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धूमधाम से मनाया गया गूलर शाह बाबा का सलाना उर्स
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मुगलसराय। क़साब महाल स्थित हजरत गूलर शहीद बाबा के सालाना उर्स की शुरुआत सोमवार को कुरआन ख़्वानी के साथ हुई। इस मौके पर हजारों की संख्या में जायरीनों ने अकीदत कर बाबा के मजार पर चादरपोशी की।
कार्यक्रम संयोजक बच्चा राइन ने बताया कि बाबा का सालाना उर्स हर वर्ष 10 मई मनाया जाता था लेकिन इस वर्ष रमजान पड़ने के वजह से 18 मार्च को मनाया गया। इस दौरान सोमवार की सुबह से देर रात तक कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुबह बाबा का गुसल व बाद नमाज मगरीब चादर पोशी, रात्रि आठ बजे लंगर और 10 बजे से कव्वाली का आयोजन किया गया। कव्वाली की महफ़िल से रात गुलजार रही और बाबा के आस्ताने पर अक़ीदतमंदों का सैलाब उमड़ा। दुआख़्वानी के लिए आसपास के अलावा दूर दराज से पहुंचे अक़ीदत मंदों ने मन्नतें मांगीं। उर्स की इंतेजामिया कमेटी ने दूर दराज से आए लोगों के लिए सिरनी के रूप में बिरयानी, जर्दा, मिठाई, शबरत, पानी, बच्चों के लिए बिस्कुट टाफी की व्यवस्था की थी। कार्यक्रम को सफल बनाने में गोल्डन, इश्तियाक, शमशाद, सद्दाम, जावेद आदि ने योगदान दिया।
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कार्यक्रम संयोजक बच्चा राइन ने बताया कि बाबा का सालाना उर्स हर वर्ष 10 मई मनाया जाता था लेकिन इस वर्ष रमजान पड़ने के वजह से 18 मार्च को मनाया गया। इस दौरान सोमवार की सुबह से देर रात तक कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुबह बाबा का गुसल व बाद नमाज मगरीब चादर पोशी, रात्रि आठ बजे लंगर और 10 बजे से कव्वाली का आयोजन किया गया। कव्वाली की महफ़िल से रात गुलजार रही और बाबा के आस्ताने पर अक़ीदतमंदों का सैलाब उमड़ा। दुआख़्वानी के लिए आसपास के अलावा दूर दराज से पहुंचे अक़ीदत मंदों ने मन्नतें मांगीं। उर्स की इंतेजामिया कमेटी ने दूर दराज से आए लोगों के लिए सिरनी के रूप में बिरयानी, जर्दा, मिठाई, शबरत, पानी, बच्चों के लिए बिस्कुट टाफी की व्यवस्था की थी। कार्यक्रम को सफल बनाने में गोल्डन, इश्तियाक, शमशाद, सद्दाम, जावेद आदि ने योगदान दिया।
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