एशियन गेम्स 2026: खेल बदला तो क्या, एशियाड का सपना नहीं; सुचिका-हर्षवीर और पिंकी फिर भारत की जर्सी में दिखेंगे
एशियाई खेलों में सुचिका तरियाल और हर्षवीर सिंह इस बार बदले हुए खेल में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। सुचिका अब मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में उतरेंगी, जबकि हर्षवीर साइकिलिंग में दम दिखाएंगे। आखिर क्या है दोनों के खेल बदलने की कहानी? आइए, जानते हैं...
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एशियाई खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करना हर खिलाड़ी का सपना होता है, लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे भी हैं जो अलग-अलग खेलों में अपनी किस्मत आजमाते हुए इस मंच तक पहुंचते हैं। भारतीय खिलाड़ी सुचिका तरियाल और हर्षवीर सिंह इस बार ऐसे ही खिलाड़ियों में शामिल हैं, जो अपने खेल बदलकर एशियाई खेलों में दोबारा देश का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं।
जूडो के बाद कुराश और अब MMA में सुचिका
36 वर्षीय सुचिका तरियाल इस बार मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) के 60 किलोग्राम भार वर्ग में भारत की चुनौती पेश करेंगी। इससे पहले वह 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
बर्मिंघम में सुचिका पदक जीतने में सफल नहीं हो सकी थीं। इसके बाद 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में उन्होंने कुराश में भारतीय जर्सी पहनी। यहां भी उन्हें पदक नहीं मिला। अब उन्होंने एक बार फिर खेल बदला है और एमएमए के जरिए एशियाई खेलों में अपनी चुनौती पेश करने के लिए तैयार हैं।
साइकिलिस्ट हर्षवीर सिंह की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। वह 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों में रोलर स्केटिंग में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस बार वह साइकिलिंग में उतरेंगे। हर्षवीर एशियाई खेलों में ओम्नियम और मैडिसन स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे। यानी एक बार फिर एशियाड में उनका सफर जारी रहेगा, लेकिन इस बार खेल और स्पर्धा दोनों अलग होंगे।
भारतीय खेलों में अलग-अलग विधाओं में हाथ आजमाने वाली खिलाड़ियों की सूची में पिंकी बलहारा का नाम भी शामिल है। पिंकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जूडो खेल चुकी हैं और जूनियर एशियाई खेलों में जूडो में पदक भी जीत चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने कुराश को अपनाया और 2018 के एशियाई खेलों में इस खेल में रजत पदक हासिल किया था। इस बार पिंकी कुराश के 78 किलोग्राम भार वर्ग में चुनौती पेश कर रही हैं।