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खराब रहते हैं 80 से अधिक नलकूप

Thu, 04 Jun 2015 11:26 PM IST
बदायूं।
बदायूं। Updated Thu, 04 Jun 2015 11:26 PM IST
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Poor live more than 80 wells
 रबी की फसल तबाह होने के बाद अब खरीफ की फसल पर ही किसान निर्भर है। सिंचाई का जिले में सबसे बड़ा संसाधन नलकूप ही हैं। जिले के 1201 नलकूपों में 80 से अधिक नलकूप खराब रहते हैं। सिंचाई विभाग का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में इतने नलकूप तो खराब हो ही जाते हैं।
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मौजूदा समय जब खरीफ फसलों की बोवाई का समय है। 82 नलकूप खराब हैं। यह संख्या कागजी है और सिंचाई विभाग के रिकार्ड में है। इससे अधिक नलकूप खराब हो सकते हैं। इसमें 42 नलकूप विद्युत दोष से तो 40 यांत्रिक गड़बड़ी से खराब हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारी कहते हैं कि बिजली की वोल्टेज के कारण नलकूपों में अधिक गड़बड़ियां होती हैं। वहीं बिजली विभाग मानता है कि अब लाइनें दुरुस्त हो चुकी हैं। ऐसी समस्या लगभग खत्म हो चुकी है। दोनों विभागों में सामंजस्य की भी कमी है। सामंजस्य रहे तो खराब बने रहने वाले नलकूपों की संख्या में कमी आ सकती है। इस समय जब किसान रबी की फसल में तबाह हो चुका है। उसकी खरीफ की फसल ठीक रहे। इसके लिए सिंचाई की व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए।
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दो श्रेणी के हैं नलकूप
वर्ष 2007 से पहले जिले में करीब 800 नलकूप बने थे। इनकी सिंचाई क्षमता प्रति नलकूप 100 हेक्टेयर है। वहीं इसके बाद बने प्रति नलकूप की सिंचाई की क्षमता 50 हेक्टेयर है। 1201 नलकूपों में खराब होने वाले नलकूपों पर ही आधारित है कि कितने हेक्टेयर कम सिंचाई हो पा रही है।
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16 घंटा बिजली पर आधारित है सिंचित रकवा  
जिले में नलकूपों की सिंचाई का रकवा 16 घंटा बिजली के शेड्यूल पर आधारित है। जिले में ग्रामीण क्षेत्र में 4-5 घंटे से अधिक बिजली नहीं रह पाती। ऐसे हालातों में सिंचित रकवा भी कम होगा। बिजली कम मिलने के कारण नलकूपों पर आधारित किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई को मुस्कि लों का सामना करना पड़ेगा।

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सरकारी नलकूपों का विवरण
कुल नलकूपों की संख्या-1201
नलकूप खंड प्रथम पर नलकूप-  376
नलकूप खंड द्वितीय पर नलकूप- 424
नलकूप खंड तृतीय पर नलकूप-  401
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खराब नलकूप कुल  82
तकनीकी खराबी से 40
बिजली खराबी से   42
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फेल नलकूपों की संख्या- 77
तीन साल में नए बने नलकूप- 51
रीबोर कराकर चालू किए नलकूप- 39
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नलकूपों से सिंचाई को विशेष रूप से बिजली की आपूर्ति सुचारू होनी चाहिए। खराब नलकूपों की मरम्मत का काम निरंतर चलता है। इस बार भी नलकूप दुरुस्त रहें इसके लिए रणनीति बनाकर काम किया जाएगा।
- गिरीश चंद्र, एक्सईएन नलकूप खंड प्रथम
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