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छोटा बनकर जाना चाहिए माता-पिता के सामने
Updated Fri, 02 Nov 2018 12:48 AM IST
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चंदौली। श्रीराम जानकी शिव मठ मंदिर में मानस एवं अध्यात्म प्रचार समिति की ओर से आयोजित नवाह्न पारायण पाठ महायज्ञ एवं ज्ञान यज्ञ में बुधवार को कथा सुनने वाले भक्तों भीड़ उमड़ पड़ी। कथावाचकों ने कहा कि भक्ति से भगवान मिलते हैं। कथावाचकों ने श्रीराम कथा के विभिन्न प्रसंगों पर प्रकाश डाला और भक्तों को भक्ति की धारा में गोते लगाने पर विवश कर दिया। इस दौरान भक्तों को आशीर्वचन देते हुए वशिष्ठ नारायण उपाध्याय ने कहा हनुमान जी सीता मां के सामने छोटा रुप बनाके गए और दुश्मन के सामने बड़ा रुप बनाके गए। इसका मतलब पुत्र चाहे कितना भी बड़ा हो माता पिता के सामने छोटा बनकर ही जाना चाहिए। पंडित शिवनारायण शास्त्री, मंयक शास्त्री, रामचंद्र मिश्र, प्रंशात पांडेय ने भक्तों को कथा सुनाकर भाव विभोर कर दिया। इस दौरान हरिद्वार सिंह, जयशंकर द्विवेदी, नीरत तिवारी, पंकज तिवारी, मृत्युंजय तिवारी, रामकेश, आशु गुप्ता, अशोक अग्रहरि, भानु प्रताप शर्मा व राजेश आदि उपस्थित थे।