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नाबालिग की हत्या में युवक को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sun, 31 Jul 2016 01:26 AM IST
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Jail Shimla
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खुर्जा देहात क्षेत्र में दोस्तों के साथ मिलकर नाबालिग छात्र की हत्या के मामले में कोर्ट ने एक युवक को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह निर्णय अपर जिला सत्र एवं न्यायाधीश पंचम सुनील कुमार वर्मा के न्यायालय ने दिया है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रताप सिंह अंबा ने बताया कि वादी गजेंद्र उर्फ भूले पुत्र विजयपाल निवासी हजरतपुर पूठरी ने वर्ष 2014 में एक एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया था कि बेटा प्रशांत (14) गांव के स्कूल में पढ़ने जाता था।
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गांव का बिजेंद्र उर्फ जीतू पुत्र मीरसिंह का घर पर आना-जाना था, इसी बेइज्जती के कारण 25 मार्च 2014 की शाम छह बजे जितेंद्र अपने साथी लवकुश उर्फ लब्बू, महेश उर्फ मनोज के साथ मिलकर प्रशांत को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।
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प्रशांत को ले जाते उसकी मां नीलेश और गांव के ही दिनेश ने देखा। देर रात तक जब प्रशांत घर नहीं लौटा तो परिजनों ने इधर-उधर तलाश किया। अगले दिन सुबह प्रशांत की लाश गांव के ही देवेंद्र के खेत में पड़ी मिली। पुलिस ने विवेचना पूरी कर तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की। कोर्ट ने जितेंद्र उर्फ जीत और महेश उर्फ मनोज को पहले ही बरी कर दिया था। जबकि लवकुश उर्फ लब्बू को कोर्ट ने प्रशांत की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।