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Budaun News: शहर के आठ किमी लंबे नाले पर 12 से ज्यादा स्थानों पर हैं कब्जे

Fri, 03 Jul 2026 01:35 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jul 2026 01:35 AM IST
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There are encroachments at more than 12 locations along the city's eight-kilometer-long drain.
शहर में नाले पर बनी दुकान
बदायूं। शहर के नाले पक्के और अस्थायी अतिक्रमण से पटे पड़े हैं। जोगीपुरा, गद्दी चौक, रामपुर, छह सड़का, सुभाष चौक, लालपुल आदि क्षेत्रों में नालों पर भवन बने हैं, जिससे इन नालों की सफाई संभव नहीं हो पा रही। नगर पालिका ने भी इन्हें खुलवाने के प्रयास नहीं किए। यही कारण है कि पानी की निकासी न होने से जरा सी बारिश में सड़कें तालाब का रूप ले लेती हैं। बुधवार और बृहस्पतिवार को हुई बारिश के बाद शहर में भीषण जलभराव हुआ।
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शहर की जल निकासी व्यवस्था पर वर्षों का अतिक्रमण भारी पड़ रहा है। शहर के सबसे बड़े आठ किमी लंबे नाले पर 12 से ज्यादा स्थानों पर कब्जे हैं। हालात यह हैं कि कई स्थानों पर नालों के ऊपर स्थायी बिल्डिंग और व्यावसायिक प्रतिष्ठान खड़े कर लिए गए हैं, जबकि अन्य जगहों पर नालों पर स्थायी कब्जा हैं।
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इस अतिक्रमण के कारण ही नगर पालिका प्रशासन नालों की तली झाड़़ सफाई नहीं करा पा रहा। नालों पर अतिक्रमण की वजह से शहर में जेसीबी व अन्य मशीनें नहीं पहुंच पातीं। सफाई कर्मचारी स्थायी अतिक्रमण के नीचे सही से सफाई नहीं कर पाते, सिर्फ औपचारिकता निभाकर लौट आते हैं। शहर में बुधवार को हुई पांच घंटे की बारिश में सड़कें तालाब बन गईं थीं, जिसने नगर पालिका के सफाई संबंधी दावों की पोल खोल दी थी।
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शहर के बंटी सिंह, मोहन गुप्ता, श्याम शर्मा, मोहित शर्मा का आरोप है कि नालों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का साहस पालिका प्रशासन नहीं जुटा पा रहा है। स्थायी अतिक्रमण आज भी जस का तस है। खामियाजा हर बरसात में आम लोगों को भुगतना पड़ता है।

ये नाले भी हैं बंद
एक नाला जोगीपुरा से लावेला चौक तो दूसरा पनवाड़ी से गांधी ग्राउंड होते हुए लावेला चौक तक जाता है। इसके बाद ये दोनों नाले लोटनपुरा में मुख्य नाले में मिल जाते हैं। इसमें जोगीपुरा क्षेत्र में नाला पूरी तरह से गंदगी से पटा पड़ा है। वहीं, कचहरी से जिला अस्पताल होते हुए एक नाला लावेला चौक तक आ रहा है। इस नाले पर भी लोगों ने पक्की दुकानें बनी ली हैं।

नई सराय से शुरू होता है शहर का सबसे लंबा नाला
शहर का सबसे बड़ा नाला आठ किलोमीटर का है। यह नाला नई सराय से शुरू होकर ब्राह्मपुर, गद्दी चौक, कश्मीरी चौक, पनबाड़ी, छह सड़का, नगर पालिका, लोटनपुरा, गोपी चौक, साहू धर्मशाला, सराय फकीर, पक्का बाग, नाहर खां सराय, लालपुल होते हुए सोत नदी में जाकर गिर रहा है। इस नाले पर एक दर्जन से ज्यादा पक्के निर्माण हैं, जो कई सालों से हटाए नहीं गए हैं।

दो साल में नालों की सफाई पर खर्च हो चुके हैं 42 लाख
पिछले वर्ष नगर पालिका ने नालों की सफाई पर करीब 20 लाख रुपये खर्च किए थे। इस बार नाला सफाई पर करीब 22 लाख रुपये खर्च हुए हैं, लेकिन शहरवासियों को जलभराव से बिल्कुल भी राहत नहीं मिली है।

100 दुकानदारों को जारी किए गए हैं नोटिस
शहर में नालों के पास जिन लोगों ने अपनी दुकानें बना रखी हैं और दुकानों से निकलने वाला कूड़ा, पन्नी, गट्ठर आदि इनमें डालते हैं। उनको चिह्नित किया गया है। पालिका प्रशासन की ओर से ऐसे करीब सौ दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। बदायूं मॉल के सामने चोक नाला खुलवा दिया गया है।


जो नालों में कूड़ा आदि डालते हैं ऐसे करीब 100 दुकानदार चिह्नित किए गए हैं। उन्हें नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा नाले पर अतिक्रमण करने वालों को जल्द चिह्नित करके नोटिस जारी किए जाएंगे। - विनय कुमार मणि त्रिपाठी, ईओ

शहर में नाले पर बनी दुकान

शहर में नाले पर बनी दुकान

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