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नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को 15 साल का सश्रम कारावास
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बदायूं। नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म करने वाले युवक को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट रमाशंकर सिंह ने मुजरिम ठहराते हुए 15 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 67 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
नाबालिग छात्रा के पिता की ओर से लिखाई गई रिपोर्ट के मुताबिक उनकी 14 वर्षीय पुत्री उझानी के स्कूल में कक्षा नौ की छात्रा थी। 21 अगस्त 2016 को वह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। देर शाम तक वह घर नहीं लौटी तो परिवार को अनहोनी की आशंका हुई। परिवारवालों ने खोजबीन की तो एक परिचित ने उन्हें बताया कि उनकी पुत्री को उसने थाना उझानी के गांव अढौली के विक्रम के साथ जाते देखा था, जिस पर पिता ने विक्रम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने विक्रम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। पुलिस ने विक्रम की संलिप्तता पाते हुए उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट रमाशंकर सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद विक्रम को नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म करने के मामले में दोषी ठहराया। कोर्ट ने विक्रम को 15 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 67 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। अभियोजन की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मदनलाल राजपूत ने बताया कि मामले में ‘मिशन अभियोजन शक्ति’ सप्ताह के तहत पैरवी की गई थी।
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नाबालिग छात्रा के पिता की ओर से लिखाई गई रिपोर्ट के मुताबिक उनकी 14 वर्षीय पुत्री उझानी के स्कूल में कक्षा नौ की छात्रा थी। 21 अगस्त 2016 को वह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। देर शाम तक वह घर नहीं लौटी तो परिवार को अनहोनी की आशंका हुई। परिवारवालों ने खोजबीन की तो एक परिचित ने उन्हें बताया कि उनकी पुत्री को उसने थाना उझानी के गांव अढौली के विक्रम के साथ जाते देखा था, जिस पर पिता ने विक्रम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने विक्रम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। पुलिस ने विक्रम की संलिप्तता पाते हुए उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट रमाशंकर सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद विक्रम को नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म करने के मामले में दोषी ठहराया। कोर्ट ने विक्रम को 15 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 67 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। अभियोजन की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मदनलाल राजपूत ने बताया कि मामले में ‘मिशन अभियोजन शक्ति’ सप्ताह के तहत पैरवी की गई थी।
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