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लगातार निकल रहे डेंगू के मामले, मेडिकल कॉलेज में ही पल रहा मच्छरों का लार्वा
सार
मच्छरजनित बीमारियों के लिहाज से जिला हाईरिस्क श्रेणी में है।इस बार भी मलेरिया के साथ डेंगू के मरीज लगातार मिल रहे हैं।मेडिकल कॉलेज के डेंगू वार्ड में मच्छरदानी तक नहीं हैं।मलेरिया विभाग की ओर से इस संबंध में कॉलेज प्रशासन को लिखा भी गया है।
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मेडिकल कॉलेज में ओपीडी के पास बेसमेंट में भरा पानी। संवाद
- फोटो : BADAUN
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विस्तार
बदायूं। मच्छरजनित बीमारियों के लिहाज से जिला हाईरिस्क श्रेणी में है। इस बार भी मलेरिया के साथ डेंगू के मरीज लगातार मिल रहे हैं। हाल ही में राजकीय मेडिकल कॉलेज के दो कर्मचारियों को भी डेंगूू ने चपेट में ले लिया। इसके बाद भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा। यहां तो ओपीडी के पास बेसमेंट में ही मच्छरों का लार्वा पनप रहा है।
शहर के नई सराय में शनिवार को दो और खेड़ा नवादा में डेंगू का एक मरीज मिला था। इससे पहले नेकपुर मोहल्ले में एक मरीज मिल चुका है। इस बीच राजकीय मेडिकल कॉलेज के दो कर्मचारी भी डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। मलेरिया विभाग की टीम ने जब मेडिकल कॉलेज का जायजा लिया तो पता चला कि यहां कई स्थानों पर लार्वा पनप रहा है। दरअसल, बेसमेंट में पानी भरा है और कॉलेज के मेडिसिन, एकेडमिक, ओपीडी, टीवी रोग विभागों में पास गंदगी के ढेर लगे हैं। मेडिकल कॉलेज के डेंगू वार्ड में मच्छरदानी तक नहीं हैं।
मलेरिया विभाग की ओर से इस संबंध में कॉलेज प्रशासन को लिखा भी गया है। इसके बाद भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अब तक ध्यान नहीं दिया है। बेसमेंट में पानी के साथ अब भी जगह-जगह पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। गौर करने की बात यह है कि मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना तीन से चार हजार मरीज पहुंच रहे हैं। यहां एमबीबीएस छात्र-छात्राओं के साथ डॉक्टरों और स्टाफ के आवास भी हैं। ऐसे में डेंगू का प्रकोप बढ़ने पर खतरा हो सकता है।
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हाल ही में मेडिकल कॉलेज में डेंगू के दो मरीज निकले थे। इसके बाद मलेरिया विभाग की टीम ने यहां दवाओं के छिड़काव के साथ फॉगिंग कराई। कई स्थानों पर बेसमेंट में पानी भरा हुआ है। वहां लार्वा पनप रहा है। निर्माणाधीन भवन के आसपास जायदा बुुरे हालात हैं। लार्वा न पनपे, इसके लिए जरूरी है कि ठहरा हुआ पानी नहीं होना चाहिए।
- योगेश सारस्वत, जिला मलेरिया अधिकारी
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शहर के नई सराय में शनिवार को दो और खेड़ा नवादा में डेंगू का एक मरीज मिला था। इससे पहले नेकपुर मोहल्ले में एक मरीज मिल चुका है। इस बीच राजकीय मेडिकल कॉलेज के दो कर्मचारी भी डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। मलेरिया विभाग की टीम ने जब मेडिकल कॉलेज का जायजा लिया तो पता चला कि यहां कई स्थानों पर लार्वा पनप रहा है। दरअसल, बेसमेंट में पानी भरा है और कॉलेज के मेडिसिन, एकेडमिक, ओपीडी, टीवी रोग विभागों में पास गंदगी के ढेर लगे हैं। मेडिकल कॉलेज के डेंगू वार्ड में मच्छरदानी तक नहीं हैं।
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मलेरिया विभाग की ओर से इस संबंध में कॉलेज प्रशासन को लिखा भी गया है। इसके बाद भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अब तक ध्यान नहीं दिया है। बेसमेंट में पानी के साथ अब भी जगह-जगह पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। गौर करने की बात यह है कि मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना तीन से चार हजार मरीज पहुंच रहे हैं। यहां एमबीबीएस छात्र-छात्राओं के साथ डॉक्टरों और स्टाफ के आवास भी हैं। ऐसे में डेंगू का प्रकोप बढ़ने पर खतरा हो सकता है।
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हाल ही में मेडिकल कॉलेज में डेंगू के दो मरीज निकले थे। इसके बाद मलेरिया विभाग की टीम ने यहां दवाओं के छिड़काव के साथ फॉगिंग कराई। कई स्थानों पर बेसमेंट में पानी भरा हुआ है। वहां लार्वा पनप रहा है। निर्माणाधीन भवन के आसपास जायदा बुुरे हालात हैं। लार्वा न पनपे, इसके लिए जरूरी है कि ठहरा हुआ पानी नहीं होना चाहिए।
- योगेश सारस्वत, जिला मलेरिया अधिकारी