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यूनिपोल में चोरी की बिजली जलाने की जांच बैठी
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बदायूं। शहर में जगह-जगह लगे होर्डिंग्स, एलईडी से जलने वाले यूनीपोल के जरिये फर्जी विज्ञापन कंपनी ने चार महीने तक शहर के नामचीन व्यापारियों से विज्ञापन के नाम पर मोटी कमाई की। इस दौरान बिजली चोरी कर पावर कॉरपोरेशन और टैक्स चोरी कर नगर पालिका को भी राजस्व का चूना लगाया। अब मामला सामने आने के बाद सत्तापक्ष बचने के रास्ते तलाश रहा है। पावर कॉरपोरेशन के एक्सईएन प्रथम प्रवेश कुमार ने बिजली चोरी के मामले में जांच बैठा दी है। हालांकि, अभी नगर पालिका की ओर से खास कार्रवाई नहीं की गई है।
नगर पालिका ने एसके इंटर कॉलेज से इंदिरा चौक तक लाखों रुपये खर्च कर डिवाइडर बनवाया था। यह डिवाइडर शुरू से ही विवादों के घेरे में रहा। डिवाइडर बनने के बाद अब इस इलाके में दिन भर जाम लगा रहे हैं। डिवाइडर बनने के बाद सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों की नजरें पावर कॉरपोरेशन और नगर पालिका को चूना लगाकर कमाई पर टिक गईं। सत्ता पक्ष से जुड़े एक शख्स ने इसके लिए फर्जी विज्ञापन कंपनी खड़ी कराई और इस विज्ञापन कंपनी के जरिये शहर के नामचीन व्यापारियों, डॉक्टरों से यूनीपोल के साथ होर्डिंग्स के लिए विज्ञापन लिए। एसके इंटर कॉलेज से लेकर इंदिरा चौक तक एलईडी यूनीपोल लगा दिए गए। पावर कॉरपोरेशन और नगर पालिका की बिना अनुमति के इन यूनीपोल का कनेक्शन भी जोड़ दिया गया। चार महीने तक विज्ञापन के नाम पर वसूली की गई।
दो दिन पहले सिटी मजिस्ट्रेट/ईओ अमित कुमार ने शहर में अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ अभियान शुरू किया तो उनकी नजर यूनीपोल पर गई। इस बारे में पता किया तो मालूम हुआ कि यूनीपोल भी अवैध हैं। यह चोरी की बिजली से चल रहे हैं। नगर पालिका से विज्ञापन कंपनी का कोई अनुबंध नहीं है। प्रशासन की ओर से कार्रवाई होती देखकर सत्ता पक्ष के लोगों ने रातों-रात खुद ही यूनीपोल उखाड़ दिए। अब यह मामला चर्चाओं में है। फिलहाल पावर कॉरपोरेशन बिजली चोरी मामले में जांच करा करा है।
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मामला सामने आने के बाद इस संबंध में जांच एसडीओ पनबडिया को दी गई है। मामले में जांच चल रही है। अगर बिजली चोरी की गई है तो नगर पालिका से वसूली कराई जाएगी। कोई दोषी सामने आएगा तो विधिक कार्रवाई भी कराएंगे। - प्रवेश कुमार, एक्सईएन विद्युत वितरण खंड प्रथम
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नगर पालिका ने एसके इंटर कॉलेज से इंदिरा चौक तक लाखों रुपये खर्च कर डिवाइडर बनवाया था। यह डिवाइडर शुरू से ही विवादों के घेरे में रहा। डिवाइडर बनने के बाद अब इस इलाके में दिन भर जाम लगा रहे हैं। डिवाइडर बनने के बाद सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों की नजरें पावर कॉरपोरेशन और नगर पालिका को चूना लगाकर कमाई पर टिक गईं। सत्ता पक्ष से जुड़े एक शख्स ने इसके लिए फर्जी विज्ञापन कंपनी खड़ी कराई और इस विज्ञापन कंपनी के जरिये शहर के नामचीन व्यापारियों, डॉक्टरों से यूनीपोल के साथ होर्डिंग्स के लिए विज्ञापन लिए। एसके इंटर कॉलेज से लेकर इंदिरा चौक तक एलईडी यूनीपोल लगा दिए गए। पावर कॉरपोरेशन और नगर पालिका की बिना अनुमति के इन यूनीपोल का कनेक्शन भी जोड़ दिया गया। चार महीने तक विज्ञापन के नाम पर वसूली की गई।
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दो दिन पहले सिटी मजिस्ट्रेट/ईओ अमित कुमार ने शहर में अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ अभियान शुरू किया तो उनकी नजर यूनीपोल पर गई। इस बारे में पता किया तो मालूम हुआ कि यूनीपोल भी अवैध हैं। यह चोरी की बिजली से चल रहे हैं। नगर पालिका से विज्ञापन कंपनी का कोई अनुबंध नहीं है। प्रशासन की ओर से कार्रवाई होती देखकर सत्ता पक्ष के लोगों ने रातों-रात खुद ही यूनीपोल उखाड़ दिए। अब यह मामला चर्चाओं में है। फिलहाल पावर कॉरपोरेशन बिजली चोरी मामले में जांच करा करा है।
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मामला सामने आने के बाद इस संबंध में जांच एसडीओ पनबडिया को दी गई है। मामले में जांच चल रही है। अगर बिजली चोरी की गई है तो नगर पालिका से वसूली कराई जाएगी। कोई दोषी सामने आएगा तो विधिक कार्रवाई भी कराएंगे। - प्रवेश कुमार, एक्सईएन विद्युत वितरण खंड प्रथम