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Budaun News: मक्का का सरकारी रेट 2400, आढ़तों पर किसान बेच रहे 2000 रुपये में

Sun, 05 Jul 2026 01:34 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2026 01:34 AM IST
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The government rate for maize is 2,400, yet farmers are selling it at commission agent shops for 2,000.
बिल्सी मंडी समिति परिसर स्थित सरकारी मक्का क्रय केंद्र शनिवार को ही खुला। मक्का के बोरे को सिलत
बदायूं। जिले में इस बार मक्का की बंपर पैदावार है। राज्य सरकार ने भी मक्का खरीद के लिए 2400 रुपये प्रति क्विंटल का भाव घोषित किया हुआ है, बावजूद इसके मंडियों में बनाए गए सरकारी केंद्र सूने पड़े हैं, वहीं 400 रुपये रुपये प्रति क्विंटल के नुकसान पर किसानों की भीड़ आढ़तों पर जुट रही है। किसानों के मुताबिक, इसका सबसे बड़ा कारण केंद्र प्रभारियों द्वारा गुणवत्ता खराब बताते हुए उपज को खारिज किया जाना है। वहीं दूसरा कारण केंद्रों पर उपज बेचने से पहले पंजीकरण कराना है।
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अमर उजाला ने शनिवार को बदायूं मंडी, उझानी मंडी, वजीरगंज मंडी, बिसौली मंडी, बिल्सी मंडी, दातागंज मंडी व सहसवान मंडी में खोले गए सभी 19 क्रय केंद्रों की पड़ताल की। इन सभी केंद्रों पर डीएम अवनीश राय की ओर से मक्का की खरीद शुरू कराई गई है। 15 जून से खरीद शुरू होने का दावा किया जा रहा है। जिले को 2050 मीट्रिक टन लक्ष्य मिला है। अब तक जनपद के सभी केंद्रों पर करीब 500 क्विंटल खरीद की गई है।
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शनिवार को बिल्सी मंडी समिति परिसर में स्थित सरकारी मक्का क्रय केंद्र की शुरूआत हुई। पहली तौल रियोनई गांव के किसान बेनीराम की 51 क्विंटल मक्का की हुई। शाम तक 151 क्विंटल मक्का खरीदी जा चुकी थी। केंद्र प्रभारी वैभव कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष केंद्र को 2500 क्विंटल मक्का खरीदने का लक्ष्य मिला है।
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उझानी मंडी समिति परिसर में खुला सरकारी क्रय केंद्र शनिवार को बंद मिला। टिनशेड में तीन दिन पहले यहां खरीद हुई थी। इस क्रय केंद्र पर अब तक 120 क्विंटल मक्का की खरीद हुई है। केंद्र प्रभारी भी नहीं मिले। इसके विपरीत मंडी में आढ़तों पर बंपर मक्का की खरीद चल रही है। मंडी सचिव रिंकू कुमार ने बताया कि इस सीजन में मंडी के आढ़तियों पर अब तक साढ़े सात लाख क्विंटल मक्का की तौल हो चुकी है।
वजीरगंज मंडी परिसर स्थित सरकारी मक्का क्रय केंद्र को 15 जून से खोले जाने का दावा है, लेकिन मक्का की खरीद अब तक 28.50 क्विंटल ही हुई है। यह केंद्र राजकमल नाम से अलॉट है।
दातागंज मंडी परिसर में खुले सरकारी क्रय केंद्र पर शासन के निर्देश पर मक्का खरीद शुरू कराने का दावा किया गया है। केंद्र प्रभारी मधु यादव मौजूद मिलीं। उन्होंने बताया कि अब तक 113 क्विंटल मक्का की खरीद की गई है। अब तक ऑनलाइन खरीद नहीं हुई है, सिर्फ ऑफलाइन ही की जा रही है। ऑनलाइन खरीद जल्द शुरू होने का दावा किया। कहा, दागी और भीगी मक्का लेकर किसान न आएं।
बिसौली मंडी में अब तक 44 क्विंटल मक्का की खरीद की जा चुकी है। केंद्र प्रभारी टिंकू दास ने बताया कि मक्का बेचने के लिए किसान को ऑनलाइन पंजीकरण कराना है। लेखपाल सत्यापन करेगा। सत्यापित दस्तावेज केंद्र पर पहुंचने के बाद मक्का का नमूना लिया जाता है। निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरने के बाद मक्का खरीद होती है।

किसान बोले- आढ़तों पर मक्का बेचना मजबूरी
उझानी। कृषि उत्पादन मंडी समिति में मक्का बेचकर घर लौट रहे अथइया निवासी चंद्रपाल ने बताया कि कौन किसान ऐसा होगा जो सस्ते में मक्का बेचना चाहेगा। उन्हें आढ़त पर मक्का का भाव 21 सौ रुपये प्रति क्विंटल मिला। हालांकि परिसर में मक्का क्रय केंद्र था, लेकिन वह केंद्र की तरफ नहीं गए। बोले- सरकारी भाव 24 सौ रुपये प्रति क्विंटल जरूर है, लेकिन मक्का बेचने से पहले रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक है। बुर्राफरीदपुर निवासी रमनेश यादव के खेत में हाईब्रिड मक्का की अच्छी पैदावार हुई। बोले- तीन दिन पहले उन्हें मंडी में दो हजार रुपये प्रति क्विंटल के रेट से मक्का बेचनी पड़ी। वह पहले गए तो क्रय केंद्र पर थे, लेकिन कोई कर्मचारी नहीं मिला। पल्लेदार ने कहा, रजिस्ट्रेशन कराकर आना, जो हमने कराया नहीं था। किसानों के मुताबिक, रजिस्ट्रेशन कराना मुश्किल काम नहीं है। क्रय केंद्र के चक्कर काटने के बाद भी मक्का को गुणवत्ता के नाम पर फेल कर दिया जाना बड़ी दिक्कत है। संवाद



मंडी में नहीं खुला क्रय केंद्र, बोर्ड भी नहीं लगाया
बदायूं। खरीद शुरू होने के 19 दिन बाद भी बदायूं मंडी स्थित सरकारी क्रय केंद्र पर न तो सूचना बोर्ड लगाया गया है, न ही खरीद ही शुरू हुई है। अब तक एक भी क्विंटल मक्का की खरीद नहीं हुई है, जबकि अधिकांश किसान उपज निजी आढ़तियों को एमएसपी से कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं। किसान महेश गुप्ता, रामचंद्र का कहना है कि यदि समय पर खरीद शुरू हो जाती तो उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकता था। वहीं, मंडी में जहां पर सरकारी क्रय केंद्र खुला है। उससे महज 70 से 80 मीटर दूरी पर मक्का खरीद के लिए आढ़तियों की दुकानें हैं। एक ओर जहां पर सरकारी क्रय केंद्र पर 19 दिन बाद भी एक दाना नहीं खरीदा गया है, वहीं आढ़तियों के यहां मक्का से भरे कट्टों के ढेर लगे हैं। संवाद



खरीद बढ़ाने के लिए संबंधितों को निर्देश दिए गए हैं। कहीं-कहीं बैनर न लगे होने की शिकायतें आ रहीं हैं, जिसका पता लगाया जा रहा है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। - एडी शर्मा, प्रभारी डिप्टी आरएमओ

बिल्सी मंडी समिति परिसर स्थित सरकारी मक्का क्रय केंद्र शनिवार को ही खुला। मक्का के बोरे को सिलत

बिल्सी मंडी समिति परिसर स्थित सरकारी मक्का क्रय केंद्र शनिवार को ही खुला। मक्का के बोरे को सिलत

बिल्सी मंडी समिति परिसर स्थित सरकारी मक्का क्रय केंद्र शनिवार को ही खुला। मक्का के बोरे को सिलत

बिल्सी मंडी समिति परिसर स्थित सरकारी मक्का क्रय केंद्र शनिवार को ही खुला। मक्का के बोरे को सिलत

बिल्सी मंडी समिति परिसर स्थित सरकारी मक्का क्रय केंद्र शनिवार को ही खुला। मक्का के बोरे को सिलत

बिल्सी मंडी समिति परिसर स्थित सरकारी मक्का क्रय केंद्र शनिवार को ही खुला। मक्का के बोरे को सिलत

बिल्सी मंडी समिति परिसर स्थित सरकारी मक्का क्रय केंद्र शनिवार को ही खुला। मक्का के बोरे को सिलत

बिल्सी मंडी समिति परिसर स्थित सरकारी मक्का क्रय केंद्र शनिवार को ही खुला। मक्का के बोरे को सिलत

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