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महाप्रबंधक का रोडवेज डिपो पर छापा
बदायूं।
Updated Mon, 18 Sep 2017 12:07 AM IST
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बस
- फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। महाप्रबंधक और सेवा प्रबंधक ने रविवार को अचानक यहां रोडवेज डिपो जा पहुंचे। उन्होंने वर्कशाप में खड़ी निगम की बसों में खामियां मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई। हालांकि उन्होंने चालक और परिचालकों से उनकी समस्याएं के बारे में नहीं पूछा।
रविवार शाम परिवहन निगम के महाप्रबंधक अताउर रहमान, सेवा प्रबंधक आरबीएल शर्मा बदायूं डिपो का निरीक्षण करने पहुंचे थे। अधिकारियों के आने की सूचना पहले ही यहां पहुंच चुकी थी, जिससे व्यवस्थाएं लगभग दुरुस्त कर ली गई थीं। यहां डिपो में पहुंचने पर जीएम अताउर रहमान ने एआरएम राजेश कुमार से डिपो और वर्कशाप की स्थित की जानकारी ली। बताया गया कि सब कुछ ठीक है। इसके बाद वह टीम के साथ वर्कशाप का निरीक्षण करने पहुंचे। वर्कशाप के बाहर फैला गंदा पानी और गंदगी के ढेर को नजर अंदाज करते हुए वह बसों की बदहाल स्थिति का जायजा लेने पहुंच गए। बसों में लगे वाइपन चलवाकर देखे गए, टूटे शीशे की मरम्मत के लिए कहा गया। फोरमेन से बसों की स्थिति के बाद में पूछा गया तो सब कुछ ठीक बताया। करीब आधे घंटे निरीक्षण हुआ इस दौरान किसी भी अधिकारी ने चालक और परिचालकों से उनकी समस्या के बारे में नहीं पूछा। परिचालक अपनी बात अधिकारियों के सामने रखने को भटकते रहे लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। डिपो के कर्मचारी ने बताया कि निरीक्षण करनेअधिकारी आते रहते है, लेकिन रोडवेज बसों की बदहाल स्थिति पर हमेशा खामोशी बरकरार रहती है।
रविवार शाम परिवहन निगम के महाप्रबंधक अताउर रहमान, सेवा प्रबंधक आरबीएल शर्मा बदायूं डिपो का निरीक्षण करने पहुंचे थे। अधिकारियों के आने की सूचना पहले ही यहां पहुंच चुकी थी, जिससे व्यवस्थाएं लगभग दुरुस्त कर ली गई थीं। यहां डिपो में पहुंचने पर जीएम अताउर रहमान ने एआरएम राजेश कुमार से डिपो और वर्कशाप की स्थित की जानकारी ली। बताया गया कि सब कुछ ठीक है। इसके बाद वह टीम के साथ वर्कशाप का निरीक्षण करने पहुंचे। वर्कशाप के बाहर फैला गंदा पानी और गंदगी के ढेर को नजर अंदाज करते हुए वह बसों की बदहाल स्थिति का जायजा लेने पहुंच गए। बसों में लगे वाइपन चलवाकर देखे गए, टूटे शीशे की मरम्मत के लिए कहा गया। फोरमेन से बसों की स्थिति के बाद में पूछा गया तो सब कुछ ठीक बताया। करीब आधे घंटे निरीक्षण हुआ इस दौरान किसी भी अधिकारी ने चालक और परिचालकों से उनकी समस्या के बारे में नहीं पूछा। परिचालक अपनी बात अधिकारियों के सामने रखने को भटकते रहे लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। डिपो के कर्मचारी ने बताया कि निरीक्षण करनेअधिकारी आते रहते है, लेकिन रोडवेज बसों की बदहाल स्थिति पर हमेशा खामोशी बरकरार रहती है।
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