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पोलैंड बॉर्डर से जान बचाकर हंगरी पहुंचे बदायूं के छात्र
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बदायूं। यूक्रेन के खारकीव शहर से रूसी हमलों के बीच सुरक्षित निकलकर करीब 1800 किमी का सफर तय करने के बाद पोलैंड बॉर्डर पर पहुंचे बदायूं के आकाश गुप्ता और आनंद यादव के साथ यूक्रेन की सेना ने अभद्रता की। बृहस्पतिवार को आनंद के पिता राघवेंद्र यादव ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बेटे को पोलैंड सीमा में यूक्रेन की सेना ने प्रवेश नहीं करने दिया। उसको अतिरिक्त सफर तय करके हंगरी जाना पड़ा। अब वह हंगरी पहुंच गया है और सुरक्षित है। आकाश भी पोलैंड के बजाय हंगरी पहुंच गया है।
शहर के डीएम रोड निवासी राघवेंद्र यादव के बेटे आनंद यादव, वजीरगंज के बगरैन निवासी राजीव गुप्ता के बेटे आकाश गुप्ता और बिसौली के सीकरी निवासी सादिक के बेटे दानिश खारकीव स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के छात्र हैं। तीनों छात्र खारकीव पर बमबारी तेज होने के बाद मंगलवार शाम ट्रेन से किसी तरह यहां से निकले थे। खारकीव के पास बमबारी के रेल पुल ध्वस्त होने के कारण तीनों को पोलैंड के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी।
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बुधवार देर शाम इनकी ट्रेन ने यूक्रेन की राजधानी कीव को पार कर दिया था। इसके बाद सादिक ने ट्रेन बदल दी और वह पोलैंड के स्थान पर रोमानिया रवाना हो गया, आकाश और आनंद बस से पोलैंड बॉर्डर पहुंचे।
पोलैंड बॉर्डर पर आकाश और आनंद के साथ यूक्रेन के सैनिकों और पुलिस ने अभद्रता भी की। आनंद के पिता राघवेंद्र ने बताया कि बेटे से रुपये भी छीन लिए गए। इसके बाद आनंद वहां से हंगरी के लिए निकला। अब वह हंगरी पहुंच गया है और सुरक्षित है। आकाश के पिता राजीव गुप्ता ने भी दर्द साझा किया। इसको लेकर खुशी भी जताई कि बेटा सुरक्षित हंगरी पहुंच गया है।
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उन्होंने बताया कि बेटे को पोलैंड सीमा में यूक्रेन की सेना ने प्रवेश नहीं करने दिया। उसको अतिरिक्त सफर तय करके हंगरी जाना पड़ा। अब वह हंगरी पहुंच गया है और सुरक्षित है। आकाश भी पोलैंड के बजाय हंगरी पहुंच गया है।
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शहर के डीएम रोड निवासी राघवेंद्र यादव के बेटे आनंद यादव, वजीरगंज के बगरैन निवासी राजीव गुप्ता के बेटे आकाश गुप्ता और बिसौली के सीकरी निवासी सादिक के बेटे दानिश खारकीव स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के छात्र हैं। तीनों छात्र खारकीव पर बमबारी तेज होने के बाद मंगलवार शाम ट्रेन से किसी तरह यहां से निकले थे। खारकीव के पास बमबारी के रेल पुल ध्वस्त होने के कारण तीनों को पोलैंड के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी।
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बुधवार देर शाम इनकी ट्रेन ने यूक्रेन की राजधानी कीव को पार कर दिया था। इसके बाद सादिक ने ट्रेन बदल दी और वह पोलैंड के स्थान पर रोमानिया रवाना हो गया, आकाश और आनंद बस से पोलैंड बॉर्डर पहुंचे।
पोलैंड बॉर्डर पर आकाश और आनंद के साथ यूक्रेन के सैनिकों और पुलिस ने अभद्रता भी की। आनंद के पिता राघवेंद्र ने बताया कि बेटे से रुपये भी छीन लिए गए। इसके बाद आनंद वहां से हंगरी के लिए निकला। अब वह हंगरी पहुंच गया है और सुरक्षित है। आकाश के पिता राजीव गुप्ता ने भी दर्द साझा किया। इसको लेकर खुशी भी जताई कि बेटा सुरक्षित हंगरी पहुंच गया है।