अन्नपूर्णा योजना: पीएम के जन्मदिन पर बंगाल सरकार की खास सौगात, क्या बोले प्रधानमंत्री? अन्य योजनाएं भी गिनाईं
पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा दिवस के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब डेढ़ करोड़ महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना की चौथी किस्त जारी की। इस दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, प्रत्यक्ष बैंक हस्तांतरण, केंद्र की विभिन्न योजनाओं और बंगाल में रुकी परियोजनाओं का जिक्र किया। इस दौरान बंगाल सरकार ने एलान किया है कि राज्य में 17 सितंबर को अन्नपूर्णा दिवस मनाया जाएगा।
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पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश के जरिए संबोधित किया। उन्होंने बंगाल की माताओं और बहनों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्हें हमेशा महिलाओं से स्नेह, विश्वास और अपनापन मिला है, जो उनके लिए बड़ी शक्ति है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पावन अवसर पर बंगाल में महिलाओं के लिए एक नई परंपरा मजबूत हो रही है। अन्नपूर्णा योजना के तहत राज्य की करीब डेढ़ करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में चौथी किस्त की राशि पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं की रोजमर्रा की जरूरतों और घरेलू जिम्मेदारियों को पूरा करने में मदद मिल रही है। प्रधानमंत्री ने लोगों को विश्वकर्मा पूजा की भी शुभकामनाएं दीं।
'हर महीने ₹3000 की सीधी मदद'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि परिवार की देखभाल से लेकर रोजमर्रा के फैसलों तक माताओं और बहनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जरूरी खर्चों को लेकर उनकी चिंता कम होने से आत्मविश्वास भी बढ़ता है। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्णा योजना महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने का प्रयास है। योजना के तहत हर महीने निश्चित राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में पहुंच रही है, जिससे उन्हें आर्थिक सहायता के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ₹3000 की राशि किसी मां के बच्चे की पढ़ाई, किसी बहन की दवा या परिवार की अन्य जरूरी वस्तुओं की खरीद में मददगार हो सकती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक संसाधनों के साथ-साथ निर्णय लेने की ताकत और आगे बढ़ने का हौसला देना है।
'कोई कटमनी नहीं, कोई बिचौलिया नहीं'
प्रधानमंत्री ने कहा कि 4 मई को बंगाल ने परिवर्तन का नया रास्ता चुना और इस बदलाव में राज्य की माताओं-बहनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके अनुसार, महिलाओं ने लंबे समय तक कई कठिनाइयों का सामना किया और सुविधाओं के लिए इंतजार किया। इसलिए सरकार के सामने महिलाओं का जीवन आसान बनाना और उनका 'ईज ऑफ लिविंग' बढ़ाना प्रमुख प्राथमिकता रही। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि अन्नपूर्णा योजना के तहत बड़ी संख्या में महिलाओं के खातों में सीधे राशि पहुंच रही है। उन्होंने कहा, ''कोई कटमनी नहीं, कोई बिचौलिया नहीं।'' उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।
महिलाओं से जुड़ी योजनाओं का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की कई योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि माताओं, बहनों और बेटियों से जुड़ी समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकताओं में रहा है। उन्होंने गर्भावस्था के दौरान पोषण के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा के लिए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, स्कूलों में शौचालय निर्माण और सुकन्या समृद्धि योजना का जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी ऋण, महिलाओं के लिए बढ़े मातृत्व अवकाश, स्वयं सहायता समूहों को सहायता, उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, सौभाग्य योजना, आयुष्मान कार्ड और जनधन खातों जैसी योजनाओं को भी गिनाया। पीएम आवास योजना के तहत महिलाओं की संयुक्त भागीदारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे संपत्ति में महिलाओं का अधिकार मजबूत करने का प्रयास किया गया है।
रुकी केंद्रीय योजनाओं को गति देने का दावा
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र की कई योजनाओं का लाभ बंगाल में समय पर नहीं पहुंच पाया, जिसका नुकसान गरीब परिवारों को हुआ। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद रुकी हुई योजनाओं को गति दी गई है। पीएम आवास योजना का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल में 50 लाख से अधिक नए गरीब परिवारों की पहचान की गई है, जिन्हें पक्के घर दिए जाएंगे।उन्होंने पीएम विश्वकर्मा योजना के राज्य में लागू होने और लंबित योजनाओं तथा अटकी परियोजनाओं को गति देने का भी उल्लेख किया। संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने 'आमरा एक शंगे गड़बो नूतन बंगला' यानी 'हम सब मिलकर नया बंगाल बनाएंगे' का संदेश दिया।
विकसित बंगाल से विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देने की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने विकसित भारत का संकल्प लिया है और बंगाल की माताएं-बहनें विकास की इस यात्रा को नई गति देंगी। उन्होंने कहा कि विकसित बंगाल की क्षमता से विकसित भारत का संकल्प और मजबूत होगा। अन्नपूर्णा दिवस और विश्वकर्मा पूजा की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने महिलाओं के स्नेह और आशीर्वाद को सेवा की निरंतर प्रेरणा बताया।
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'17 सितंबर को बंगाल में मनाया जाएगा अन्नपूर्णा दिवस'
इस दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने महिलाओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन को हर वर्ष ‘अन्नपूर्णा दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा, क्योंकि महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता योजना की गारंटी प्रधानमंत्री द्वारा दी गई थी। बंगाल की भाजपा सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि पश्चिम बंगाल में किसी भी महिला को अत्याचार का सामना न करना पड़े।