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Budaun News: मयंक के पुलिस कनेक्शन की खुफिया जांच शुरू
Sun, 30 Aug 2026 02:23 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 30 Aug 2026 02:23 AM IST
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बदायूं। दुष्कर्म के केस में फंसे दो भाइयों को बचाने के एवज में सीओ सिटी के नाम पर 1.40 लाख रुपये वसूले जाने के प्रकरण के मुख्य आरोपी अमन उर्फ मयंक शर्मा के पुलिस कनेक्शन की खुफिया जांच की जा रही है। इसमें यह जांच की जा रही है कि ऐसे कितने मामलों में रुपये वसूले गए और पुलिस महकमे के किन-किन लोगों तक हिस्सेदारी पहुंचती थीं। इसमें लोकल एजेंसियां भी अपने स्तर से जांच कर रही हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां अमन के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य संपर्कों को खंगाल रही हैं। विशेष रूप से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह पुलिस विभाग के किस व्यक्ति से संपर्क में था और किन मामलों में बातचीत करता था। इसके अलावा वसूली से हासिल रकम में से किसे हिस्सा दिया जाना था, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियों का फोकस इस बात पर भी है कि अमन अकेले ही लोगों पर दबाव बनाकर रुपये वसूलता था या उसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।
पुलिस अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों के साथ उसके फोटो सामने आने के बाद इस पहलू को भी गंभीरता से देखा जा रहा है। जांच में यदि किसी पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके संबंध में भी कार्रवाई की दिशा तय हो सकती है। हालांकि, खुफिया जांच अभी प्रारंभिक स्तर पर है। एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि इसमें आरोपियों के साथियों की भी जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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इनके विरुद्ध दर्ज हुई थी रिपोर्ट
इस केस में अमन उर्फ मंयक शर्मा, अजय शर्मा और अंकुर उपाध्याय के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई। बाद में जांच में शिव कुमार शर्मा का नाम भी सामने आया था। इस मामले में अभी तक अमन उर्फ मयंक शर्मा, अजय शर्मा के साथ शिव कुमार को जेल भेजा जा चुका है। जबकि अंकुर उपाध्याय अभी तक भागा हुआ है।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां अमन के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य संपर्कों को खंगाल रही हैं। विशेष रूप से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह पुलिस विभाग के किस व्यक्ति से संपर्क में था और किन मामलों में बातचीत करता था। इसके अलावा वसूली से हासिल रकम में से किसे हिस्सा दिया जाना था, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियों का फोकस इस बात पर भी है कि अमन अकेले ही लोगों पर दबाव बनाकर रुपये वसूलता था या उसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।
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पुलिस अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों के साथ उसके फोटो सामने आने के बाद इस पहलू को भी गंभीरता से देखा जा रहा है। जांच में यदि किसी पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके संबंध में भी कार्रवाई की दिशा तय हो सकती है। हालांकि, खुफिया जांच अभी प्रारंभिक स्तर पर है। एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि इसमें आरोपियों के साथियों की भी जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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इनके विरुद्ध दर्ज हुई थी रिपोर्ट
इस केस में अमन उर्फ मंयक शर्मा, अजय शर्मा और अंकुर उपाध्याय के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई। बाद में जांच में शिव कुमार शर्मा का नाम भी सामने आया था। इस मामले में अभी तक अमन उर्फ मयंक शर्मा, अजय शर्मा के साथ शिव कुमार को जेल भेजा जा चुका है। जबकि अंकुर उपाध्याय अभी तक भागा हुआ है।