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अव्यवस्थाओं का दूसरा नाम जिला अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो/ बदायूं
Updated Sat, 20 May 2017 11:49 PM IST
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-ओपीडी में रोज पहुंच रहे 1200 से ज्यादा मरीज, स्थित बदतर
-अस्पताल की ओपीडी से लापता रहते हैं ज्यादातर डॉक्टर
सरकार की प्रथामिकता है कि प्रदेश में स्वास्थ सेेवाएं बाधित न हों,लेकिन बदायूं के जिला अस्पताल में इसका कोई असर नहीं है। सरकार भले फ्री दवा देने का वादा कर रही हो,लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत इतर है। बदायूं का जिला अस्पताल दवाओं की किल्लत के साथ अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। मरीज से लेकर तीमारदार तक परेशान हैं।
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ओपीडी में लग रही मरीजों की लाइन
बदायूं। जिला अस्पताल की ओपीडी से ज्यादातर डॉक्टरों के नदारद रहने की वजह से यहां मरीजों की लाइन लगी रहती है। दवा स्टोर को भी मुख्य स्टोर से पर्याप्त दवाओं की सप्लाई नहीं दी जाती। एक मरीज को पांच दिन की दवा दी जाती है। दवाओं की किल्लत होने की वजह से दो या तीन दिन की दवा देकर मरीजों को टरका दिया जाता है। जिला अस्पताल में 40 से ज्यादा दवाओं का अभाव है। ऐसे में डॉक्टरों को बाहर की दवाएं भी लिखनी पड़ रही हैं।
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एंबुलेंस भी हो गई खटारा
बदायूं। बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के बीच एंबुलेंस भी खटारा हो गई है। कई बार फोन करने के बादभी एंबुलेंस नहीं पहुंचती। ऐसे में लोगों की जान पर बन आती है। रख-रखाव ठीक से न होने की वजह से ऐसा हो रहा है।
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-अस्पताल की ओपीडी से लापता रहते हैं ज्यादातर डॉक्टर
सरकार की प्रथामिकता है कि प्रदेश में स्वास्थ सेेवाएं बाधित न हों,लेकिन बदायूं के जिला अस्पताल में इसका कोई असर नहीं है। सरकार भले फ्री दवा देने का वादा कर रही हो,लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत इतर है। बदायूं का जिला अस्पताल दवाओं की किल्लत के साथ अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। मरीज से लेकर तीमारदार तक परेशान हैं।
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ओपीडी में लग रही मरीजों की लाइन
बदायूं। जिला अस्पताल की ओपीडी से ज्यादातर डॉक्टरों के नदारद रहने की वजह से यहां मरीजों की लाइन लगी रहती है। दवा स्टोर को भी मुख्य स्टोर से पर्याप्त दवाओं की सप्लाई नहीं दी जाती। एक मरीज को पांच दिन की दवा दी जाती है। दवाओं की किल्लत होने की वजह से दो या तीन दिन की दवा देकर मरीजों को टरका दिया जाता है। जिला अस्पताल में 40 से ज्यादा दवाओं का अभाव है। ऐसे में डॉक्टरों को बाहर की दवाएं भी लिखनी पड़ रही हैं।
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एंबुलेंस भी हो गई खटारा
बदायूं। बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के बीच एंबुलेंस भी खटारा हो गई है। कई बार फोन करने के बादभी एंबुलेंस नहीं पहुंचती। ऐसे में लोगों की जान पर बन आती है। रख-रखाव ठीक से न होने की वजह से ऐसा हो रहा है।
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