फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Teachers Day Special consider teaching and nurturing children not merely duty calling in chandauli

शिक्षक दिवस पर विशेष: बच्चों को पढ़ाना, आगे बढ़ाना ड्यूटी नहीं अपना धर्म मानते हैं; ये टीचर्स ऐसे करते हैं मदद

Sat, 05 Sep 2026 05:40 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली।
अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 05 Sep 2026 05:40 AM IST
सार

शिक्षक दिवस पर ऐसे शिक्षक भी हैं, जो बच्चों को पढ़ाना महज ड्यूटी नहीं, बल्कि अपना धर्म मानते हैं। उनका उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। बच्चों की सफलता को अपनी उपलब्धि मानकर वे पूरी निष्ठा और समर्पण से जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

विज्ञापन
Teachers Day Special consider teaching and nurturing children not merely duty calling in chandauli
शिक्षकों के हाैसलों को सलाम। - फोटो : संवाद

विस्तार

भारत में गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरुदेव महेश्वर सूत्र वाक्य को कुछ सरकारी शिक्षक चरितार्थ करने में जुटे हैं। आम धारणा से इतर शिक्षक बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, इसके लिए अलग प्रयास कर रहे हैं।

विज्ञापन


बरहनी विकास खंड के तेल्हरा गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक अच्युतानंद त्रिपाठी पिछले 15 वर्षों से विद्यालय में पढ़ने वाले सभी बच्चों को पाठ्य सामग्री मुहैया करते आ रहे हैं। इसी तरह चारी गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय को शिक्षक ने कान्वेंट स्कूल से अच्छा कर दिया है।

विज्ञापन

डेढ़ दर्शन से बच्चों को मुहैय करा रहे शिक्षण सामग्री
बरहनी ब्लॉक के तेल्हरा गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक अच्युतानंद त्रिपाठी पिछले 15 वर्षों से विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों में पाठ्य सामग्री मुहैया कराते आ रहे हैं। उनका कहना है कि कई बच्चे संसाधनों के अभाव में पीछे रह जाते हैं। यदि उन्हें जरूरी सुविधाएं मिलें तो वे भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। अभिभावक श्याम लाल राम का कहना है कि साधारण परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में शिक्षक कापी, कलम और ज्योमेट्री बॉक्स दे देते हैं तो सहारा मिल जाता है। वहीं, बच्चों का मन पढ़ाई में ज्यादा लगता है।

हर साल राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सफल होते हैं बच्चे
बरहनी ब्लॉक का उच्च प्राथमिक विद्यालय चारी कॉन्वेंट स्कूलों को मात दे रहा है। यह प्रधानाध्यापक गोपाल प्रसाद खरवार की मेहतन का नतीजा है। विद्यालय में 158 बच्चे पढ़ते हैं। यहां प्रधानाध्यापक गोपाल प्रसाद खरवार और दो सहायक अध्यापक तैनात हैं। विद्यालय में प्रवेश करते ही नजारा कॉन्वेंट स्कूल की तरह दिखता है। हर साल भारत सरकार की श्रेष्ठा योजना और राष्ट्रीय छात्रवृत्ति परीक्षा में यहां के छात्र चयनित होते हैं। पिछले वर्ष ऑल इंडिया में 121 और 761वीं रैंक हासिल कर विद्यालय के बच्चों ने नाम रोशन किया था। प्रधानाध्यापक का कहना है कि बच्चों को शिक्षित करने के साथ संस्कारवान भी बनाया जा रहा है।

विज्ञापन

पढ़ाई के साथ बैडमिंटन खिलाड़ी तैयार कर रहे विनोद
सकलडीहा ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय बसनी में सहायक अध्यापक विनोद कुमार बच्चों को पढ़ाने के साथ बैडमिंटन में भी पारंगत कर रहे हैं। स्कूल की टीम ने वर्ष 2019 में जिला स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया था। वर्ष 2020 में मंडलीय प्रतियोगिता के बालक और बालिका दोनों वर्गों में प्रथम स्थान प्राप्त किया। यहां के खिलाड़ी पिछले आठ साल में तीन बार राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में शामिल हो चुके हैं। पिछले साल प्रदेश स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में विद्यालय की छात्राओं ने रजत पदक जीता था।

पढ़ाई के साथ बच्चों में बढ़ाई वैज्ञानिक रुचि
चहनिया कंपोजिट विद्यालय में शिक्षक वीरेंद्र सिंह यादव बच्चों को पढ़ाने के साथ उनमें वैज्ञानिक रुचि बढ़ाने में जुटे हैं। यहां के बच्चों ने राष्ट्रीय आविष्कार अभियान में जनपद में तीन बार प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा में अब तक 70 बच्चे सफल हो चुके हैं। गणित ओलंपियाड में ब्लॉक एवं जनपद स्तर पर अपनी प्रतिभा को दिखा चुके हैं। इस उपलब्धि पर वीरेंद्र सिंह यादव को 2022 में राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed