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Budaun News: फार्मासिस्ट ने रुपये लेकर नहीं दिलाया ब्लड, डॉक्टर ने मरीज को किया डिस्चार्ज
Sun, 16 Jun 2024 04:04 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 16 Jun 2024 04:04 AM IST
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जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद
बदायूं। जिला अस्पताल के कर्मचारी पर भर्ती मरीज के तीमारदार ने दो यूनिट ब्लड के नाम पर नौ हजार पांच सौ रुपये लेने का आरोप लगाया है। यह मामला सीएमएस तक मामला पहुंचा तो उन्होंने संज्ञान लेते हुए जांच बैठाई है। जांच के बाद कर्मचारी पर कार्रवाई हो सकती है।
कादरचौक गांव के रहने वाले चंद्रपाल को गंभीर बीमारी है, उनके बेटे विपिन ने जिला अस्पताल में उन्हें 12 जून को भर्ती कराया था। जिला अस्पताल में डॉक्टर ने उनको ब्लड कम होने पर व्यवस्था कराने के लिए कहा। बेटे ने ब्लड बैंक न जाकर अस्पताल के ही एक फार्मासिस्ट से ब्लड के बारे में बात की। आरोप है कि कर्मचारी ने पांच हजार यूनिट के हिसाब से ब्लड दिलाने की बात कही जिस पर तीमारदार ने कर्मचारी को 9500 रुपये दे दिए।
इधर, वार्ड में मरीज देखने पहुंचे डॉक्टर ने तीन दिन बाद भी ब्लड की व्यवस्था न होने पर मरीज को डिस्चार्ज कर दिया। पीड़ित ने जिम्मेदारों से शिकायत की। इस मामले में सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह ने संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू की है।
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उधर, पीड़ित विपिन अपने बीमार पिता को लेकर कादरचौक के किसी निजी अस्पताल चला गया। सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह का कहना है कि पीड़ित के माध्यम से नहीं लेकिन मामले की जानकारी सुबूत समेत मिली है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। दोनों पक्षों से बात करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस तरह के कृत्य करने वाले कर्मचारी को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। संवाद
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कादरचौक गांव के रहने वाले चंद्रपाल को गंभीर बीमारी है, उनके बेटे विपिन ने जिला अस्पताल में उन्हें 12 जून को भर्ती कराया था। जिला अस्पताल में डॉक्टर ने उनको ब्लड कम होने पर व्यवस्था कराने के लिए कहा। बेटे ने ब्लड बैंक न जाकर अस्पताल के ही एक फार्मासिस्ट से ब्लड के बारे में बात की। आरोप है कि कर्मचारी ने पांच हजार यूनिट के हिसाब से ब्लड दिलाने की बात कही जिस पर तीमारदार ने कर्मचारी को 9500 रुपये दे दिए।
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इधर, वार्ड में मरीज देखने पहुंचे डॉक्टर ने तीन दिन बाद भी ब्लड की व्यवस्था न होने पर मरीज को डिस्चार्ज कर दिया। पीड़ित ने जिम्मेदारों से शिकायत की। इस मामले में सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह ने संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू की है।
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उधर, पीड़ित विपिन अपने बीमार पिता को लेकर कादरचौक के किसी निजी अस्पताल चला गया। सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह का कहना है कि पीड़ित के माध्यम से नहीं लेकिन मामले की जानकारी सुबूत समेत मिली है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। दोनों पक्षों से बात करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस तरह के कृत्य करने वाले कर्मचारी को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। संवाद

जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद

जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद