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घरों में घुसा पानी: 100 परिवारों ने शिविर में ली शरण, बाहर से संपर्क टूटा; 375 मकान क्षतिग्रस्त होने का दावा

Sat, 05 Sep 2026 06:00 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली।
अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 05 Sep 2026 06:00 AM IST
सार

चुरमुली और मवइया गांव में बाढ़ का पानी घरों में घुसने से करीब 100 परिवारों ने आश्रय स्थलों में शरण ली है। चंद्रप्रभा और गड़ई नदी का पानी 150 गांवों के खेतों और रास्तों में भर गया है, जिससे संपर्क टूट गया है। सदर और चकिया ब्लॉक में 50 हेक्टेयर फसल डूबने और 375 मकान क्षतिग्रस्त होने का दावा किया गया है।

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Water enters homes 100 families take shelter in camps cut off from outside 375 houses reported damaged
नियामताबाद क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण करते पूर्व प्रमुख बाबूलाल यादव। - फोटो : संवाद

विस्तार

दो दिनों से बारिश भले थम गई है लेकिन बांधों से पानी छोड़ने का सिलसिला जारी है। शुकवार को तीन बांधों से 4657 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे चंद्रप्रभा और कर्मनाशा नदी के तटवर्ती गांव पानी से घिर गए हैं। चंद्रप्रभा और गड़ई नदी का पानी 150 गांवों के खेतों और रास्तों में पानी भर गया है, जिससे लोगों का बाहर से संपर्क टूट गया है। चुरमुली और मवइया के घरों में पानी भरने के कारण 100 परिवारों आश्रय स्थलों ने शरण ली है।

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लगातार बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर से सदर और चकिया तहसील क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। सदर ब्लॉक में 30 और चकिया क्षेत्र में 50 गांवों में पानी भरा हुआ है। करीब 50 हेक्टेयर फसल जलमग्न होने के साथ 375 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी प्रशासन ने दी है। सदर ब्लॉक के नगई और चूरमूली गांव में करीब 40 घरों में पानी घुस गया था। 
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बाढ़ को देखते हुए चंदौली ब्लाक में 25, चकिया ब्लाक में 15 और पीडीडीयू नगर में 25 बाढ़ राहत शिविर बनाए गए है। इसमें सदर ब्लाक के चुरमुली और मवइया बाढ़ राहत केंद्र पर 100 परिवार का भोजन बन रहा है। तहसीलदार सदर चित्र गुप्त सागर ने बताया कि ग्रामीण दिन में राहत केंद्रों पर भोजन करते हैं और रात में अपने रिश्तेदारों या पड़ोसियों के यहां ठहरते हैं।
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चकिया ब्लाॅक में अब तक 375 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। साथ ही 50 हेक्टेयर फसल जलमग्न हुई है। तहसीलदार चकिया देवेंद्र कुमार के अनुसार मवैया, चितौड़ी, सिकटिया, पटना, ददरा, खरीद समेत करीब 20 गांवों के खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान हुआ है। मुगलसराय तहसील क्षेत्र में भी प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए 25 बाढ़ चौकियां स्थापित की हैं। एसडीएम मुगलसराय राजेश कुमार ने बताया कि तहसील क्षेत्र के कुछ गांव प्रभावित हुए हैं और कुछ स्थानों पर फसलें जलमग्न हुई थीं।

20 से ज्यादा गांवों की दहलीज पर पहुंचकर ठहर गईं गंगा
लगातार पांच दिनों तक बढ़ोत्तरी के बाद शुक्रवार को गंगा के जलस्तर में कमी आने लगी। केंद्रीय जल आयोग ने शुक्रवार की शाम 6 बजे तक जलस्तर 70.58 मीटर पर दर्ज किया। बृहस्पतिवार को यह 70.60 मीटर पर था। इस तरह 24 घंटे में जलस्तर 2 सेमी कम हुआ है। हालांकि अभी भी पानी चेतावनी बिंदु 33 सेमी ऊपर और खतरे के निशान 71.262 मीटर से सिर्फ 68 सेमी नीचे है। गंगा में पानी चढ़ने से 40 गांवों की दहलीज पर पानी भरा हुआ है।

जिले में पीडीडीयू नगर, सकलडीहा, चहनिया और धानापुर के 50 से अधिक गांव गंगा के तटवर्ती हैं। बाढ़ आने पर इन गांवों के लोगों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ता है। जिले में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 71.262 मीटर पर लगा है। जिले में वर्ष 1978 में बाढ़ आई थी। उस दौरान गंगा का जलस्तर 73.9 मीटर तक पहुंच गया था। 

गंगा में पानी बढ़ने से नियामताबाद विकास खंड के पड़ाव, कुंडा खुर्द, कुंडा कला, मवई कला, सहजौर, रौना, कुरहना, बहादुरपुर, मढिया, चहनियां विकास खंड के बिसूपुर, महुआरी, बलुआ सराय, महुअर, मुकुंदपुर, बड़गांवा, नादी निधौरा, चकरा, पूरा गणेश,विजय का पुरा, टांडाकला सहित अन्य गांवों के सिवान पानी में डूब गए हैं। वहीं दरवाजे से चंद कदम दूरी पर पानी देख ग्रामीण भयभीत हैं।

तीन बांधों से निकाला गया 4657 क्यूसेक पानी
पहाड़ी क्षेत्रों और जंगलों में लगातार बारिश से बांधों लबालब भर गए हैं। इसको देखते हुए सिंचाई विभाग बांधों की निगरानी बढ़ा दी है। बांधों की सुरक्षा के मद्देनजर फाटक खोलकर पानी निकाला जा रहा है। शुक्रवार को चंद्रप्रभा बांध के 10 फाटक खोलकर 892.80 क्यूसेक पानी चंद्रप्रभा नदी में छोड़ा गया। वहीं, मुसाखांड बांध से 3268 जबकि नौगढ़ बांध से 497 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस तरह तीनों बांधों से कुल 4657 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

सिंचाई विभाग के अनुसार चंद्रप्रभा बांध में जलस्तर 777 फीट पहुंचने के बाद उसे 771 फीट पर मेंटेन रखने के लिए फाटक संख्या एक से दस तक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। मूसाखाड़ बांध से जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए गेट संख्या 6, 7, 8 और 9 खोलकर लगभग 3268 क्यूसेक पानी कर्मनाशा नदी में छोड़ा जा रहा है। नौगढ़ बांध से 497 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। इसके अलावा लतीफशाह बीयर से 4139 क्यूसेक, मुजफ्फरपुर वीयर से 1854 क्यूसेक तथा भैसौड़ा बांध से 72 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार ने बताया कि बांधों की लगातार निगरानी की जा रही है।

बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुआ कर्मनाशा नदी का पुल, खतरे के बीच आवागमन
इलिया-शहाबगंज मार्ग पर कर्मनाशा नदी पर बना पुराना पुल बाढ़ की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल की रेलिंग और सड़क जगह-जगह टूट गई है। पुल की हालत खराब होने के बावजूद चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए। इससे हादसे का खतरा बढ़ गया है।

क्षतिग्रस्त पुल से दोपहिया वाहन सवार और पैदल राहगीर अब भी आवागमन कर रहे हैं। पुल पर कई स्थानों पर सड़क टूटने के साथ ही बड़े गड्ढे बन गए हैं। रेलिंग टूटने से नदी की तरफ सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही होने पर राहगीर नदी में गिरकर हादसे का शिकार हो सकते हैं। खासकर रात के समय पुल से गुजरना बेहद जोखिम भरा है। 

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ के दौरान पुल को काफी नुकसान पहुंचा है। इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से अब तक पुल के दोनों तरफ स्पष्ट चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। न ही आवागमन रोकने के लिए पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है। पुल पर किसी सुरक्षा कर्मी की तैनाती भी नहीं है। इससे लोगों के जानमाल पर खतरा मंडरा रहा है। इस संबंध में थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि पुल से आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

चूरमूली और खुरुहूजा गांव में बाढ़ पीड़ितों से मिले सपा सांसद
चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह ने बाढ़ प्रभावित चूरमूली और खुरुहूजा गांव का भी दौरा किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी ली। अधिकारियों को पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश दिए। सांसद ने डीएम से दूरभाष पर वार्ता कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और जरूरी व्यवस्थाएं प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर, आनंद सिंह आदि मौजूद रहे। 

पूर्व विधायक ने लतीफशाह बीयर का लिया जायजा
चकिया। सपा के पूर्व विधायक जितेंद्र कुमार और सपा जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर ने शुक्रवार को लतीफशाह बीयर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पूर्व विधायक ने कहा कि लतीफशाह वीयर में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और सुविधाओं का ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनहित और सुरक्षा के प्रति सजग रहते हुए क्षेत्र के पर्यटन स्थलों पर बेहतर व्यवस्थाएं होनी चाहिए।

ब्लॉक प्रमुख ने बाढ़ प्रभावित गांवों का किया दौरा
धानापुर ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह ने शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित गांवों और राहत चौकियों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने नेकनानपुर बाढ़ राहत चौकी, गद्दोचक, दिया और पसहटा में ग्रामीणों से समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ पीड़ितों की सहायता और बचाव कार्य में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इस दौरान बीडीओ राकेश मिश्रा, ज्ञानू सिंह, लक्ष्मण, विनय राज, परवेज आदि रहे।

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