया। विधायक प्रभुनारायन सिंह यादव ने कहा कि पूर्व प्रमुख ने अपने पहल पर क्षेत्र की आधे से अधिक समस्याएं पंचायत के जरिए हल करती थी। पूर्व विधायक पूनम सोनकर ने कहा कि गरीबों के लिए जलाए गए बासमती के मसाल को वह कभी बुझने नहीं देंगी। पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि बासमती कोल नारी शक्ति की वह प्रतिरूप थी, जिन्होंने नक्सलवाद से पीड़ित इस क्षेत्र से निकलकर महिलाओं के हक लिए आवाज बुलंद करते हुए महिला आयोग के सदस्य के रूप में नारी उत्थान के लिए कार्य किया। कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच हुई तो कई बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते है। इस दौरान नफीस अहमद,केशव राजभर, राजनाथ यादव, वीरेंद्र यादव, सुदामा यादव, त्रिलोकी पासवान, सुंदर कुशवाहा, गुड्डू सिंह, रामप्रताप यादव, अमित सोनकर, महमूद आलम, त्रिवेणी खरवारत मौजूद थे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सीआरपीएफ के जवान और थानाध्यक्ष तेजबहादुर सिंह भारी पुलिस बल के साथ मझगांवा में डटे रहे।
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नौगढ़। पूर्व प्रमुख बासमती कोल की हत्या के बाद से लहसनिया बीट के जंगल से लोग पलायन कर गए है और लोगों की झोपड़ियों पर ताला लटका है। सोमवार को नौगढ़ थानाध्यक्ष तेजबादुर सिंह ने लहसनिया स्थित जंगल में पूर्व प्रमुख की मड़ई में रखा उनका सामान उनके घर भिजवा दिया। कबासमती के हत्या के बाद से उनका विस्तर कपड़ा इसी मड़ई में पड़ा था। इधर लोग अब वन विभाग की बेदखली की कार्रवाई से बेचैन है।
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