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‘अपहृत’ बनकर आरोपी को छुड़ाने पहुंच गई थाने
अमर उजाला, सिकंदराबाद
Updated Thu, 17 Dec 2015 10:47 PM IST
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किशोरी को अगवा करने के आरोपी को पुलिस ने 24 घंटे में धर दबोचा लेकिन कुछ ही देर बाद एक किशोरी थाने पहुंच कर खुद को अपहृत बताने लगी।
उसने मर्जी से आरोपी के साथ जाने की बात कहते हुए उसे छोड़ने की बात कही। वेरिफिकेशन के लिए पुलिस ने रिपोर्ट लिखवाने वाले मां-बाप को बुलाया तो उन्होंने देखते ही कहा कि वह उनकी अगवा हुई बेटी नहीं है।
इस पर पुलिस ने सख्ती बरती तो युवती ने अपना नाम मंजू निवासी बुलंदशहर बताते हुए कहा कि आरोपी के परिजनों ने रुपयों का लालच देकर उससे ऐसा करने को कहा था।
मालूम रहे कि क्षेत्र के गांव निवासी पिता ने जागरण मंडली के कलाकार ग्राम खिदरपुर थाना खानपुर औरंगाबाद निवासी राजू उर्फ राजेश और उसके साथी अंकुर पर अपनी नाबालिग बेटी को बहला फुसलाकर अगवा करने का आरोप लगाते हुए नामजद रिपोर्ट लिखवाई थी।
पुलिस ने राजू को धर दबोचा। बृहस्पतिवार सुबह एक किशोरी थाने पहुंची और खुद को अगवा किशोरी बताने लगी। किशोरी ने अपनी मर्जी से राजू के साथ जाने की बात कहते हुए पुलिस से राजू को छोड़ने का अनुरोध किया।
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पुलिस की सूचना पर पहुंचे पिता ने किशोरी को देखते ही अपनी बेटी होने से इंकार कर दिया। सख्ती से पूछताछ करने पर किशोरी ने अपना नाम मंजू निवासी बुलंदशहर बताया।
उसने बताया कि राजू के परिजनों ने रूपये के बदले उसे ऐसा नाटक करने का लालच दिया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने किशोरी को छोड़ दिया।
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उसने मर्जी से आरोपी के साथ जाने की बात कहते हुए उसे छोड़ने की बात कही। वेरिफिकेशन के लिए पुलिस ने रिपोर्ट लिखवाने वाले मां-बाप को बुलाया तो उन्होंने देखते ही कहा कि वह उनकी अगवा हुई बेटी नहीं है।
इस पर पुलिस ने सख्ती बरती तो युवती ने अपना नाम मंजू निवासी बुलंदशहर बताते हुए कहा कि आरोपी के परिजनों ने रुपयों का लालच देकर उससे ऐसा करने को कहा था।
मालूम रहे कि क्षेत्र के गांव निवासी पिता ने जागरण मंडली के कलाकार ग्राम खिदरपुर थाना खानपुर औरंगाबाद निवासी राजू उर्फ राजेश और उसके साथी अंकुर पर अपनी नाबालिग बेटी को बहला फुसलाकर अगवा करने का आरोप लगाते हुए नामजद रिपोर्ट लिखवाई थी।
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पुलिस ने राजू को धर दबोचा। बृहस्पतिवार सुबह एक किशोरी थाने पहुंची और खुद को अगवा किशोरी बताने लगी। किशोरी ने अपनी मर्जी से राजू के साथ जाने की बात कहते हुए पुलिस से राजू को छोड़ने का अनुरोध किया।
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पुलिस की सूचना पर पहुंचे पिता ने किशोरी को देखते ही अपनी बेटी होने से इंकार कर दिया। सख्ती से पूछताछ करने पर किशोरी ने अपना नाम मंजू निवासी बुलंदशहर बताया।
उसने बताया कि राजू के परिजनों ने रूपये के बदले उसे ऐसा नाटक करने का लालच दिया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने किशोरी को छोड़ दिया।