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Budaun News: नीली-पीली गोलियां देकर चलाया जा रहा काम, कैसे दूर हो बीमारी

Sun, 29 Dec 2024 11:14 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 29 Dec 2024 11:14 PM IST
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Work is being carried out by giving blue and yellow pills, how can the disease be cured
दबतोरी के नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दवा लेने को बैठे मरीज। संवाद
बदायूं। मुख्यमंत्री आरोग्य मेला शासन की प्राथमिकता है। सख्ती के बाद अब इन मेलों में डॉक्टर तो पहुंचने लगे हैं, लेकिन दवाओं के नाम पर नीली-पीली गोलियों के अलावा कुछ नहीं मिल पा रहा है।
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रविवार को पीएचसी पर लगने वाले आरोग्य मेलों की पड़ताल कराई, जिसमें यह बात सामने आई। पता चला कि मधुमेह के मरीजों की जांच न होने के चलते उन्हें लौटना पड़ा। मरीजों का कहना है कि कई दिनों से जांच नहीं हो पा रहीं हैं। जिले की 48 पीएचसी पर 2541 मरीजों ने पहुंचकर दवा ली है।
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चार दिन से लगातार जांच को आ रहे, नहीं मिल रही सुविधा
दबतोरी। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दबतोरी पर स्ट्रिप न होने के कारण मधुमेह की जांच नहीं हो पा रही है। दबतोरा निवासी विमला देवी ने बताया कि मधुमेह से ग्रसित हैं। चार दिन से आ रहीं हैं, लेकिन जांच नहीं हो पा रही। बिना जांच ही दवा ले रहे हैं, जिससे कोई आराम नहीं मिल रहा। दवा के नाम पर नीली-पीली गालियां थमा दी जा रहीं हैं। बाजार से दवा बहुत महंगी मिल रही है। अपराह्न एक बजे तक 48 मरीजों ने पहुंचकर डॉक्टर को दिखाया। इस अवसर पर चिकित्साधिकारी डॉक्टर जहीर अहमद, फार्मासिस्ट शमद अली, लैब टेक्नीशियन राहुल कुमार, वार्ड बॉय कैलाश कुमार तथा सफाई कर्मी जगदीश मौजूद रहे। संवाद
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मधुमेह की जांच को आए चार मरीज लौटे
बिसौली। पीएसची करनपुर की पड़ताल में सामने आया है कि यहां डॉक्टर व फार्मासिस्ट मौजूद मिले। दवा के नाम पर सर्दी, जुकाम, बुखार के अलावा कोई दवा नहीं थी। सबसे सहज होने वाली जांच नहीं हो रही थी। मधुमेह की जांच कराने आए रामप्रकाश, श्याम सिंह, चेतन सिंह व सुषमा ने बताया कि जांच को लेकर खानापूर्ति ही की जा रही है। तीन दिन से लगातार आने के बाद भी जांच नहीं हो सकी। संवाद



सांस के मरीजों को नहीं मिल पा रहा इलाज
अलापुर। पीएचसी पर मरीज भी आ रहे थे और डॉक्टर भी मौजूद थे, लेकिन सांस पीड़ित मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। सांस के मरीजों को राहत देने के लिए नेबुलाइजर मशीन न होने से उन्हें लौटना पड़ा। सांस से पीड़ित आए राजाराम को केवल नीली-पीली गालियां देकर लौटा दिया गया, जबकि उनको नेबुलाइजर की आवश्यकता थी लेकिन मशीन न होने से उनको लौटना पड़ा है। संवाद



सर्दी-जुकाम के अलावा नहीं मिल सकी कोई दवा
गुलड़िया। नवीन स्वास्थ्य केंद्र पर लगे आरोग्य मेले में डाॅक्टर सना इरफान ने 67 मरीजों को दवा दी। सर्दी, जुकाम व बुखार के अलावा दवा ही नहीं है। जांच के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। किट से जांच कर मरीजों को दवा तो दी, लेकिन जांच रिपोर्ट नहीं दी गई। अधिकतर मरीज सर्दी जुकाम व बुखार के आए। दो मरीजों को सांस लेने में परेशानी हो रही थी जिन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। संवाद




सभी एमओआईसी को निर्देश हैं कि आरोग्य मेलों में डॉक्टरों की ड्यूटी लगाकर उनको चेक किया जाए कि ड्यूटी पर पहुंचे या नहीं। इसके बाद रविवार को सभी पीएचसी पर डॉक्टर पहुंचे। कहीं दवा की दिक्कत आई होगी तो उसकी आपूर्ति भी करा दी जाएगी। -रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
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